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तंबाकू का सेवन करने वालों की घर-घर जाकर होगी गिनती
Updated Thu, 06 Sep 2018 12:10 AM IST
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सहारनपु्र। जिले में तंबाकू खाने वालों की अब घर-घर जाकर गिनती की जाएगी। एनजीओ के माध्यम से तंबाकू खाने वालों का सर्वे कराने की तैयारी है। एक अनुमान के मुताबिक शहर से ज्यादा देहात क्षेत्र में तंबाकू उत्पादों का ज्यादा प्रयोग होता है। जिले भर में 12 प्रतिशत महिलाओं के तंबाकू का प्रयोग करने का अनुमान है।
एक साल पहले गठित किए गए तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के पास तंबाकू उत्पाद प्रयोग के सही आंकड़े नहीं है। उपलब्ध संसाधनों से अब तक जुटाए गए आंकड़ों में शहर के खाताखेड़ी, माहीपुरा, अमन पैलेस, खलासी लाइन, जाटोवाला और 62 फुटा रोड पर तंबाकू प्रयोग के लिहाज से सबसे संवेदनशील माना जाता है। देहात के सरसावा, गंगोह, नागल, देवबंद, बेहट, बिहारीगढ़ क्षेत्र तंबाकू के उपयोग को लेकर सबसे संवेदनशील हैं। तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के जिला सलाहकार मुदस्सर अली ने बताया कि प्रकोष्ठ के पास तंबाकू खाने वाले उन्हीं लोगों की जानकारी है, जो खुद संपर्क में आए हैं या फिर प्रकोष्ठ कर्मचारियों द्वारा चिह्नित हैं। एनजीओ के माध्यम से घर-घर जाकर यह सर्वे कराया जाएगा कि जिले में कितने लोग तंबाकू का सेवन करते हैं। यह भी पूछा जाएगा कि उनकी उम्र कितनी है और कब से तंबाकू का सेवन कर रहे हैं। पूरी सर्वे रिपोर्ट आने के बाद आगामी रणनीति बनाई जाएगी।
256 लोग ही छोड़ पाए तंबाकू
एक साल में तंबाकू खाने वाले 4489 लोग खुद नियंत्रण प्रकोष्ठ के संपर्क में आए, जबकि 4729 लोगों से प्रकोष्ठ ने खुद संपर्क साधा है। प्रकोष्ठ के जिला सलाहकार मुदस्सर अली का कहना है कि तंबाकू उन्मूलन केन्द्र के माध्यम से एक साल में 256 लोगों का तंबाकू का सेवन बंद कराया गया। इसके अलावा काफी लोग तंबाकू छोड़ने की तैयारी में है।
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पुलिस को किया जाएगा प्रशिक्षित
तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की तरफ से थाना प्रभारियों को एक दिन की ट्रेनिंग दी जाएगी। यह ट्रेनिंग जिलाधिकारी की अगुवाई में होगी, जिसमें पुलिस को कोटपा के तहत होने वाली कार्रवाई की जानकारी दी जाएगी। ट्रेनिंग के बाद पुलिस को चालानी रसीद सुपुर्द की जाएगी, जिसमें सार्वजनिक रुप से तंबाकू का सेवन करने वालों से 200 रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा।
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एक साल पहले गठित किए गए तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के पास तंबाकू उत्पाद प्रयोग के सही आंकड़े नहीं है। उपलब्ध संसाधनों से अब तक जुटाए गए आंकड़ों में शहर के खाताखेड़ी, माहीपुरा, अमन पैलेस, खलासी लाइन, जाटोवाला और 62 फुटा रोड पर तंबाकू प्रयोग के लिहाज से सबसे संवेदनशील माना जाता है। देहात के सरसावा, गंगोह, नागल, देवबंद, बेहट, बिहारीगढ़ क्षेत्र तंबाकू के उपयोग को लेकर सबसे संवेदनशील हैं। तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के जिला सलाहकार मुदस्सर अली ने बताया कि प्रकोष्ठ के पास तंबाकू खाने वाले उन्हीं लोगों की जानकारी है, जो खुद संपर्क में आए हैं या फिर प्रकोष्ठ कर्मचारियों द्वारा चिह्नित हैं। एनजीओ के माध्यम से घर-घर जाकर यह सर्वे कराया जाएगा कि जिले में कितने लोग तंबाकू का सेवन करते हैं। यह भी पूछा जाएगा कि उनकी उम्र कितनी है और कब से तंबाकू का सेवन कर रहे हैं। पूरी सर्वे रिपोर्ट आने के बाद आगामी रणनीति बनाई जाएगी।
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256 लोग ही छोड़ पाए तंबाकू
एक साल में तंबाकू खाने वाले 4489 लोग खुद नियंत्रण प्रकोष्ठ के संपर्क में आए, जबकि 4729 लोगों से प्रकोष्ठ ने खुद संपर्क साधा है। प्रकोष्ठ के जिला सलाहकार मुदस्सर अली का कहना है कि तंबाकू उन्मूलन केन्द्र के माध्यम से एक साल में 256 लोगों का तंबाकू का सेवन बंद कराया गया। इसके अलावा काफी लोग तंबाकू छोड़ने की तैयारी में है।
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पुलिस को किया जाएगा प्रशिक्षित
तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की तरफ से थाना प्रभारियों को एक दिन की ट्रेनिंग दी जाएगी। यह ट्रेनिंग जिलाधिकारी की अगुवाई में होगी, जिसमें पुलिस को कोटपा के तहत होने वाली कार्रवाई की जानकारी दी जाएगी। ट्रेनिंग के बाद पुलिस को चालानी रसीद सुपुर्द की जाएगी, जिसमें सार्वजनिक रुप से तंबाकू का सेवन करने वालों से 200 रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा।