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सरकारी स्कूल भवनों को दुरुस्त करने की कवायद तेज
Updated Thu, 23 Aug 2018 12:25 AM IST
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सहारनपुर। परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के जर्जर भवनों को दुरुस्त बनाने के लिए कवायद शुरू कर दी गई है। शासन के आदेश के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने जनपद के तमाम विद्यालयों के प्रधान अध्यापकों से विद्यालयों के भवनों की रिपोर्ट मांगी है, जिससे की भवनों को समय रहते दुरुस्त किया जा सके।
जनपद में कुल 1931 परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इनमें 1355 प्राथमिक और 576 उच्च प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं। ज्यादातर विद्यालयों के भवन पुराने होने की वजह से जर्जर हो चुके हैं। रामपुर मनिहारान के गांव अहमदपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय इसका बेहतर उदाहरण है, जिसके दो कमरों की छत तक गिरने को है। शहरी क्षेत्र में ही अनेक विद्यालय जर्जर भवनों की वजह से शिफ्ट किए जा चुके हैं, जिनमें ज्वाला नगर का प्राथमिक विद्यालय भी शामिल है। प्रदेश सरकार ने बच्चों की जान को जोखिम से बचाने के लिए परिषदीय विद्यालयों के भवनों को दुरुस्त बनाने का निर्णय लिया है। शासन के आदेश पर जिला बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से सभी प्रधान अध्यापकों को सर्कुलर जारी कर विद्यालय भवनों की रिपोर्ट मांगी गई है। यदि किसी विद्यालय में कक्षों की कमी है या फिर भवन जर्जर है तो वह विभाग को रिपोर्ट भेज सकता है। तमाम विद्यालयों की रिपोर्ट के आधार पर विभाग बजट की डिमांड सरकार से करेगा। जिला समन्वयक निर्माण विजयंत मान ने बताया कि कुछ विद्यालयों से रिपोर्ट आ चुकी है। जिन विद्यालयों ने नहीं भेजी है वह अतिशीघ्र भेज दें।
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जनपद में कुल 1931 परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इनमें 1355 प्राथमिक और 576 उच्च प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं। ज्यादातर विद्यालयों के भवन पुराने होने की वजह से जर्जर हो चुके हैं। रामपुर मनिहारान के गांव अहमदपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय इसका बेहतर उदाहरण है, जिसके दो कमरों की छत तक गिरने को है। शहरी क्षेत्र में ही अनेक विद्यालय जर्जर भवनों की वजह से शिफ्ट किए जा चुके हैं, जिनमें ज्वाला नगर का प्राथमिक विद्यालय भी शामिल है। प्रदेश सरकार ने बच्चों की जान को जोखिम से बचाने के लिए परिषदीय विद्यालयों के भवनों को दुरुस्त बनाने का निर्णय लिया है। शासन के आदेश पर जिला बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से सभी प्रधान अध्यापकों को सर्कुलर जारी कर विद्यालय भवनों की रिपोर्ट मांगी गई है। यदि किसी विद्यालय में कक्षों की कमी है या फिर भवन जर्जर है तो वह विभाग को रिपोर्ट भेज सकता है। तमाम विद्यालयों की रिपोर्ट के आधार पर विभाग बजट की डिमांड सरकार से करेगा। जिला समन्वयक निर्माण विजयंत मान ने बताया कि कुछ विद्यालयों से रिपोर्ट आ चुकी है। जिन विद्यालयों ने नहीं भेजी है वह अतिशीघ्र भेज दें।
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