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सड़कों पर आस्था का सैलाब
Updated Tue, 07 Aug 2018 01:01 AM IST
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सड़कों पर आस्था का सैलाब
सहारनपुर। श्रावण मास में सड़कों पर आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। बारिश के बीच शिवभक्त हरिद्वार से कांवड़ लेकर तेेजी से अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। हर तरफ भगवान आशुतोष के जयकारों की गूंज है, जिससे वातावरण शिवमय बना है।
कांवड़ मार्ग की रौनक देखते ही बन रही है। महिलाएं, बच्चे, युवा और बुजुर्ग हरिद्वार से गंगाजल और कांवड़ लेकर लौट रहे हैं। शिवभक्त हाथों में तिरंगा लेकर चल रहे हैं। भगवान शंकर और भारत माता के जयघोष के साथ शिवभक्त अपने गंतव्य की ओर बढ़ते जा रहे हैं। सोमवार को पूरे दिन बूंदाबांदी होती रही, लेकिन बरसात के बावजूद शिवभक्तों के कदम नहीं डगमगाए। किसी पांव में छाले पड़े हैं तो कोई दर्द से कराह रहा है, लेकिन इसके बावजूद कांवड़िए शिवालयों की ओर बढ़ रहे हैं। कांवड़ मार्ग पर लगे शिविरों में शिवभक्तों की श्रद्धाभाव से सेवा की जा रही है। उन्हें चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। रात के समय शिविरों में मनमोहक झांकियां प्रस्तुति की जा रही है। डीजे की धुनों पर बज रहे भोलेनाथ के भजनों पर कांवड़िए झूम रहे हैं। डाक कांवड़ लेने जाने का सिलसिला भी तेज हो गया है। मंगलवार से शिवभक्त डांक कांवड़ लेकर लौटना शुरू होंगे।
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सहारनपुर। श्रावण मास में सड़कों पर आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। बारिश के बीच शिवभक्त हरिद्वार से कांवड़ लेकर तेेजी से अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। हर तरफ भगवान आशुतोष के जयकारों की गूंज है, जिससे वातावरण शिवमय बना है।
कांवड़ मार्ग की रौनक देखते ही बन रही है। महिलाएं, बच्चे, युवा और बुजुर्ग हरिद्वार से गंगाजल और कांवड़ लेकर लौट रहे हैं। शिवभक्त हाथों में तिरंगा लेकर चल रहे हैं। भगवान शंकर और भारत माता के जयघोष के साथ शिवभक्त अपने गंतव्य की ओर बढ़ते जा रहे हैं। सोमवार को पूरे दिन बूंदाबांदी होती रही, लेकिन बरसात के बावजूद शिवभक्तों के कदम नहीं डगमगाए। किसी पांव में छाले पड़े हैं तो कोई दर्द से कराह रहा है, लेकिन इसके बावजूद कांवड़िए शिवालयों की ओर बढ़ रहे हैं। कांवड़ मार्ग पर लगे शिविरों में शिवभक्तों की श्रद्धाभाव से सेवा की जा रही है। उन्हें चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। रात के समय शिविरों में मनमोहक झांकियां प्रस्तुति की जा रही है। डीजे की धुनों पर बज रहे भोलेनाथ के भजनों पर कांवड़िए झूम रहे हैं। डाक कांवड़ लेने जाने का सिलसिला भी तेज हो गया है। मंगलवार से शिवभक्त डांक कांवड़ लेकर लौटना शुरू होंगे।
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