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किताबों को मनमाने दामों पर बेच रहे दुकानदार
Updated Thu, 10 May 2018 12:37 AM IST
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किताबों को मनमाने दामों पर बेच रहे दुकानदार
लखनौती (सहारनपुर)। क्षेत्र में कुछ दुकानदार एनसीईआरटी की किताबों पर अंकित मूल्य को बढ़ाकर बेचकर अभिभावकों की जेब ढीली कर रहे हैं। आरोप है कि जब अभिभावक बढ़े मूल्य पर किताब लेने से इंकार करते हैं तो दुकानदार उनसे अभद्रता पर उतारू हो जाते हैं। मजबूरन अभिभावकों को बढ़े मूल्य पर ही जेब कटवाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
अभिभावक अजहर मियां, जनेश्वर प्रसाद, सुखदेव, अख्तर खान, अमित कुमार, रूपचंद चोपड़ा, खालिद खान, आजम खान आदि ने बताया कि सरकार ने जनता को राहत देने के लिए सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबों को लागू करने का आदेश जारी किया है ताकि वे महंगी प्राइवेट किताबें खरीदने से बच सकें। लेकिन कुछ दुकानदार सरकार की योजना को पलीता लगा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि गंगोह और देहात क्षेत्र के प्राइवेट स्कूलों के प्रबंधक इन दुकानदारों से मिलीभगत कर अभिभावकों का शोषण कर रहे हैं। कुछ दुकानदार सरकार द्वारा किताबों पर अंकित मूल्य को काली स्याही से बदलकर उसके स्थान पर बढ़ा हुआ मूल्य अंकित कर रहे हैं। स्कूल प्रबंधन के दबाव के चलते अभिभावक भी उसी दुकान से किताबें खरीदने को मजबूर हैं। इसके अलावा कक्षा 9 और 11 के छात्र-छात्राओं को किताबों के साथ जबरन कुछ अन्य पुस्तकें भी दी जा रही हैं। दुकानदारों की इस मनमानी से अभिभावकों में रोष है। उन्होंने शासन-प्रशासन से ऐसे दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उधर, इस बारे में जिला शिक्षा अधिकारी आरके तिवारी से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि ऐसे दुकानदारों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।
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लखनौती (सहारनपुर)। क्षेत्र में कुछ दुकानदार एनसीईआरटी की किताबों पर अंकित मूल्य को बढ़ाकर बेचकर अभिभावकों की जेब ढीली कर रहे हैं। आरोप है कि जब अभिभावक बढ़े मूल्य पर किताब लेने से इंकार करते हैं तो दुकानदार उनसे अभद्रता पर उतारू हो जाते हैं। मजबूरन अभिभावकों को बढ़े मूल्य पर ही जेब कटवाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
अभिभावक अजहर मियां, जनेश्वर प्रसाद, सुखदेव, अख्तर खान, अमित कुमार, रूपचंद चोपड़ा, खालिद खान, आजम खान आदि ने बताया कि सरकार ने जनता को राहत देने के लिए सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबों को लागू करने का आदेश जारी किया है ताकि वे महंगी प्राइवेट किताबें खरीदने से बच सकें। लेकिन कुछ दुकानदार सरकार की योजना को पलीता लगा रहे हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि गंगोह और देहात क्षेत्र के प्राइवेट स्कूलों के प्रबंधक इन दुकानदारों से मिलीभगत कर अभिभावकों का शोषण कर रहे हैं। कुछ दुकानदार सरकार द्वारा किताबों पर अंकित मूल्य को काली स्याही से बदलकर उसके स्थान पर बढ़ा हुआ मूल्य अंकित कर रहे हैं। स्कूल प्रबंधन के दबाव के चलते अभिभावक भी उसी दुकान से किताबें खरीदने को मजबूर हैं। इसके अलावा कक्षा 9 और 11 के छात्र-छात्राओं को किताबों के साथ जबरन कुछ अन्य पुस्तकें भी दी जा रही हैं। दुकानदारों की इस मनमानी से अभिभावकों में रोष है। उन्होंने शासन-प्रशासन से ऐसे दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उधर, इस बारे में जिला शिक्षा अधिकारी आरके तिवारी से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि ऐसे दुकानदारों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।
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