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किसी ने सराहा तो किसी ने बताया सिर्फ लुभवाने सपने
Updated Fri, 02 Feb 2018 12:33 AM IST
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सहारनपुर। केंद्र सरकार ने 2018 का आम बजट पेश कर दिया। बजट को कुछ व्यापारियों ने सराहा तो किसी ने सिर्फ लुभावने सपने बताया है। व्यापारी ने कहा कि कारोबार तो बिल्कुल ठप पड़ा है। बजट में व्यापारियों को राहत नहीं दी गई है।
सराफा बाजार के व्यापारी राम राजीव सिंघल का कहना है कि आम आदमी के लिए बजट बहुत बढ़िया है। अच्छी हेल्थ पॉलिसी दी गई है। गरीबों को ध्यान में रखकर सरकार ने बजट पेश किया है। यह एक अच्छा बजट है। सराफा कारोबारी जितेंद्र अग्रवाल का कहना है कि कारोबार को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कोई घोषणा नहीं की। सोने-चांदी के व्यापार पर तीन प्रतिशत टैक्स को कम नहीं किया। टैक्स कम होता तो कारोबार अच्छा होने की संभावना थी और मार्केट में उठान आता। पुुराना लोहा बाजार के बर्तन कारोबारी राजकुमार मित्तल का कहना है कि सरकार ने सिर्फ लुभावने सपने दिखाए हैं। कुछ होने वाला नहीं है। इनकम टैक्स पर कोई छूट नहीं दी गई। व्यापारियों के लिए कुछ खास घोषणा नहीं की गई। व्यापार पूरी तरह खत्म हो चुका है। मार्केट में ग्राहक नहीं हैं। बजट में सिर्फ खोखली घोषणाएं की गई हैं। कक्कड़ गंज के कपड़ा व्यापारी सुभाष चावला का कहना है कि सरकार ने व्यापारियों के हितों के लिए कोई घोषणा नहीं की है। ई-बिलिंग में सुधार होने की उम्मीद थी। मगर, सरकार ने व्यापारियों को राहत नहीं दी। उद्यमी कृष्ण राजीव सिंघल का कहना है कि उद्यमियों के लिए सरकार ने किसी तरह की कोई घोषणा नहीं की। सरकार ने चुनाव को ध्यान में रखते हुए बजट पेश किया है। बजट में उद्यमियों को कहीं जगह नहीं दी गई। उद्यमी प्रमोद सडाना का कहना है कि बजट में नया कुछ नहीं है। उद्यमी के लिए सरकार ने कुछ नहीं सोचा है। उद्यमियों को सरकार से काफी उम्मीद थी। मगर, बजट देखकर निराशा ही हाथ लगी है।
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सराफा बाजार के व्यापारी राम राजीव सिंघल का कहना है कि आम आदमी के लिए बजट बहुत बढ़िया है। अच्छी हेल्थ पॉलिसी दी गई है। गरीबों को ध्यान में रखकर सरकार ने बजट पेश किया है। यह एक अच्छा बजट है। सराफा कारोबारी जितेंद्र अग्रवाल का कहना है कि कारोबार को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कोई घोषणा नहीं की। सोने-चांदी के व्यापार पर तीन प्रतिशत टैक्स को कम नहीं किया। टैक्स कम होता तो कारोबार अच्छा होने की संभावना थी और मार्केट में उठान आता। पुुराना लोहा बाजार के बर्तन कारोबारी राजकुमार मित्तल का कहना है कि सरकार ने सिर्फ लुभावने सपने दिखाए हैं। कुछ होने वाला नहीं है। इनकम टैक्स पर कोई छूट नहीं दी गई। व्यापारियों के लिए कुछ खास घोषणा नहीं की गई। व्यापार पूरी तरह खत्म हो चुका है। मार्केट में ग्राहक नहीं हैं। बजट में सिर्फ खोखली घोषणाएं की गई हैं। कक्कड़ गंज के कपड़ा व्यापारी सुभाष चावला का कहना है कि सरकार ने व्यापारियों के हितों के लिए कोई घोषणा नहीं की है। ई-बिलिंग में सुधार होने की उम्मीद थी। मगर, सरकार ने व्यापारियों को राहत नहीं दी। उद्यमी कृष्ण राजीव सिंघल का कहना है कि उद्यमियों के लिए सरकार ने किसी तरह की कोई घोषणा नहीं की। सरकार ने चुनाव को ध्यान में रखते हुए बजट पेश किया है। बजट में उद्यमियों को कहीं जगह नहीं दी गई। उद्यमी प्रमोद सडाना का कहना है कि बजट में नया कुछ नहीं है। उद्यमी के लिए सरकार ने कुछ नहीं सोचा है। उद्यमियों को सरकार से काफी उम्मीद थी। मगर, बजट देखकर निराशा ही हाथ लगी है।
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