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बाबाओं की तरह अब बेनकाब होंगे फर्जी आलिम!
Updated Mon, 18 Sep 2017 12:59 AM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के फर्जी बाबाओं की लिस्ट जारी करने की पहल के बाद मुस्लिम समाज को गुमराह करने वाले फर्जी आलिम भी जल्द बेनकाब होंगे। लखनऊ ईदगाह कमेटी के प्रमुख इमाम मुफ्ती खालिद फिरंगी महली की फर्जी आलिमों की सूची बनाए जाने की घोषणा दारुल उलूम ने सीधे तो कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन यह जरूर कहा है कि टीवी चैनलों की डिबेट में इस्लाम के बारे में जानकारी नहीं रखने वाले भ्रम फैला रहे हैं। वहीं, कुछ कुछ उलमा इस सूची को जारी करने के पक्ष में भी नजर आ रहे हैं।
मुफ्ती खालिद फिरंगी महली की घोषणा पर इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी ने किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि टीवी चैनलों की डिबेट नापसंदीदा अमल है। क्योंकि इस तरह की बहस से मसले हल होने के बजाए और ज्यादा उलझ जाते हैं। लेकिन अगर जरूरी हो तो वही लोग डिबेट का हिस्सा बने जिन्हें शरीयत और महजब की पूरी तरह से जानकारी हो। मौलाना बनारसी ने कहा कि सस्ती शोहरत हासिल करने के लिए मीडिया में इस्लामी मसाइल के नाम पर की जाने वाली बहस में मजहब-ए-इस्लाम की जानकारी न रखने वाले व्यक्तियों को उलमा व आलिम बताकर भ्रम फैलाया जा रहा है। साथ ही यह मजहब को बदनाम करने का आसान रास्ता है। उधर, इस्लाम के जानकार मौलाना शादाब और मौलाना रिजवान कासमी आदि का कहना है कि मुस्लिम समाज को गुमराह करने और इस्लाम को बदनाम करने के लिए पूरा षडयंत्र रचा हुआ है। इस साजिश का खुलासा होना बेहद जरूरी है।
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मुफ्ती खालिद फिरंगी महली की घोषणा पर इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी ने किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि टीवी चैनलों की डिबेट नापसंदीदा अमल है। क्योंकि इस तरह की बहस से मसले हल होने के बजाए और ज्यादा उलझ जाते हैं। लेकिन अगर जरूरी हो तो वही लोग डिबेट का हिस्सा बने जिन्हें शरीयत और महजब की पूरी तरह से जानकारी हो। मौलाना बनारसी ने कहा कि सस्ती शोहरत हासिल करने के लिए मीडिया में इस्लामी मसाइल के नाम पर की जाने वाली बहस में मजहब-ए-इस्लाम की जानकारी न रखने वाले व्यक्तियों को उलमा व आलिम बताकर भ्रम फैलाया जा रहा है। साथ ही यह मजहब को बदनाम करने का आसान रास्ता है। उधर, इस्लाम के जानकार मौलाना शादाब और मौलाना रिजवान कासमी आदि का कहना है कि मुस्लिम समाज को गुमराह करने और इस्लाम को बदनाम करने के लिए पूरा षडयंत्र रचा हुआ है। इस साजिश का खुलासा होना बेहद जरूरी है।
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