फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   चंद्रशेखर के पत्र के वायरल होने के बाद प्रशासन एक बार फिर हुआ सक्रिय

चंद्रशेखर के पत्र के वायरल होने के बाद प्रशासन एक बार फिर हुआ सक्रिय

Thu, 29 Jun 2017 12:20 AM IST
Updated Thu, 29 Jun 2017 12:20 AM IST
विज्ञापन
चंद्रशेखर के पत्र के वायरल होने के बाद प्रशासन एक बार फिर हुआ सक्रिय
जेल से रावण का पत्र वायरल होने के बाद प्रशासन सतर्क
विज्ञापन

सहारनपुर। भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ रावण के जेल से वायरल हुए पत्र ने एक बार फिर से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में खलबली मचा दी है। पत्र के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों के समर्थन में आ रही टिप्पणी को लेकर प्रशासन सक्रिय हो गया है। भीम आर्मी की कार्यकारिणी भंग किए जाने का कारण कुछ लोगों के निजी स्वार्थ और एकत्रित किए धन की ओर इशारा किया है। जिस पर पुलिस अधिकारियों ने भी आईटी टीम को नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
सहारनपुर बवाल के मुख्य आरोपी भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ रावण ने 23 जून को एक पत्र जारी किया। जिसमें टूट रहे संगठन को फिर से जोड़ने के लिए भावनात्मक अपील की गई। इस पत्र में चंद्रशेखर ने कार्यकारिणी भंग किए जाने का कारण बताया। चंद्रशेखर ने सदस्यों पर लोगों का भरोसा तोड़ने का भी आरोप लगाया है। चंद्रशेखर का यह इशारा भीम आर्मी के नाम पर एकत्रित किए गए धन को लेकर संगठन में पड़ी दरार की ओर बताया जा रहा है। खुफिया सूत्रों के अनुसार भीम आर्मी के कुछ सदस्यों ने ही पीड़ितों के सहयोग के नाम पर एवं भीम आर्मी के नाम पर काफी चंदा एकत्रित किया है। आंकड़ा करोड़ों तक भी बताया जा रहा है। जिस पर मारामारी मची हुई है। पैसे के इसी बंदरबांट को लेकर कार्यकारिणी भंग की गई है। जिससे एकत्रित हुआ पैसे को लेकर कोई सवाल न उठा सके। सूत्रों के अनुसार कुछ पदाधिकारी एकत्रित हुए पैसे को लेकर हंगामा कर रहे थे और भीम आर्मी के ही कुछ लोगों पर पैसा हजम करने का आरोप लगा रहे थे। जिसके चलते कार्यकारिणी भंग कर दी गई। खुफिया विभाग के सूत्रों का मानना है कि आपत्ति करने वाले भीम आर्मी के जब पदाधिकारी ही नहीं रहेंगे तो किसी प्रकार की आपत्ति का भी अधिकार नहीं होगा। इसी के चलते नई कार्यकारिणी की घोषणा नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि जब तक पैसे को ठिकाने नहीं लगा दिया जाता, तब तक नई कार्यकारिणी का गठन भी नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने खुफिया विभाग एवं पुलिस की आईटी की टीम को मामले पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही एसआईटी की टीम को पत्र के मामले में जांच के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

एसएसपी बबलू कुमार का कहना है कि पत्र तो सामान्य है। जांच टीम अपना काम कर रही है। जो तथ्य आ रहे हैं उन पर कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed