{"_id":"5c5dd896bdec222720373c33","slug":"161549654166-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"परचून की दुकानों पर अनाज के बदले मिलती है शराब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परचून की दुकानों पर अनाज के बदले मिलती है शराब
विज्ञापन
परचून की दुकानों पर अनाज के बदले मिलती है शराब
बड़गांव (सहारनपुर)। क्षेत्र के गांवों में गली गली में खुली परचून की दुकानों पर अनाज के बदल कच्ची और तस्करी कर लाई अवैध शराब धड़ल्ले से बिकती है। पुलिस को इन सबकी जानकारी होने के बाद भी इक्का दुक्का कार्रवाई को छोड़ वह मूकदर्शक होकर इसे संरक्षण देती है।
क्षेत्र के गांव भगवानपुर, अंबेहटा चांद, खुदाबक्सपुर माजरा, मौरा, झबीरन, दल्हेड़ी, सांवतखेड़ी, उमरी, बालूमाजरा, महेशपुर, शिमलाना, सिसौनी, झबीरन, लुकादड़ी, मिर्जापुर, मुश्कीपुर, भटपुरा आदि कच्ची शराब की कसीदगी और बिक्री के गढ़ हैं। यहां यह अवैध शराब परचूनों की दुकानों पर अनाज के बदले दी जा रही है। शायद ही क्षेत्र में एका दुक्का गांव ही ऐसा बच पाया होगा जहां अवैध शराब का कारोबार न पनप रहा हो। नाम न छापने की शर्त पर एक ने बताया कि वह और अन्य लोग छह-छह माह की उधारी में हर रोज शराब पीते हैं। परचून की दुकानों पर एक किलो अनाज के बदले एक पव्वा, दो किलो के बदले दो पव्वे, चार किलो के बदले एक बोतल शराब मिलती है।
गांव में पाबंदी के बाद दूसरे गांव में जाकर पीते हैं शराब
कुछ दिन पहले क्षेत्र के शिमलाना, खुदाबक्सपुर माजरा, चन्दपुर, शब्बीरपुर आदि गांवों में महिलाओं ने गांव के अंदर शराब पीने और बिक्री करने पर पंचायत के माध्यम से पाबंदी भी लगाई थी लेकिन बावजूद इसके हर रोज पीने के आदि हो चुके ऐसे नशेड़ी लोग दूसरे गांव में जाकर अपना शौक पूरा करने लगे। थाना प्रभारी दीपक चतुर्वेदी का कहना है कि पुलिस समय समय पर ऐसे अवैध धंधे को चिह्नित कर उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई करती है। जबकि एसडीएम रामपुर मनिहारान संगीता गौतम का कहना है कि शराब माफिया पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यदि पुलिस की संलिप्तता उजागर होती है तो जांच कर सख्त कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
बड़गांव (सहारनपुर)। क्षेत्र के गांवों में गली गली में खुली परचून की दुकानों पर अनाज के बदल कच्ची और तस्करी कर लाई अवैध शराब धड़ल्ले से बिकती है। पुलिस को इन सबकी जानकारी होने के बाद भी इक्का दुक्का कार्रवाई को छोड़ वह मूकदर्शक होकर इसे संरक्षण देती है।
क्षेत्र के गांव भगवानपुर, अंबेहटा चांद, खुदाबक्सपुर माजरा, मौरा, झबीरन, दल्हेड़ी, सांवतखेड़ी, उमरी, बालूमाजरा, महेशपुर, शिमलाना, सिसौनी, झबीरन, लुकादड़ी, मिर्जापुर, मुश्कीपुर, भटपुरा आदि कच्ची शराब की कसीदगी और बिक्री के गढ़ हैं। यहां यह अवैध शराब परचूनों की दुकानों पर अनाज के बदले दी जा रही है। शायद ही क्षेत्र में एका दुक्का गांव ही ऐसा बच पाया होगा जहां अवैध शराब का कारोबार न पनप रहा हो। नाम न छापने की शर्त पर एक ने बताया कि वह और अन्य लोग छह-छह माह की उधारी में हर रोज शराब पीते हैं। परचून की दुकानों पर एक किलो अनाज के बदले एक पव्वा, दो किलो के बदले दो पव्वे, चार किलो के बदले एक बोतल शराब मिलती है।
विज्ञापन
गांव में पाबंदी के बाद दूसरे गांव में जाकर पीते हैं शराब
कुछ दिन पहले क्षेत्र के शिमलाना, खुदाबक्सपुर माजरा, चन्दपुर, शब्बीरपुर आदि गांवों में महिलाओं ने गांव के अंदर शराब पीने और बिक्री करने पर पंचायत के माध्यम से पाबंदी भी लगाई थी लेकिन बावजूद इसके हर रोज पीने के आदि हो चुके ऐसे नशेड़ी लोग दूसरे गांव में जाकर अपना शौक पूरा करने लगे। थाना प्रभारी दीपक चतुर्वेदी का कहना है कि पुलिस समय समय पर ऐसे अवैध धंधे को चिह्नित कर उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई करती है। जबकि एसडीएम रामपुर मनिहारान संगीता गौतम का कहना है कि शराब माफिया पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यदि पुलिस की संलिप्तता उजागर होती है तो जांच कर सख्त कार्रवाई होगी।
विज्ञापन