{"_id":"5ba297bc867a557eaf18786d","slug":"161537382332-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मदरसे में गडबडी को लेकर दिए जांच के आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मदरसे में गडबडी को लेकर दिए जांच के आदेश
Updated Thu, 20 Sep 2018 12:08 AM IST
विज्ञापन
सहारनपुर। सूचना के अधिकार के तहत मिली शिकायत पर मदरसे की जांच कराई गई तो न सिर्फ मदरसा फर्जी तरीके से संचालित किया जाना पाया गया, बल्कि शिक्षकों का मानदेय एवं छात्रवृत्ति भी समाज कल्याण अधिकारी की मिलीभगत से दे दी गई थी। राज्य सूचना आयुक्त ने मंडलायुक्त को जांच के निर्देश दिए हैं।
सहारनपुर के मतलूब अली ने सूचना के अधिकार के तहत एक मदरसे को लेकर प्रशासन द्वारा मांगी गई जानकारी उपलब्ध न कराने पर राज्य सूचना आयोग में अपील दाखिल की थी। राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने एडीएम एफ, सहारनपुर को नोटिस जारी कर मतलूब को सूचनाएं तीस दिन में उपलब्ध कराकर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए। उपलब्ध कराई सूचना में बताया गया कि मदरसा तालीम-उल-जदीद देवबंद के विरुद्ध फर्जी शिक्षक मानदेय, फर्जी छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति प्राप्त करने की शिकायतों के मद्देनजर तहसीलदार देवबंद की अगुवाई में जांच टीम गठित की गई। जांच में मदरसे और छात्रवृत्ति को लेकर अनियमिताएं पाई गई है। राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए मंडलायुक्त को वादी और प्रतिवादी दोनों के बयान कलमबंद करके सभी अभिलेख एवं जांच आख्या तीस दिन में आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा गया।
विज्ञापन
सहारनपुर के मतलूब अली ने सूचना के अधिकार के तहत एक मदरसे को लेकर प्रशासन द्वारा मांगी गई जानकारी उपलब्ध न कराने पर राज्य सूचना आयोग में अपील दाखिल की थी। राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने एडीएम एफ, सहारनपुर को नोटिस जारी कर मतलूब को सूचनाएं तीस दिन में उपलब्ध कराकर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए। उपलब्ध कराई सूचना में बताया गया कि मदरसा तालीम-उल-जदीद देवबंद के विरुद्ध फर्जी शिक्षक मानदेय, फर्जी छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति प्राप्त करने की शिकायतों के मद्देनजर तहसीलदार देवबंद की अगुवाई में जांच टीम गठित की गई। जांच में मदरसे और छात्रवृत्ति को लेकर अनियमिताएं पाई गई है। राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए मंडलायुक्त को वादी और प्रतिवादी दोनों के बयान कलमबंद करके सभी अभिलेख एवं जांच आख्या तीस दिन में आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा गया।
विज्ञापन