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ग्रामीणों को खेतों में नहीं जाने की चेतावनी जारी
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ग्रामीणों को खेतों में नहीं जाने की चेतावनी जारी
बेहट (सहारनपुर)। दयालपुर गांव में कुत्तों के हमले से दो मासूम बच्चों की मौत बाद प्रशासन ने गांव के मंदिर एवं मस्जिद से एलान कराकर ग्रामीणों को खेतों में न जाने की चेतावनी प्रसारित कराई। वहीं पुलिस एवं पीएसी के अलावा रात में ही मेरठ से वन विभाग की ट्रैंकुलाइजर एवं वन्य जीव एक्सपर्ट टीम गांव में बुलाई गई। जंगल में दो मोशन सेंसर कैमरे, पिंजरा एवं चार नेट जाल भी लगाए गए है।
अनुसूचित जाति की बस्ती के रजनीश के 3 महीने के बेटे अभिमन्यु और उसके बाद ओमकरण के 28 दिन के बेटे को उठाकर जंगल ले जाने वाले कुत्तों को पकड़ने के लिए शुक्रवार को जहां दिन भर एसडीएम बेहट युगराज सिंह की अगुवाई में राजस्व, वन विभाग एवं नगर पंचायत की टीम के अलावा पुलिस-पीएसी द्वारा दयालपुर और गांव मुर्तजापुर के जंगल में अभियान चलाया गया, वहीं रात के समय भी प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट रहा। गांव की सुरक्षा का जिम्मा जहां पीएसी को दिया गया, वहीं जंगल में आदमखोर कुत्तों के अलावा किसी वन्य जीव की मौजूदगी की आशंका के चलते रात में ही वन विभाग द्वारा मेरठ से ट्रैंकुलाइजर एवं वन्यजीव एक्सपर्ट टीम बुलाई गई। जंगल में दो मोशन सेंसर कैमरे, लोहे का पिंजरा एवं चार जाल लगाए गए। प्रशासन द्वारा मंदिर व मस्जिद से सूचना प्रसारित कराकर ग्रामीणों को सुबह-शाम खेतों में नहीं जाने के लिए कहा गया है। रात में वन विभाग की टीम पुलिस एवं पीएसी के साथ जंगल में मौजूद रही। कई बार टीम के साथ पहरा दे रहे ग्रामीणों द्वारा किसी जानवर के होने का हल्ला भी मचाया गया, लेकिन कोई जानवर नहीं पकड़ा गया। मेरठ से आई ट्रैंकुलाइजर एवं एक्सपर्ट टीम शनिवार की सुबह 9 बजे लौट गई, जबकि वन विभाग, राजस्व व नगर पंचायत की टीम तथा पीएसी अभी भी गांव में तैनात है।
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बेहट (सहारनपुर)। दयालपुर गांव में कुत्तों के हमले से दो मासूम बच्चों की मौत बाद प्रशासन ने गांव के मंदिर एवं मस्जिद से एलान कराकर ग्रामीणों को खेतों में न जाने की चेतावनी प्रसारित कराई। वहीं पुलिस एवं पीएसी के अलावा रात में ही मेरठ से वन विभाग की ट्रैंकुलाइजर एवं वन्य जीव एक्सपर्ट टीम गांव में बुलाई गई। जंगल में दो मोशन सेंसर कैमरे, पिंजरा एवं चार नेट जाल भी लगाए गए है।
अनुसूचित जाति की बस्ती के रजनीश के 3 महीने के बेटे अभिमन्यु और उसके बाद ओमकरण के 28 दिन के बेटे को उठाकर जंगल ले जाने वाले कुत्तों को पकड़ने के लिए शुक्रवार को जहां दिन भर एसडीएम बेहट युगराज सिंह की अगुवाई में राजस्व, वन विभाग एवं नगर पंचायत की टीम के अलावा पुलिस-पीएसी द्वारा दयालपुर और गांव मुर्तजापुर के जंगल में अभियान चलाया गया, वहीं रात के समय भी प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट रहा। गांव की सुरक्षा का जिम्मा जहां पीएसी को दिया गया, वहीं जंगल में आदमखोर कुत्तों के अलावा किसी वन्य जीव की मौजूदगी की आशंका के चलते रात में ही वन विभाग द्वारा मेरठ से ट्रैंकुलाइजर एवं वन्यजीव एक्सपर्ट टीम बुलाई गई। जंगल में दो मोशन सेंसर कैमरे, लोहे का पिंजरा एवं चार जाल लगाए गए। प्रशासन द्वारा मंदिर व मस्जिद से सूचना प्रसारित कराकर ग्रामीणों को सुबह-शाम खेतों में नहीं जाने के लिए कहा गया है। रात में वन विभाग की टीम पुलिस एवं पीएसी के साथ जंगल में मौजूद रही। कई बार टीम के साथ पहरा दे रहे ग्रामीणों द्वारा किसी जानवर के होने का हल्ला भी मचाया गया, लेकिन कोई जानवर नहीं पकड़ा गया। मेरठ से आई ट्रैंकुलाइजर एवं एक्सपर्ट टीम शनिवार की सुबह 9 बजे लौट गई, जबकि वन विभाग, राजस्व व नगर पंचायत की टीम तथा पीएसी अभी भी गांव में तैनात है।
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