{"_id":"5d13c2408ebc3e3cc94a600e","slug":"156157598119-saharanpur-news87","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाढ़ की आशंका को देखते हुए मंडल में अलर्ट जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाढ़ की आशंका को देखते हुए मंडल में अलर्ट जारी
विज्ञापन
सहारनपुर। बाढ़ की आशंका को देखते हुए मंडलायुक्त संजय कुमार ने बुधवार को अपने कार्यालय में बैठक की। सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता दो दिन के भीतर तीनों जिलों का चार्ट बनाकर प्रस्तुत करने को कहा। बाढ़ से कितने गांव, कितने कस्बे व तहसील प्रभावित हो सकती हैं इसका नक्शा भी मांगा। उन्होंने कंट्रोल रूम का नंबर 0132-2661746 को क्रियाशील रखने के निर्देश दिए। तीनों जिलों के डीएम को सतर्कता के साथ नजर रखने के निर्देश दिए गए।
मंडलायुक्त ने सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता से मंडल में बनाए गए तटबंधों, नदियों आदि की जानकारी ली। साथ ही पूर्व वर्षों में बाढ़ की स्थिति से संबंधित बुलेट प्वाइंट बनाकर उनके समक्ष प्रस्तुत करने को कहा। सिंचाई विभाग के सभी अवशेष कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, उप जिलाधिकारियों एवं मौसम विभाग को शामिल करते हुए फल्ड मैनेजमेंट ग्रुप बनाकर व्हाटसएप से जोड़ने के निर्देश दिए गए। हथिनी कुंड बैराज पूरे मंडल में सबसे महत्वपूर्ण है। इसको दृष्टिगत रखते हुए बैराज पर पूरी संवेदनशीलता के साथ नजर रखी जाए। सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट रखने को कहा। संवेदनशील तटबंधों पर जिलाधिकारियों को सतर्क नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में बाढ़ आने की आशंका है उनमें अभी से राहत शिविरों में रहने, स्वच्छ पेयजल, बिजली, जनरेटर, पशुओं को रखने, शौचालय, खाद्य सामग्री आदि की समुचित व्यवस्था कर ली जाए। ग्रामीण अंचलों में बाढ़ आने पर जिला पंचायत राज अधिकारी कैंप करेंगे। सभी उपजिलाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में नोडल अधिकारी रहेंगे। उन्होंने रिलीफ कैंप से संबंधित सभी सूचनाओं पर आधारित कार्य योजना बनाकर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। रिलीफ कैंप में प्रत्येक फूड पैकेट पर सरकार का लेागो लगाकर व बाढ़ राहत सामग्री अंकित कराके ही वितरित कराए जाएंगे। बाढ के मद्देनजर पशु हानि होने पर 24 घंटे के अंदर कार्रवाई होनी है। पशु मृत्यु होने पर तुरंत मुआयना किया जाए। बड़ी घटना होने पर उपजिलाधिकारी मौके पर तत्काल पहुंचेंगे व अति शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि मंडल की सभी ऐसी सड़कों को चिह्नित किया जाए, जहां जलभराव हो सकता है। बरसात से पहले ही जलभराव होने की गुजाइश को खत्म कर दिया जाए। वन संरक्षक को पेड़ गिरने पर तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए। मुख्य अभियंता विद्युत को बिजली के खंभे, तार आदि की सुचारू व्यवस्था बनाए रखने को कहा गया। बैठक में अपर आयुक्त प्रशासन आभा गुप्ता, तीनों जनपदों के अपरजिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, वन संरक्षक, अधीक्षण अभियंता सिंचाई, अधीक्षण अभियंता जल निगम, मुख्य अभियंता विद्युत, अधीक्षण अभियंता पीडब्ल्यूडी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
मंडलायुक्त ने सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता से मंडल में बनाए गए तटबंधों, नदियों आदि की जानकारी ली। साथ ही पूर्व वर्षों में बाढ़ की स्थिति से संबंधित बुलेट प्वाइंट बनाकर उनके समक्ष प्रस्तुत करने को कहा। सिंचाई विभाग के सभी अवशेष कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, उप जिलाधिकारियों एवं मौसम विभाग को शामिल करते हुए फल्ड मैनेजमेंट ग्रुप बनाकर व्हाटसएप से जोड़ने के निर्देश दिए गए। हथिनी कुंड बैराज पूरे मंडल में सबसे महत्वपूर्ण है। इसको दृष्टिगत रखते हुए बैराज पर पूरी संवेदनशीलता के साथ नजर रखी जाए। सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट रखने को कहा। संवेदनशील तटबंधों पर जिलाधिकारियों को सतर्क नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में बाढ़ आने की आशंका है उनमें अभी से राहत शिविरों में रहने, स्वच्छ पेयजल, बिजली, जनरेटर, पशुओं को रखने, शौचालय, खाद्य सामग्री आदि की समुचित व्यवस्था कर ली जाए। ग्रामीण अंचलों में बाढ़ आने पर जिला पंचायत राज अधिकारी कैंप करेंगे। सभी उपजिलाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में नोडल अधिकारी रहेंगे। उन्होंने रिलीफ कैंप से संबंधित सभी सूचनाओं पर आधारित कार्य योजना बनाकर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। रिलीफ कैंप में प्रत्येक फूड पैकेट पर सरकार का लेागो लगाकर व बाढ़ राहत सामग्री अंकित कराके ही वितरित कराए जाएंगे। बाढ के मद्देनजर पशु हानि होने पर 24 घंटे के अंदर कार्रवाई होनी है। पशु मृत्यु होने पर तुरंत मुआयना किया जाए। बड़ी घटना होने पर उपजिलाधिकारी मौके पर तत्काल पहुंचेंगे व अति शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि मंडल की सभी ऐसी सड़कों को चिह्नित किया जाए, जहां जलभराव हो सकता है। बरसात से पहले ही जलभराव होने की गुजाइश को खत्म कर दिया जाए। वन संरक्षक को पेड़ गिरने पर तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए। मुख्य अभियंता विद्युत को बिजली के खंभे, तार आदि की सुचारू व्यवस्था बनाए रखने को कहा गया। बैठक में अपर आयुक्त प्रशासन आभा गुप्ता, तीनों जनपदों के अपरजिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, वन संरक्षक, अधीक्षण अभियंता सिंचाई, अधीक्षण अभियंता जल निगम, मुख्य अभियंता विद्युत, अधीक्षण अभियंता पीडब्ल्यूडी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन