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2100 करोड से अधिक दबाए बैठी मंडल की शुगर मिलें
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सहारनपुर। शासन प्रशासन की तमाम कवायद के बावजूद मंडल के किसान बकाया गन्ना मूल्य पाने के लिए तरस रहे हैं। मंडल की 17 शुगर मिलें किसानों का 2100 करोड़ रुपये से अधिक दबाए बैठी हैं। इसके चलते मंडल के 4,30,155 गन्ना सप्लायर किसानों की आर्थिक स्थिति पर बुरा असर पड़ रहा है।
गन्ना खरीद अधिनियम के अनुसार गन्ना मिल में सप्लाई करने के 14 दिनों के अंदर ही गन्ना मूल्य का भुगतान होना चाहिए। अधिनियम में 14 दिनों की निर्धारित समय सीमा के बाद गन्ना मूल्य भुगतान करने पर किसानों को बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज देने का प्रावधान भी किया गया है। लेकिन कोई भी शुगर मिल इस पर खरा नहीं उतरती। किसानों को न तो समय पर गन्ना मूल्य भुगतान हो रहा है और ना ही बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज मिल रहा है। मंडल में 17 शुगर मिलों को इस बार करीब चार लाख तीस हजार एक सौ पचपन किसानों ने गन्ना सप्लाई की है। उन्होंने इस सीजन में 545715.87 लाख रुपये का गन्ना शुगर मिलों को सप्लाई किया था, जिसमें से अब तक मात्र 333106.02 लाख रुपये का ही भुगतान हुआ है और 210993.85 लाख रुपये अभी बकाया हैं। इसके अलावा बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज भी 9520.31 लाख रुपये भी शुगर मिलों पर हो गया है।
उप गन्ना आयुक्त डॉक्टर दिनेश्वर मिश्र ने बताया कि शुगर मिलें जो चीनी बेच रहीं हैं, उसकी 85 प्रतिशत धनराशि का उपयोग गन्ना मूल्य भुगतान के लिए किया जा रहा है। बकाया गन्ना मूल्य के लिए शुगर मिलों को चीनी बिक्री बढ़ाने पर दबाव बनाया जा रहा है। इससे बकाया गन्ना मूल्य भुगतान में तेजी आएगी।
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----बकाया गन्ना मूल्य की स्थिति लाख में----
जनपद------------------बकाया
सहारनपुर---------------51986
मुजफ्फरनगर-----------94882
शामली-------------------64125
--------------
गन्ना विभाग के सात जून के आंकड़ों के अनुसार।
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गन्ना खरीद अधिनियम के अनुसार गन्ना मिल में सप्लाई करने के 14 दिनों के अंदर ही गन्ना मूल्य का भुगतान होना चाहिए। अधिनियम में 14 दिनों की निर्धारित समय सीमा के बाद गन्ना मूल्य भुगतान करने पर किसानों को बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज देने का प्रावधान भी किया गया है। लेकिन कोई भी शुगर मिल इस पर खरा नहीं उतरती। किसानों को न तो समय पर गन्ना मूल्य भुगतान हो रहा है और ना ही बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज मिल रहा है। मंडल में 17 शुगर मिलों को इस बार करीब चार लाख तीस हजार एक सौ पचपन किसानों ने गन्ना सप्लाई की है। उन्होंने इस सीजन में 545715.87 लाख रुपये का गन्ना शुगर मिलों को सप्लाई किया था, जिसमें से अब तक मात्र 333106.02 लाख रुपये का ही भुगतान हुआ है और 210993.85 लाख रुपये अभी बकाया हैं। इसके अलावा बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज भी 9520.31 लाख रुपये भी शुगर मिलों पर हो गया है।
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उप गन्ना आयुक्त डॉक्टर दिनेश्वर मिश्र ने बताया कि शुगर मिलें जो चीनी बेच रहीं हैं, उसकी 85 प्रतिशत धनराशि का उपयोग गन्ना मूल्य भुगतान के लिए किया जा रहा है। बकाया गन्ना मूल्य के लिए शुगर मिलों को चीनी बिक्री बढ़ाने पर दबाव बनाया जा रहा है। इससे बकाया गन्ना मूल्य भुगतान में तेजी आएगी।
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----बकाया गन्ना मूल्य की स्थिति लाख में----
जनपद------------------बकाया
सहारनपुर---------------51986
मुजफ्फरनगर-----------94882
शामली-------------------64125
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गन्ना विभाग के सात जून के आंकड़ों के अनुसार।