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जनपद में बच्चों का शैक्षिक स्तर बढ़ा, निदेशक ने दी शाबाशी
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सहारनपुर। वर्ष 2018-19 में चलाए गए ग्रेडेड लर्निंग कार्यक्रम से कक्षा एक से पांच तक के बच्चों के शैक्षिक स्तर में चौंकाने वाला सुधार आया है। इसे लेकर विभागीय अधिकारी और संबंधित शिक्षक खासे उत्साहित हैं। इतना ही नहीं बेसिक शिक्षा निदेशक ने पत्र लिखकर शिक्षा अधिकारियों और शिक्षकों को बधाई दी है।
परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक में पढ़ाई करने वाले कक्षा एक से पांच तक के बच्चों के शैक्षिक स्तर में सुधार के लिए जनपद में ग्रेडेड लर्निंग कार्यक्रम चलाया गया। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों में पढ़ने और लिखने तथा गणितीय सक्रियताओं के बुनियादी कौशल का विकास करने की कोशिश की गई। इसके अलावा शिक्षकों और शिक्षा अधिकारियों में भी बच्चों के शैक्षिक स्तर को जानने तथा उन्हें शिक्षण अधिगम सामग्री और गतिविधियों के माध्यम से रोचक ढंग से पढ़ाने के कौशल को विकसित किया गया। कुल 2735 शिक्षकों ने जिले में संचालित कार्यक्रम के तहत विद्यालयों में कक्षाएं संचालित करते हुए 93,359 बच्चों को उनका अधिगम स्तर बढ़ाने में सहयोग किया। कार्यक्रम के जिला समन्वयक विजयंत मान ने बताया कि कार्यक्रम का नेतृत्व चार डीआरपी (डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स पर्सन) और 48 बीआरपी (ब्लॉक रिसोर्स पर्सन) द्वारा किया गया। डीआरपी और बीआरपी के 20 दिवसीय अभ्यास कक्षा, शिक्षण प्रशिक्षण और कार्यक्रम का सतत अनुश्रवण किया। परिणाम यह रहा है कि कक्षा एक और दो के 54 फीसदी बच्चे शब्द और उससे ज्यादा पढ़ सकते हैं। कक्षा तीन से पांच तक के 64 फीसदी बच्चे बुनियादी पाठ पढ़ सकते हैं। बेसिक शिक्षा निदेशक डॉक्टर सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने पत्र जारी कर बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों और शिक्षकों को बधाई दी।
ग्रेडेड लर्निंग कार्यक्रम के तहत सहारनपुर में खासी मेहनत की गई है, जिसके परिणाम सुखद रहे हैं। बेसिक शिक्षा निदेशक की ओर से बधाई पत्र भी हमें मिला है। प्रयास यही रहेगा कि कार्यक्रम को आगे भी निरंतर जारी रखते हुए बच्चों के शैक्षिक स्तर में सुधार लाया जा सके। - रमेंद्र कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।
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परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक में पढ़ाई करने वाले कक्षा एक से पांच तक के बच्चों के शैक्षिक स्तर में सुधार के लिए जनपद में ग्रेडेड लर्निंग कार्यक्रम चलाया गया। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों में पढ़ने और लिखने तथा गणितीय सक्रियताओं के बुनियादी कौशल का विकास करने की कोशिश की गई। इसके अलावा शिक्षकों और शिक्षा अधिकारियों में भी बच्चों के शैक्षिक स्तर को जानने तथा उन्हें शिक्षण अधिगम सामग्री और गतिविधियों के माध्यम से रोचक ढंग से पढ़ाने के कौशल को विकसित किया गया। कुल 2735 शिक्षकों ने जिले में संचालित कार्यक्रम के तहत विद्यालयों में कक्षाएं संचालित करते हुए 93,359 बच्चों को उनका अधिगम स्तर बढ़ाने में सहयोग किया। कार्यक्रम के जिला समन्वयक विजयंत मान ने बताया कि कार्यक्रम का नेतृत्व चार डीआरपी (डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स पर्सन) और 48 बीआरपी (ब्लॉक रिसोर्स पर्सन) द्वारा किया गया। डीआरपी और बीआरपी के 20 दिवसीय अभ्यास कक्षा, शिक्षण प्रशिक्षण और कार्यक्रम का सतत अनुश्रवण किया। परिणाम यह रहा है कि कक्षा एक और दो के 54 फीसदी बच्चे शब्द और उससे ज्यादा पढ़ सकते हैं। कक्षा तीन से पांच तक के 64 फीसदी बच्चे बुनियादी पाठ पढ़ सकते हैं। बेसिक शिक्षा निदेशक डॉक्टर सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने पत्र जारी कर बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों और शिक्षकों को बधाई दी।
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ग्रेडेड लर्निंग कार्यक्रम के तहत सहारनपुर में खासी मेहनत की गई है, जिसके परिणाम सुखद रहे हैं। बेसिक शिक्षा निदेशक की ओर से बधाई पत्र भी हमें मिला है। प्रयास यही रहेगा कि कार्यक्रम को आगे भी निरंतर जारी रखते हुए बच्चों के शैक्षिक स्तर में सुधार लाया जा सके। - रमेंद्र कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।
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