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स्मार्ट सिटी योजना पकड़ेगी गति, बदलेगी शहर की सूरत
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सहारनपुर। भारतीय जनता पाटी के केंद्र की सत्ता पर पुन: काबिज होने से स्मार्ट सिटी योजना से शहर की सूरत संवरने की संभावना बढ़ गई है। ऐसे में शहरवासी अच्छे दिन आने के सपने देखने लगे हैं। यदि सबकुछ सही रहा तो अगले दो से तीन माह में योजना पर अमल शुरू हो जाएगा।
वर्ष 2014 में सरकार बनाते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्मार्ट सिटी योजना शुरू की थी। सहारनपुर शहर योजना की दौड़ में पहले साल से शामिल रहा। पहले दिन साल में कमजोर प्रस्ताव के कारण योजना में चयन नहीं करा पाया, मगर 19 जनवरी 2018 को आए चौथे चरण के परिणाम में सहारनपुर चयन कराने में सफल रहा। तब से योजना के तहत विभिन्न तरह की कमेटी बनाई जा चुकी हैं। जिनमें एसवीपी (स्पेशल पर्पज व्हीकल कमेटी), सहारनपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड कंपनी, पीएमसी (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेंट) और एडवाइजरी फोरम का गठन किया जाना शामिल है। पीएमसी करीब आठ माह से डीपीआर बनाने के काम में जुटी है। इसके अलावा दो सीनियर आईएएस अधिकारियों पूर्व कमिश्नर आरपी शुक्ल और पूर्व डीएम चौब सिंह को योजना के तहत सहारनपुर का निदेशक नियुक्त किया गया है। योजना के तहत होने वाले सभी कार्य दोनों अधिकारियों की देखरेख में होंगे। आचार संहिता लगने के बाद केंद्र में सत्ता परिवर्तन होने पर योजना के लटकने की आशंका बनी हुई थी। मगर 23 मई को आए परिणाम में भाजपा को पूर्ण बहुमत मिलने से योजना के साकार होने की संभावना भी बढ़ गई है। उम्मीद की जा रही है कि भाजपा सरकार अपनी योजना को अमलीजामा पहनाएगी और शहर की सूरत संवरेगी।
स्मार्ट सिटी योजना को लेकर सरकार पूरी तरह गंभीर है। लगभग हर माह लखनऊ में बैठकें चल रही हैं, जिसमें हम लगातार प्रतिभाग कर रहे हैं। योजना पर जल्द ही काम होने की उम्मीद है। योजना को लेकर शासन से जैसे भी आदेश होंगे उनका अनुपालन कराया जाएगा। -- ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।
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वर्ष 2014 में सरकार बनाते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्मार्ट सिटी योजना शुरू की थी। सहारनपुर शहर योजना की दौड़ में पहले साल से शामिल रहा। पहले दिन साल में कमजोर प्रस्ताव के कारण योजना में चयन नहीं करा पाया, मगर 19 जनवरी 2018 को आए चौथे चरण के परिणाम में सहारनपुर चयन कराने में सफल रहा। तब से योजना के तहत विभिन्न तरह की कमेटी बनाई जा चुकी हैं। जिनमें एसवीपी (स्पेशल पर्पज व्हीकल कमेटी), सहारनपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड कंपनी, पीएमसी (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेंट) और एडवाइजरी फोरम का गठन किया जाना शामिल है। पीएमसी करीब आठ माह से डीपीआर बनाने के काम में जुटी है। इसके अलावा दो सीनियर आईएएस अधिकारियों पूर्व कमिश्नर आरपी शुक्ल और पूर्व डीएम चौब सिंह को योजना के तहत सहारनपुर का निदेशक नियुक्त किया गया है। योजना के तहत होने वाले सभी कार्य दोनों अधिकारियों की देखरेख में होंगे। आचार संहिता लगने के बाद केंद्र में सत्ता परिवर्तन होने पर योजना के लटकने की आशंका बनी हुई थी। मगर 23 मई को आए परिणाम में भाजपा को पूर्ण बहुमत मिलने से योजना के साकार होने की संभावना भी बढ़ गई है। उम्मीद की जा रही है कि भाजपा सरकार अपनी योजना को अमलीजामा पहनाएगी और शहर की सूरत संवरेगी।
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स्मार्ट सिटी योजना को लेकर सरकार पूरी तरह गंभीर है। लगभग हर माह लखनऊ में बैठकें चल रही हैं, जिसमें हम लगातार प्रतिभाग कर रहे हैं। योजना पर जल्द ही काम होने की उम्मीद है। योजना को लेकर शासन से जैसे भी आदेश होंगे उनका अनुपालन कराया जाएगा। -- ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।
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