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एसडीए की योजना को नहीं मिल रहे खरीदार
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एसडीए की योजना को नहीं मिल रहे खरीदार
सहारनपुर। विकास प्राधिकरण आवासीय योजना को खरीदार नहीं मिल रहे हैं। यह योजना सेल्फ फाइनेंस है। खरीदार मिलने पर ही भवनों का निर्माण शुरू होगा। खरीदारों से एडवांस पैसा लेकर फ्लैट तैयार करके दिए जाएंगे। करीब एक माह से प्राधिकरण ग्राहकों को तलाश रहा है, कई तरह के प्रयास किए गए हैं, मगर ग्राहक नहीं मिल रहे। इस दशा में एसडीए की योजना अधर में लटकती नजर आ रही है। प्राधिकरण पिछले करीब दो साल से साहिबजी नगर में रिहायशी कॉलोनी काटने की सोच रहा है। मगर चिह्नित की गई जमीन में पेंच आने की वजह से मामला लटका हुआ था। करीब दो माह पहले जमीन का मामला सुलझ गया है, जिसके बाद विकास प्राधिकरण ने अपनी आवासीय योजना पर काम शुरू कर दिया है। प्राधिकरण ने साहिबजीनगर में सात मंजिला इमारत बनाने का निर्णय लिया है, जिसमें ग्राउंड फ्लोर में पार्किंग और शेष छह फ्लोर में 56 फ्लैट बनाने का निर्णय लिया है, जिसका नक्शा भी तैयार किया जा चुका है। चूंकि यह फ्लैट सेल्फ फाइनेंस बेस्ड होंगे। ऐसे में विकास प्राधिकरण पिछले एक माह से अधिक समय से ग्राहकों को तलाश रहा है। इसके लिए शहर में जगह-जगह होर्डिंग लगाकर प्रचार प्रसार किया जा रहा है। समाचार पत्रों में भी विज्ञापन जारी कराकर प्रचारित किया गया है। मगर इसके बाद भी ग्राहक नहीं मिल पा रहे हैं। ग्राहक नहीं मिलने की एक वजह 2बीएचके फ्लैट की कीमत करीब 45 लाख रुपये होना भी माना जा रहा है। ऐसे में योजना अधर में लटकती नजर आ रही है।
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उद्यमियों और व्यापारियों से संपर्क
योजना को सफल बनाने के लिए विकास प्राधिकरण ने शहर के उद्यमियों और व्यापारियों के साथ बैठक करने का निर्णय लिया है, जिससे उन्हीं के बीच से ग्राहक मिल जाएं। इसके लिए विकास प्राधिकरण के अधिकारी लगातार उद्यमियों और व्यापारियों से संपर्क साध रहे हैं, मगर अभी तक बैठक का तिथि तय नहीं हो सकी है।
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विकास प्राधिकरण ने साहिबजीनगर में फ्लैट बनाने का निर्णय लिया है। योजना सेल्फ फाइनेंस बेस्ड है। ऐसे में हमें ग्राहक चाहिए। फ्लैट में वह सभी सुविधाएं होंगी, जो अभी तक सहारनपुर की किसी प्राइवेट कॉलोनी में भी नहीं होंगी।
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सुखपाल भारती, उपाध्यक्ष, एसडीए।
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सहारनपुर। विकास प्राधिकरण आवासीय योजना को खरीदार नहीं मिल रहे हैं। यह योजना सेल्फ फाइनेंस है। खरीदार मिलने पर ही भवनों का निर्माण शुरू होगा। खरीदारों से एडवांस पैसा लेकर फ्लैट तैयार करके दिए जाएंगे। करीब एक माह से प्राधिकरण ग्राहकों को तलाश रहा है, कई तरह के प्रयास किए गए हैं, मगर ग्राहक नहीं मिल रहे। इस दशा में एसडीए की योजना अधर में लटकती नजर आ रही है। प्राधिकरण पिछले करीब दो साल से साहिबजी नगर में रिहायशी कॉलोनी काटने की सोच रहा है। मगर चिह्नित की गई जमीन में पेंच आने की वजह से मामला लटका हुआ था। करीब दो माह पहले जमीन का मामला सुलझ गया है, जिसके बाद विकास प्राधिकरण ने अपनी आवासीय योजना पर काम शुरू कर दिया है। प्राधिकरण ने साहिबजीनगर में सात मंजिला इमारत बनाने का निर्णय लिया है, जिसमें ग्राउंड फ्लोर में पार्किंग और शेष छह फ्लोर में 56 फ्लैट बनाने का निर्णय लिया है, जिसका नक्शा भी तैयार किया जा चुका है। चूंकि यह फ्लैट सेल्फ फाइनेंस बेस्ड होंगे। ऐसे में विकास प्राधिकरण पिछले एक माह से अधिक समय से ग्राहकों को तलाश रहा है। इसके लिए शहर में जगह-जगह होर्डिंग लगाकर प्रचार प्रसार किया जा रहा है। समाचार पत्रों में भी विज्ञापन जारी कराकर प्रचारित किया गया है। मगर इसके बाद भी ग्राहक नहीं मिल पा रहे हैं। ग्राहक नहीं मिलने की एक वजह 2बीएचके फ्लैट की कीमत करीब 45 लाख रुपये होना भी माना जा रहा है। ऐसे में योजना अधर में लटकती नजर आ रही है।
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उद्यमियों और व्यापारियों से संपर्क
योजना को सफल बनाने के लिए विकास प्राधिकरण ने शहर के उद्यमियों और व्यापारियों के साथ बैठक करने का निर्णय लिया है, जिससे उन्हीं के बीच से ग्राहक मिल जाएं। इसके लिए विकास प्राधिकरण के अधिकारी लगातार उद्यमियों और व्यापारियों से संपर्क साध रहे हैं, मगर अभी तक बैठक का तिथि तय नहीं हो सकी है।
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विकास प्राधिकरण ने साहिबजीनगर में फ्लैट बनाने का निर्णय लिया है। योजना सेल्फ फाइनेंस बेस्ड है। ऐसे में हमें ग्राहक चाहिए। फ्लैट में वह सभी सुविधाएं होंगी, जो अभी तक सहारनपुर की किसी प्राइवेट कॉलोनी में भी नहीं होंगी।
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सुखपाल भारती, उपाध्यक्ष, एसडीए।