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दुग्ध उद्योग में निवेश पर मिलेगा अनुदान
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सहारनपुर। दुग्ध शाला विकास विभाग द्वारा दुग्ध नीति 2018 के माध्यम से प्रदेश में दुग्ध उद्योग के क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करने एवं प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए रियायतें, वित्तीय सुविधाएं एवं अनुदान प्रदान किया जाना है।
सहारनपुर में उप दुग्ध शाला विकास अधिकारी बृज मोहन त्यागी ने बताया कि इस योजना में पूंजीगत निवेश अनुदान लाभार्थियों को परियोजना लागत का 25 प्रतिशत या अधिकतम 50 लाख रुपये तक दो किश्तों में दिया जाना है। इस योजना में उत्पादों का श्रेणीकरण तथा मानकीकरण कराने हेतु वास्तविक रूप से भुगतान की गई फीस एंड टेस्टिंग चार्ज के सापेक्ष 50 प्रतिशत अधिकतम 1.50 लाख अनुदान प्रतिपूर्ति दी जानी है। दुग्ध प्रसंस्करण इकाइयों के बाजार विकास एवं ब्रांड प्रोत्साहन उत्पाद के निर्यात को अन्य देशों में उत्पाद का नमूना (सैंपल) भेजने, एयरपोर्ट/समुद्रीपोर्ट तक परिवहन होने वाले व्यय तथा उत्पाद पर आर्थिक सहयोग प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि दुग्ध नीति 2018 में प्रतिभाग करने के लिए विभाग की वेबसाइट से मार्ग निर्देशिका डाउनलोड की जा सकती है।
वनों में आग की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण को वन संरक्षक अग्नि कक्ष स्थापित
सहारनपुर। वन संरक्षक/क्षेत्रीय निदेशक वीके जैन ने बताया कि वर्ष 2019 अग्नि सीजन में वनों में आग की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण रखने, अग्नि दुर्घटनाओं का अनुश्रवण करने तथा वन अग्नि दुर्घटनाओं के संबंध में विभिन्न श्रोतों से सूचना एकत्र करने के लिए वन संरक्षक अग्नि कक्ष की स्थापना कर दी गई है। इस नियंत्रण कक्ष के प्रभारी सुरेश चंद्र पांडेय प्रशासनिक अधिकारी और श्वेता चौधरी कनिष्ठ सहायक होंगी। जो अग्नि कक्ष की सूचना मिलते ही तत्काल नियंत्रण कक्ष में उपलब्ध रजिस्टर में दर्ज करेंगे। वनों में होने वाली अग्नि दुर्घटनाओं की सूचना नियंत्रण कक्ष के टेलीफोन नंबर 0132-2765801 पर कभी भी दी जा सकती है। फायर सीजन में सहारनपुर वृत्त के आरक्षित वन/संरक्षित वन क्षेत्रों में ज्वलनशील पदार्थ ले जाना वर्जित है। यदि कोई व्यक्ति आरक्षित अथवा संरक्षित वन क्षेत्र में ज्वलनशील पदार्थ सहित पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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सहारनपुर में उप दुग्ध शाला विकास अधिकारी बृज मोहन त्यागी ने बताया कि इस योजना में पूंजीगत निवेश अनुदान लाभार्थियों को परियोजना लागत का 25 प्रतिशत या अधिकतम 50 लाख रुपये तक दो किश्तों में दिया जाना है। इस योजना में उत्पादों का श्रेणीकरण तथा मानकीकरण कराने हेतु वास्तविक रूप से भुगतान की गई फीस एंड टेस्टिंग चार्ज के सापेक्ष 50 प्रतिशत अधिकतम 1.50 लाख अनुदान प्रतिपूर्ति दी जानी है। दुग्ध प्रसंस्करण इकाइयों के बाजार विकास एवं ब्रांड प्रोत्साहन उत्पाद के निर्यात को अन्य देशों में उत्पाद का नमूना (सैंपल) भेजने, एयरपोर्ट/समुद्रीपोर्ट तक परिवहन होने वाले व्यय तथा उत्पाद पर आर्थिक सहयोग प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि दुग्ध नीति 2018 में प्रतिभाग करने के लिए विभाग की वेबसाइट से मार्ग निर्देशिका डाउनलोड की जा सकती है।
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वनों में आग की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण को वन संरक्षक अग्नि कक्ष स्थापित
सहारनपुर। वन संरक्षक/क्षेत्रीय निदेशक वीके जैन ने बताया कि वर्ष 2019 अग्नि सीजन में वनों में आग की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण रखने, अग्नि दुर्घटनाओं का अनुश्रवण करने तथा वन अग्नि दुर्घटनाओं के संबंध में विभिन्न श्रोतों से सूचना एकत्र करने के लिए वन संरक्षक अग्नि कक्ष की स्थापना कर दी गई है। इस नियंत्रण कक्ष के प्रभारी सुरेश चंद्र पांडेय प्रशासनिक अधिकारी और श्वेता चौधरी कनिष्ठ सहायक होंगी। जो अग्नि कक्ष की सूचना मिलते ही तत्काल नियंत्रण कक्ष में उपलब्ध रजिस्टर में दर्ज करेंगे। वनों में होने वाली अग्नि दुर्घटनाओं की सूचना नियंत्रण कक्ष के टेलीफोन नंबर 0132-2765801 पर कभी भी दी जा सकती है। फायर सीजन में सहारनपुर वृत्त के आरक्षित वन/संरक्षित वन क्षेत्रों में ज्वलनशील पदार्थ ले जाना वर्जित है। यदि कोई व्यक्ति आरक्षित अथवा संरक्षित वन क्षेत्र में ज्वलनशील पदार्थ सहित पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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