{"_id":"5b8ae62e42c79210c643b862","slug":"151535829550-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नंदलाल के स्वागत को सज गया शहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नंदलाल के स्वागत को सज गया शहर
Updated Sun, 02 Sep 2018 12:49 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नंदलाल के स्वागत को सज गया शहर
सहारनपुर। श्री कृष्ण जन्माष्टमी रविवार को धूमधाम से मनाई जाएगी। नंदलाल के स्वागत को शहर सज गया। मंदिरों को रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से सजाया गया है। बाजारों में मिठाइयों और लड्डू गोपाल के लिए आभूषणों और वस्त्रों की जमकर खरीददारी हुई।
महानगर के मंदिरों में जन्माष्टमी हर्षोल्लास से मनाने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शनिवार को बाजारों में रौनक रही। भगवान श्री कृष्ण को भोग लगाने के लिए लोग विभिन्न तरह की मिठाइयां खरीदते हुए नजर आए। इसके साथ ही लड्डू गोपाल के लिए आभूषण और वस्त्र खरीदे गए। श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर, श्री बागेश्वर महादेव मंदिर, श्री पातालेश्वर महादेव मंदिर, श्री पाठेश्वर महादेव मंदिर, श्री बालाजी धाम, श्री हरी मंदिर, श्री नारायणपुरी मंदिर, तहसील शिव मंदिर, श्री विश्रामपुरी काल भैरव मंदिर को रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से आकर्षण रूप से सजाया गया है। इसके साथ ही रानी बाजार, हकीकतनगर चौक, पुलिस लाइन, खलासी लाइन, किशनपुरा, बड़तला यादगार में बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें वृंदावन से आए कलाकार एक से बढ़कर एक झांकियां और भजनों पर प्रस्तुति देंगे।
आज है व्रत रखने का योग
ब्रह्मपुरी कॉलोनी स्थित श्री बग्लामुखी मंदिर के अधिष्ठाता पंडित रोहित वशिष्ठ ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर व्रत रखना अति फलदायी होता है। इस बार श्री कृष्ण जन्माष्टमी का योग दो सितंबर को आरंभ हो रहा है। अष्टमी तिथि रात्री 8:47 बजे पर आरंभ होकर तीन सितंबर को शाम 7:19 बजे तक रहेगी। रोहिणी नक्षत्ररात्री 8:48 बजे से तीन सितंबर को रात्री 8:04 बजे तक रहेगा। हर्षण योग सायं काल 4:25 बजे से तीन सितंबर को दोपहर को 2:15 बजे तक रहेगा। चंद्र उदय रात्री 11:02 बजे पर होगा और तीन सितंबर को 11:40 पर होगा। चंद्र उदय के समय अष्टमी दो सितंबर को ही है। तीन सितंबर को चंद्र उदय के समय अष्टमी तिथि तो है, लेकिन न ही रोहिणी नक्षत्र न ही हर्षण योग है।
विज्ञापन
अनुष्ठान से होती संतान प्राप्ति: रोहित
भगवान श्रीकृष्ण को संतान गोपाल भी कहा जाता है। नि:संतान दंपति यदि नियमपूर्वक एक वर्ष तक भगवान श्री कृष्ण की उपासना करें तो निश्चय ही सुयोग्य संतान की प्राप्ति होगी। पंडित रोहित वशिष्ठ ने बताया कि श्री कृष्ण जन्माष्टमी अनुष्ठान आरंभ करने का सर्वोत्तम दिवस है। लड्डू गोपाल की ब्राह्मण से घर में स्थापना कराएं । पति-पत्नी मिलकर यह अनुष्ठान करें। प्रात: काल स्नान करके भगवान श्रीकृष्ण को प्रणाम करें। श्री हरिवंश पुराण की व्यवस्था पहले ही करें। श्री हरिवंश पुराण का पारायण एवं संतान गोपाल मंत्र से संतान की प्राप्ति होगी। श्री कृष्ण के सम्मुख गाय के घी का दीपक जलाएं। घर पर तैयार मक्खन एवं मिश्री का भोग लगाएं। बीज वाला फल भगवान को अर्पण करें। 10 माला अर्थात 1080 बार संतान गोपाल मंत्र का जप करें। श्री हरिवंश पुराण को प्रथम अध्याय से आरंभ करते हुए प्रतिदिन तीन बार पाठ करें। भगवान श्री कृष्ण की आरती करें। एक वर्ष तक निरंतर यह नियम करें।
विज्ञापन
सहारनपुर। श्री कृष्ण जन्माष्टमी रविवार को धूमधाम से मनाई जाएगी। नंदलाल के स्वागत को शहर सज गया। मंदिरों को रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से सजाया गया है। बाजारों में मिठाइयों और लड्डू गोपाल के लिए आभूषणों और वस्त्रों की जमकर खरीददारी हुई।
महानगर के मंदिरों में जन्माष्टमी हर्षोल्लास से मनाने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शनिवार को बाजारों में रौनक रही। भगवान श्री कृष्ण को भोग लगाने के लिए लोग विभिन्न तरह की मिठाइयां खरीदते हुए नजर आए। इसके साथ ही लड्डू गोपाल के लिए आभूषण और वस्त्र खरीदे गए। श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर, श्री बागेश्वर महादेव मंदिर, श्री पातालेश्वर महादेव मंदिर, श्री पाठेश्वर महादेव मंदिर, श्री बालाजी धाम, श्री हरी मंदिर, श्री नारायणपुरी मंदिर, तहसील शिव मंदिर, श्री विश्रामपुरी काल भैरव मंदिर को रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से आकर्षण रूप से सजाया गया है। इसके साथ ही रानी बाजार, हकीकतनगर चौक, पुलिस लाइन, खलासी लाइन, किशनपुरा, बड़तला यादगार में बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें वृंदावन से आए कलाकार एक से बढ़कर एक झांकियां और भजनों पर प्रस्तुति देंगे।
विज्ञापन
आज है व्रत रखने का योग
ब्रह्मपुरी कॉलोनी स्थित श्री बग्लामुखी मंदिर के अधिष्ठाता पंडित रोहित वशिष्ठ ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर व्रत रखना अति फलदायी होता है। इस बार श्री कृष्ण जन्माष्टमी का योग दो सितंबर को आरंभ हो रहा है। अष्टमी तिथि रात्री 8:47 बजे पर आरंभ होकर तीन सितंबर को शाम 7:19 बजे तक रहेगी। रोहिणी नक्षत्ररात्री 8:48 बजे से तीन सितंबर को रात्री 8:04 बजे तक रहेगा। हर्षण योग सायं काल 4:25 बजे से तीन सितंबर को दोपहर को 2:15 बजे तक रहेगा। चंद्र उदय रात्री 11:02 बजे पर होगा और तीन सितंबर को 11:40 पर होगा। चंद्र उदय के समय अष्टमी दो सितंबर को ही है। तीन सितंबर को चंद्र उदय के समय अष्टमी तिथि तो है, लेकिन न ही रोहिणी नक्षत्र न ही हर्षण योग है।
विज्ञापन
अनुष्ठान से होती संतान प्राप्ति: रोहित
भगवान श्रीकृष्ण को संतान गोपाल भी कहा जाता है। नि:संतान दंपति यदि नियमपूर्वक एक वर्ष तक भगवान श्री कृष्ण की उपासना करें तो निश्चय ही सुयोग्य संतान की प्राप्ति होगी। पंडित रोहित वशिष्ठ ने बताया कि श्री कृष्ण जन्माष्टमी अनुष्ठान आरंभ करने का सर्वोत्तम दिवस है। लड्डू गोपाल की ब्राह्मण से घर में स्थापना कराएं । पति-पत्नी मिलकर यह अनुष्ठान करें। प्रात: काल स्नान करके भगवान श्रीकृष्ण को प्रणाम करें। श्री हरिवंश पुराण की व्यवस्था पहले ही करें। श्री हरिवंश पुराण का पारायण एवं संतान गोपाल मंत्र से संतान की प्राप्ति होगी। श्री कृष्ण के सम्मुख गाय के घी का दीपक जलाएं। घर पर तैयार मक्खन एवं मिश्री का भोग लगाएं। बीज वाला फल भगवान को अर्पण करें। 10 माला अर्थात 1080 बार संतान गोपाल मंत्र का जप करें। श्री हरिवंश पुराण को प्रथम अध्याय से आरंभ करते हुए प्रतिदिन तीन बार पाठ करें। भगवान श्री कृष्ण की आरती करें। एक वर्ष तक निरंतर यह नियम करें।