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16 घंटे बाद नहर से निकले तीनों छात्रों के शव
Updated Thu, 31 May 2018 12:24 AM IST
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16 घंटे बाद नहर से निकले तीनों छात्रों के शव
बेहट (सहारनपुर)। गंदेवड़ के पास पूर्वी यमुना नहर में डूबे ग्लोकल यूनिवर्सिटी के तीनों छात्रों के शव बुधवार सुबह 16 घंटे बाद नहर में बने कुंड़ से बाहर निकाले गए। इसके लिए पुलिस को ग्रामीणों की मदद से पंप लगवाकर कुंड़ से पानी निकलवाना पड़ा। इससे पहले हथनी कुंड बैराज से नहर का पानी बंद कराकर गोताखोरों से छात्रों की तलाश कराई गई थी। लेकिन पुल के नीचे बने इस कुंड़ गहराई अधिक होने के कारण गोताखोर उसमें नीचे तक नहीं पहुंच पा रहे थे। पानी उन्हें ऊपर उठा रहा था। बाद में अंधेरा होने के कारण तलाश अभियान बीच में रोकना पड़ा था। तीनों छात्रों के शव बाहर निकलने के बाद परिजनों को सौंप दिए गए।
बता दें कि मंगलवार दोपहर दो बजे ग्लोकल यूनिवर्सिटी के बीएससी रेडियोलॉजी टेक्नोलॉजी के छात्र सलमान अहमद (22), आजाद (21) निवासी गांव सुनहैटी और अब्दुल कादिर (21) निवासी इस्माईलपुर से वापस लौटते समय गंदेवड़ के पास पूर्वी यमुना नहर में नहाने के दौरान डूब गए थे। सूचना मिलने पर बेहट एवं मिर्जापुर पुलिस मौके पर पहुंची थी।
हथनी कुंड बैराज से नहर को बंद कराकर गोताखोरों से छात्रों की तलाश कराई गई थी। लेकिन जिस जगह छात्र डूबे थे, वहां करीब 20 फीट गहरा कुंड था, जिसमें छात्रों को तलाश करने में गोताखोरों को सफलता नहीं मिल सकी थी। बुधवार सुबह पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से पंप लगवाकर कुंड़ से पानी निकलवाया। पानी कम होने पर स्थानीय गोताखोर पानी के अंदर गए तो तीनों छात्रों के शव मिल गए। शवों को बाहर निकाला गया। परिजनों के पोस्टमार्टम कराने से मना करने पर पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद तीनों शवों को उनके परिजनों की सुपुर्दगी में दे दिया। शवों को देखकर परिवारों में कोहराम मच गया। हर किसी आंख छात्रों के शवों को देखकर नम हो गई।
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बेहट (सहारनपुर)। गंदेवड़ के पास पूर्वी यमुना नहर में डूबे ग्लोकल यूनिवर्सिटी के तीनों छात्रों के शव बुधवार सुबह 16 घंटे बाद नहर में बने कुंड़ से बाहर निकाले गए। इसके लिए पुलिस को ग्रामीणों की मदद से पंप लगवाकर कुंड़ से पानी निकलवाना पड़ा। इससे पहले हथनी कुंड बैराज से नहर का पानी बंद कराकर गोताखोरों से छात्रों की तलाश कराई गई थी। लेकिन पुल के नीचे बने इस कुंड़ गहराई अधिक होने के कारण गोताखोर उसमें नीचे तक नहीं पहुंच पा रहे थे। पानी उन्हें ऊपर उठा रहा था। बाद में अंधेरा होने के कारण तलाश अभियान बीच में रोकना पड़ा था। तीनों छात्रों के शव बाहर निकलने के बाद परिजनों को सौंप दिए गए।
बता दें कि मंगलवार दोपहर दो बजे ग्लोकल यूनिवर्सिटी के बीएससी रेडियोलॉजी टेक्नोलॉजी के छात्र सलमान अहमद (22), आजाद (21) निवासी गांव सुनहैटी और अब्दुल कादिर (21) निवासी इस्माईलपुर से वापस लौटते समय गंदेवड़ के पास पूर्वी यमुना नहर में नहाने के दौरान डूब गए थे। सूचना मिलने पर बेहट एवं मिर्जापुर पुलिस मौके पर पहुंची थी।
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हथनी कुंड बैराज से नहर को बंद कराकर गोताखोरों से छात्रों की तलाश कराई गई थी। लेकिन जिस जगह छात्र डूबे थे, वहां करीब 20 फीट गहरा कुंड था, जिसमें छात्रों को तलाश करने में गोताखोरों को सफलता नहीं मिल सकी थी। बुधवार सुबह पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से पंप लगवाकर कुंड़ से पानी निकलवाया। पानी कम होने पर स्थानीय गोताखोर पानी के अंदर गए तो तीनों छात्रों के शव मिल गए। शवों को बाहर निकाला गया। परिजनों के पोस्टमार्टम कराने से मना करने पर पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद तीनों शवों को उनके परिजनों की सुपुर्दगी में दे दिया। शवों को देखकर परिवारों में कोहराम मच गया। हर किसी आंख छात्रों के शवों को देखकर नम हो गई।
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