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निगम कर्मचारी कूडा डाले तो कैसे निर्मल रहेगी पावधोई नदी
Updated Thu, 03 May 2018 11:48 PM IST
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सहारनपुर। सहारनपुर की गंगा पांवधोई नदी को निर्मल बनाने की योजना को निगम कर्मचारी ही पलीता लगा रहे हैं। क्षेत्र से एकत्र होने वाले कूड़े को पांवधोई में डाला जा रहा है, जबकि पांवधोई को स्वच्छ बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च हो चुका है। लोगों ने साफ कहा कि प्रशासन की योजना दिखावे से ज्यादा कुछ नहीं है। पांवधोई नदी को स्वच्छ बनाने के लिए प्रशासन कई बार अभियान चला चुका है। दस वर्षों से पांवधोई नदी को निर्मल बनाने का प्रयास चल रहा है। इसके लिए पांवधोई बचाव समिति और निगरानी कमेटी भी गठित है। सरकारी तंत्र ने पांवधोई को निर्मल बनाने की सिर्फ औपचारिकता पूरी की है।
धोबीघाट को गंगाघाट का नाम दिया गया। मगर, गंगाघाट बनाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। 70 अधिक नाले पांवधोई नदी में गिरते हैं, जिन्हें रोकने के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया।
-राकेश कुमार निवासी जवाहर पार्क
पांवधोई नदी को साफ करने की योजना सिर्फ कागजों तक सीमित हैं। नदी को स्वच्छ करने के लिए आज तक प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।
-पूजा निवासी धोबी घाट
प्रशासन की योजना दिखावे से ज्यादा कुछ नहीं है। नदी में शहर के बड़े हिस्से की गंदगी रोजाना डाली जाती है। कई गांवों का गंदा पानी भी नदी में बहककर आता है। प्रशासन ने नदी के गंदी होने की मूल समस्या को समाप्त करने का प्रयास नहीं किया। रैलियां निकालने से नदी साफ होने वाली नहीं है। - संजय जैन निवासी भूतेश्वर मंदिर रोड
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नगर निगम के कर्मचारी ही रोजाना पांवधोई नदी में कूड़ा डालते हैं। प्रशासन अपने कर्मचारियों को ही नहीं रोक पा रहा है। गंदगी के कारण शाम के समय पांवधोई नदी के आसपास से निकलना भी मुश्किल हो जाता है। गंदगी की वजह से मच्छरों की भरमार है।
-अरविंद गुप्ता निवासी भूतेश्वर मार्ग
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धोबीघाट को गंगाघाट का नाम दिया गया। मगर, गंगाघाट बनाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। 70 अधिक नाले पांवधोई नदी में गिरते हैं, जिन्हें रोकने के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया।
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-राकेश कुमार निवासी जवाहर पार्क
पांवधोई नदी को साफ करने की योजना सिर्फ कागजों तक सीमित हैं। नदी को स्वच्छ करने के लिए आज तक प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।
-पूजा निवासी धोबी घाट
प्रशासन की योजना दिखावे से ज्यादा कुछ नहीं है। नदी में शहर के बड़े हिस्से की गंदगी रोजाना डाली जाती है। कई गांवों का गंदा पानी भी नदी में बहककर आता है। प्रशासन ने नदी के गंदी होने की मूल समस्या को समाप्त करने का प्रयास नहीं किया। रैलियां निकालने से नदी साफ होने वाली नहीं है। - संजय जैन निवासी भूतेश्वर मंदिर रोड
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नगर निगम के कर्मचारी ही रोजाना पांवधोई नदी में कूड़ा डालते हैं। प्रशासन अपने कर्मचारियों को ही नहीं रोक पा रहा है। गंदगी के कारण शाम के समय पांवधोई नदी के आसपास से निकलना भी मुश्किल हो जाता है। गंदगी की वजह से मच्छरों की भरमार है।
-अरविंद गुप्ता निवासी भूतेश्वर मार्ग