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Saharanpur News: प्लाॅट बेचने का झांसा देकर 15 लाख ठगे
Wed, 18 Jun 2025 12:31 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Wed, 18 Jun 2025 12:31 AM IST
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सहारनपुर। थाना सदर बाजार क्षेत्र में फर्जी दस्तावेजों से प्लाॅट बेचने का झांसा देकर 15 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित के रजिस्ट्री कार्यालय में पहुंचने पर पता चला कि जिस व्यक्ति से जमीन का सौदा किया था, वह उस जमीन का मालिक ही नहीं है। इस मामले में पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पेपर मिल रोड स्थित कपिल विहार निवासी आशु ठाकुर ने तहरीर देकर बताया कि रिहायशी जमीन की आवश्यकता थी। इसी दौरान सुभाष चंद नामक व्यक्ति मिला, उसने खुद को शेखपुरा कदीम में श्री सांई शांति नगर स्थित 774 वर्ग गज जमीन का मालिक बताते हुए सौदा किया।
जमीन की कीमत 6250 रुपये प्रति वर्ग गज तय हुई, जिसकी कुल रकम 48,37,500 रुपये बनती थी। बयाने में पीड़ित ने 15 लाख रुपये नकद व बैंक ट्रांसफर के माध्यम से दिए। इसमें पांच लाख नकद व शेष धनराशि एनईएफटी व आरटीजीएस केजरिए अलग-अलग बैंकों से सुभाष चंद के खाते में ट्रांसफर की गई। एक मई 2024 को इकरारनामा 100 रुपये के स्टांप पर तैयार कराया गया, जिस पर दोनों पक्षों ने हस्ताक्षर किए। बैनामे की बात पर विपक्षी ने हाथ खींचने शुरू कर दिए। पीड़ित रजिस्ट्री कार्यालय पहुंचा, जहां पता चला कि संबंधित जमीन पहले ही किसी अन्य को बेची जा चुकी है।
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फर्जी तरीके से जमीन का मालिक बताकर धोखाधड़ी की। पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। इसके बाद पीड़ित ने कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। अब जाकर पुलिस ने आरोपी सुभाष चंद के खिलाफ केस दर्ज किया।
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पेपर मिल रोड स्थित कपिल विहार निवासी आशु ठाकुर ने तहरीर देकर बताया कि रिहायशी जमीन की आवश्यकता थी। इसी दौरान सुभाष चंद नामक व्यक्ति मिला, उसने खुद को शेखपुरा कदीम में श्री सांई शांति नगर स्थित 774 वर्ग गज जमीन का मालिक बताते हुए सौदा किया।
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जमीन की कीमत 6250 रुपये प्रति वर्ग गज तय हुई, जिसकी कुल रकम 48,37,500 रुपये बनती थी। बयाने में पीड़ित ने 15 लाख रुपये नकद व बैंक ट्रांसफर के माध्यम से दिए। इसमें पांच लाख नकद व शेष धनराशि एनईएफटी व आरटीजीएस केजरिए अलग-अलग बैंकों से सुभाष चंद के खाते में ट्रांसफर की गई। एक मई 2024 को इकरारनामा 100 रुपये के स्टांप पर तैयार कराया गया, जिस पर दोनों पक्षों ने हस्ताक्षर किए। बैनामे की बात पर विपक्षी ने हाथ खींचने शुरू कर दिए। पीड़ित रजिस्ट्री कार्यालय पहुंचा, जहां पता चला कि संबंधित जमीन पहले ही किसी अन्य को बेची जा चुकी है।
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फर्जी तरीके से जमीन का मालिक बताकर धोखाधड़ी की। पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। इसके बाद पीड़ित ने कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। अब जाकर पुलिस ने आरोपी सुभाष चंद के खिलाफ केस दर्ज किया।