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ज्यादा नमक का प्रयोग जिंदगी के लिए खतरा

Mon, 24 Dec 2018 12:00 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 24 Dec 2018 12:00 AM IST
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ज्यादा नमक का प्रयोग जिंदगी के लिए खतरा
ज्यादा नमक का प्रयोग जिंदगी के लिए खतरा
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सहारनपुर। नमक के बिना भोजन का स्वाद अधूरा है। मगर यही नमक यदि ज्यादा मात्रा में लिया जाए तो जिंदगी के लिए खतरा बन सकता है। इसलिए नमक का संतुलित प्रयोग ही करें। आईएमए की ओर से रक्तचाप और हृदय रोग पर नियंत्रण पर जागरूकता के लिए कराए गए शिविर में चिकित्सकों ने यह बात कही।
रविवार को आईएमए भवन में आयोजित शिविर में बढ़ती सर्दी में इन रोगों सहित अन्य बीमारियों पर नियंत्रण के लिए सजग रहने को कहा गया। आईएमए के अध्यक्ष डॉक्टर एसके शर्मा ने कहा कि देश में हर पांचवां व्यक्ति उच्च रक्तचाप का शिकार है। इसका प्रभाव मुख्य रूप से दिल पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि हार्ट अटैक मृत्यु का नंबर एक कारण बन गया है। कई बार दिल की बीमारी अनुवांशिक होती है। मगर नमक का अधिक सेवन करना, धूम्रपान करना, अधिक शराब पीना, अधिक गुस्सा करना, चिंता करना भी इस बीमारी की वजह बनता है।
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वरिष्ठ फिजीशियन डॉक्टर संजीव मिगलानी ने उच्च रक्तचाप और हृदय रोग के लक्षणों को बताने के साथ ही इससे बचाव के लिए दिनचर्या में बदलाव के प्रति जागरूक किया। उनके साथ ही डा. प्रशांत खन्ना ने दिल के मरीजों को भारी काम नहीं करने, खाने के बाद कुछ देर विश्राम करने, मोटापे पर नियंत्रण करने, धूम्रपान और शराब से परहेज करने की सलाह दी। डॉक्टर अतुल जैन, डॉक्टर मोहन पांडेय ने भी लोगों को जागरूक किया। कार्यक्रम में डॉक्टर अनुपम मलिक, डॉक्टर नीरज आर्या, डॉक्टर उषा कुमारी, डॉक्टर अतुल जैन, डॉक्टर नरेंद्र खन्ना, डॉक्टर सीएस चोपड़ा, डॉक्टर मनोज चतुर्वेदी, डॉक्टर नैना मिगलानी सहित अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।
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ये है हृदय रोग के लक्षण
- मरीज की छाती में दर्द होता है, जो दाएं से बाएं हाथ में या फिर गले में जा सकता है। दर्द के साथ पसीना आना, उल्टी होना, सांस फूलना भी इसके मुख्य लक्षण हैं। कई बार हार्ट अटैक के कोई लक्षण सामने नहीं आते यानी यह साइलेंट तरीके से आता है। 65 साल से अधिक उम्र वाले मरीजों, शुगर या गुर्दे के मरीजों के साथ अक्सर ऐसा होता है।
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सुबह चार से दस बजे के बीच रहें सावधान
- दिल के मरीजों को सर्दी में अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। डॉक्टर मिगलानी ने बताया कि सर्दी में सुबह चार से दस बजे तक का समय दिल के मरीजों के लिए खतरनाक है क्योंकि सुबह के समय कैटेकोलामीन तत्व का रिसाव बढ़ जाता है और दिल की नसें सिकुड़ने की वजह से हाई ब्लड प्रेशर या हार्ट अटैक की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में मरीज विशेष सावधानी बरतें।

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योग क्रियाओं के लाभ बताएं
शिविर में योगी विजय कुमार जग्गा और अलका चौधरी ने योग क्रियाओं के जरिए स्वस्थ रहने की सीख भी मौजूद लोगों को दी। अलका चौधरी ने योग की अनेक क्रियाएं मंच पर करके दिखाईं। इनमें ताड़ासन, त्रिकोणासन, शवासन, नाड़ी शोधन, प्राणायाम आदि शामिल रहीं। विजय कुमार ने मरीजों को चिकित्सक की सलाह से ही योग क्रियाएं अपनाने के लिए कहा।
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