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सऊदी अरब सहित तीन देशों के उलमा देवबंद पहुंचे
Updated Wed, 23 May 2018 12:16 AM IST
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सऊदी अरब सहित तीन देशों के उलमा देवबंद पहुंचे
देवबंद (सहारनपुर)। सऊदी अरब, तुर्की और लंदन से देवबंद पहुंचे तीन प्रसिद्ध आलिमों ने आल इंडिया इक्तेसादी कौंसिल के चेयरमैन मौलाना हसीब सिद्दीकी से मुलाकात कर उनसे हदीस पढ़ाने की इजाजत ली। इसके बाद उन्होंने दारुल उलूम का दौरा भी किया।
सोमवार को देवबंद पहुंचे तुर्की के मौलाना मोहम्मद इकबाल, लंदन के मौलाना मोहम्मद दाऊद और सऊदी अरब के मौलाना मोहम्मद बिलाल मदनी ने मुस्लिम फंड ट्रस्ट के महाप्रबंधक और ऑल इंडिया इक्तेसादी कौंसिल के चेयरमैन मौलाना हसीब सिद्दीकी से मुलाकात की। मौलाना इकबाल ने बताया कि वे यहां हदीस पढ़ाने की इजाजत लेने के लिए आए हैं क्योंकि मौलाना हसीब सिद्दीकी हजरत मौलाना हुसैन अहमद मदनी के आखिरी शार्गिद हैं। इसलिए उन्होंने हदीस पढ़ाने की इजाजत दी है। इसके बाद वह इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम गए जहां लाइब्रेरी में ऐतिहासिक पुस्तकों के जखीरे को देखा। इसके बाद मस्जिद रशीदिया को देखा गया।
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देवबंद (सहारनपुर)। सऊदी अरब, तुर्की और लंदन से देवबंद पहुंचे तीन प्रसिद्ध आलिमों ने आल इंडिया इक्तेसादी कौंसिल के चेयरमैन मौलाना हसीब सिद्दीकी से मुलाकात कर उनसे हदीस पढ़ाने की इजाजत ली। इसके बाद उन्होंने दारुल उलूम का दौरा भी किया।
सोमवार को देवबंद पहुंचे तुर्की के मौलाना मोहम्मद इकबाल, लंदन के मौलाना मोहम्मद दाऊद और सऊदी अरब के मौलाना मोहम्मद बिलाल मदनी ने मुस्लिम फंड ट्रस्ट के महाप्रबंधक और ऑल इंडिया इक्तेसादी कौंसिल के चेयरमैन मौलाना हसीब सिद्दीकी से मुलाकात की। मौलाना इकबाल ने बताया कि वे यहां हदीस पढ़ाने की इजाजत लेने के लिए आए हैं क्योंकि मौलाना हसीब सिद्दीकी हजरत मौलाना हुसैन अहमद मदनी के आखिरी शार्गिद हैं। इसलिए उन्होंने हदीस पढ़ाने की इजाजत दी है। इसके बाद वह इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम गए जहां लाइब्रेरी में ऐतिहासिक पुस्तकों के जखीरे को देखा। इसके बाद मस्जिद रशीदिया को देखा गया।
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