फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   कराची हाईकोर्ट के आदेश वाले मैसेज से अभिभावक गदगद

कराची हाईकोर्ट के आदेश वाले मैसेज से अभिभावक गदगद

Fri, 11 May 2018 11:44 PM IST
Updated Fri, 11 May 2018 11:44 PM IST
विज्ञापन
कराची हाईकोर्ट के आदेश वाले मैसेज से अभिभावक गदगद
देवबंद (सहारनपुर)। कोई भी प्राइवेट स्कूल छुट्टियों के दिनों यानि जून-जुलाई की महीने की फीस नहीं ले सकेगा। अगर उस स्कूल ने मना करने के बाद फीस वसूली तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। जिसमें उसकी मान्यता भी रद हो सकती है। इसके लिए अभिभावक पुलिस में शिकायत भी कर सकते हैं। अगर किसी ने एडवांस में फीस जमा करदी है तो वापस मांग ले या अगले महीने में एडजस्ट करा दें। स्कूल फीस एडजस्ट न करे तो पुलिस में शिकायत करे। पुलिस न सुने तो सीएम विंडो पर शिकायत करें। जागो ग्राहक जागो। हाईकोर्ट के आदेश वाला उक्त मैसेज इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी के साथ वायरल हो रहा है।
विज्ञापन

रिट सीपी-नंबर 5812/2015-एसओ (जी-111) एसई 2एल/पीएस/एचसी/3-859/18 (05.03.2018) वाला मैसेज इन दिनों एक दूसरे के मोबाइल पर तेजी से दौड़ रहा है। मैसेज पढ़कर लोगों में खुशी की लहर दौड़ी। लेकिन दूसरे ही पल उन्होंने इसकी कितनी सच्चाई जानने के लिए समाचार पत्रों तथा संबंधित विभाग से फोन करने शुरू कर दिए। इस संबंध में जब स्कूल संचालकों से बात की गई तो उनका कहना था कि मैसेज बिल्कुल फर्जी है। लोगों को भ्रमित करने के लिए इसे सोशल मीडिया पर डाल दिया गया। बीएसए रामेंद्र कुमार सिंह ने हाईकोर्ट के आदेश वाले किसी भी प्रकार के मैसेज के संबंध में अनभिज्ञता जताई है। कहा कि इस बाबत कई पत्रकारों ने भी उन्हें फोन कर पूछा था। ऐसा आदेश उनके पास कोई नहीं आया है। मैसेज की पड़ताल से पता चला कि यह रिट हाईकोर्ट सिंध, कराची (पाकिस्तान) में डाली गई थी। याचिका पर हाईकोर्ट सिंध ने 7 अक्तूबर 2016 को फैसला दिया था। ऐसे में भारत में यह आदेश लागू नहीं हो सकते। वहीं, शिक्षक नगर निवासी नीलम शर्मा, सुरेंद्र शर्मा, रेलवे रोड निवासी दलीप मल्होत्रा, रिंकू, डा. विश्वनाथ गौतम आदि का कहना था कि जब स्कूलों में छुट्टियों में पढ़ाई ही नहीं होती है तो फीस देने का औचित्य नहीं बैठता है। ऐसा आदेश भारत में भी लागू होना चाहिए। एक स्कूल संचालक ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि वह अपने शिक्षकों को 12 महीनों का वेतन देते हैं ऐसे में बच्चों से जून-जुलाई की फीस ली जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed