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चंद्रशेखर की रिहाई के लिए एएमयू में बड़े आंदोलन की तैयारी
Updated Sun, 01 Apr 2018 12:52 AM IST
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चंद्रशेखर की रिहाई के लिए एएमयू में बड़े आंदोलन की तैयारी
सहारनपुर। भीम आर्मी भारत एकता मिशन के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद की रिहाई को लेकर भले ही चंद्रशेखर का गृह जनपद सहारनपुर शांत हो, मगर एएमयू (अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी) का छात्र संघ चंद्रशेखर की रिहाई के लिए बड़े आंदोलन की तैयारी में जुटा है। इसके लिए एएमयू के छात्र संघ अध्यक्ष दिल्ली यूनिवर्सिटी और जेएनयू के छात्रों को जोड़ने में लगे हैं। छात्र संघ अध्यक्ष का दावा है कि एएमयू के सभी एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक छात्र पूरी तरह एकजुट हो चुके हैं।
शब्बीरपुर में पांच मई 2017 को जातीय संघर्ष हुआ था, जिसमें दलितों के एक दर्जन से अधिक मकान फूंक दिए गए थे। घटना के बाद नौ मई को भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने मल्हीपुर रोड स्थित रामनगर समेत जनपद में कई जगह पर आगजनी और तोड़फोड़ की गई थी। एसपी सिटी संजय सिंह और एडीएम-प्रशासन एसके दुबे को भागकर जान बचानी पड़ी थी। नौ मई की घटना के बाद भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर समेत अनेक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। करीब पांच महीने पहले हाई कोर्ट से चंद्रशेखर को जमानत मिल गई थी, मगर सरकार ने उस पर तुरंत रासुका लगाकर जेल में डाल दिया। तब से वह सहारनपुर की जेल में बंद है। चंद्रशेखर की रिहाई के लिए एएमयू का छात्र संघ बड़े आंदोलन की तैयारी में है। कुछ दिन पहले मानवाधिकार कार्यकर्ता तीस्ता शीतलवाड़ वुमेंस मीट में हिस्सा लेने के लिए एएमयू पहुंची थीं। उन्होंने जेल में बंद चंद्रशेखर की रिहाई के लिए एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यकों से एकजुटता का आह्वान किया था। तब से छात्र संघ अध्यक्ष मशकूर उस्मानी दिल्ली यूनिवर्सिटी और जेएनयू के छात्रों से लगातार संपर्क कर एकजुट करने में जुटे हैं। उनका मकसद तीनों यूनिवर्सिटी के एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक एकजुट कर एएमयू से बड़े आंदोलन की शुरूआत करना है।
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यह रहेगी आंदोलन की रूपरेखा
एएमयू छात्र संघ अध्यक्ष ने आंदोलन की शुरूआत हस्ताक्षर अभियान से शुरू की है। इसके बाद वह सड़क पर उतरकर मार्च निकालने के साथ ही लखनऊ पहुंचकर विधान सभा का घेराव करने और उसके बाद दिल्ली में तीनों यूनिवर्सिटी के छात्रों को एकजुट कर संसद का घेराव करने की तैयारी में हैं। दावा किया जा रहा है कि तीनों यूनिवर्सिटी के एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक छात्र एकजुट हो चुके हैं। अब केवल तारीख तय करना बाकी है।
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जब से देश और प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हुआ है। तब से दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ी हैं। चंद्रशेखर को सरकार ने साजिश के तहत रासुका लगाकर जेल में डाला हुआ है। चंद्रशेखर की रिहाई के लिए हम एएमयू के साथ ही डीयू और जेएनयू के छात्रों को जोड़ने में जुटे हैं। चंद्रशेखर की रिहाई के लिए कानून के दायरे में रहकर आंदोलन चलाया जाएगा।
मशकूर उस्मानी, छात्र संघ अध्यक्ष, एएमयू।
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सहारनपुर। भीम आर्मी भारत एकता मिशन के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद की रिहाई को लेकर भले ही चंद्रशेखर का गृह जनपद सहारनपुर शांत हो, मगर एएमयू (अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी) का छात्र संघ चंद्रशेखर की रिहाई के लिए बड़े आंदोलन की तैयारी में जुटा है। इसके लिए एएमयू के छात्र संघ अध्यक्ष दिल्ली यूनिवर्सिटी और जेएनयू के छात्रों को जोड़ने में लगे हैं। छात्र संघ अध्यक्ष का दावा है कि एएमयू के सभी एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक छात्र पूरी तरह एकजुट हो चुके हैं।
शब्बीरपुर में पांच मई 2017 को जातीय संघर्ष हुआ था, जिसमें दलितों के एक दर्जन से अधिक मकान फूंक दिए गए थे। घटना के बाद नौ मई को भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने मल्हीपुर रोड स्थित रामनगर समेत जनपद में कई जगह पर आगजनी और तोड़फोड़ की गई थी। एसपी सिटी संजय सिंह और एडीएम-प्रशासन एसके दुबे को भागकर जान बचानी पड़ी थी। नौ मई की घटना के बाद भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर समेत अनेक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। करीब पांच महीने पहले हाई कोर्ट से चंद्रशेखर को जमानत मिल गई थी, मगर सरकार ने उस पर तुरंत रासुका लगाकर जेल में डाल दिया। तब से वह सहारनपुर की जेल में बंद है। चंद्रशेखर की रिहाई के लिए एएमयू का छात्र संघ बड़े आंदोलन की तैयारी में है। कुछ दिन पहले मानवाधिकार कार्यकर्ता तीस्ता शीतलवाड़ वुमेंस मीट में हिस्सा लेने के लिए एएमयू पहुंची थीं। उन्होंने जेल में बंद चंद्रशेखर की रिहाई के लिए एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यकों से एकजुटता का आह्वान किया था। तब से छात्र संघ अध्यक्ष मशकूर उस्मानी दिल्ली यूनिवर्सिटी और जेएनयू के छात्रों से लगातार संपर्क कर एकजुट करने में जुटे हैं। उनका मकसद तीनों यूनिवर्सिटी के एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक एकजुट कर एएमयू से बड़े आंदोलन की शुरूआत करना है।
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यह रहेगी आंदोलन की रूपरेखा
एएमयू छात्र संघ अध्यक्ष ने आंदोलन की शुरूआत हस्ताक्षर अभियान से शुरू की है। इसके बाद वह सड़क पर उतरकर मार्च निकालने के साथ ही लखनऊ पहुंचकर विधान सभा का घेराव करने और उसके बाद दिल्ली में तीनों यूनिवर्सिटी के छात्रों को एकजुट कर संसद का घेराव करने की तैयारी में हैं। दावा किया जा रहा है कि तीनों यूनिवर्सिटी के एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक छात्र एकजुट हो चुके हैं। अब केवल तारीख तय करना बाकी है।
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जब से देश और प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हुआ है। तब से दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ी हैं। चंद्रशेखर को सरकार ने साजिश के तहत रासुका लगाकर जेल में डाला हुआ है। चंद्रशेखर की रिहाई के लिए हम एएमयू के साथ ही डीयू और जेएनयू के छात्रों को जोड़ने में जुटे हैं। चंद्रशेखर की रिहाई के लिए कानून के दायरे में रहकर आंदोलन चलाया जाएगा।
मशकूर उस्मानी, छात्र संघ अध्यक्ष, एएमयू।