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पृथक राज्य से ही होगा वेस्ट यूपी का विकास : वर्मा
Updated Sun, 17 Dec 2017 01:13 AM IST
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पृथक राज्य से ही होगा वेस्ट यूपी का विकास : वर्मा
रामपुर मनिहारान। पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश का विकास तभी हो सकता है जब पृथक पश्चिम प्रदेश का निर्माण किया जाए। उन्होंने कहा कि इस प्रदेश में गरीबी, गुंडागर्दी, महंगाई, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी आदि समस्याओं का समाधान पृथक राज्य बनाकर ही किया जा सकता है।
शनिवार को यहां तहसील प्रांगण में हुई बैठक में भगत सिंह वर्मा ने कहा कि पश्विम उत्तर प्रदेश के 25 जिले प्रदेश सरकार को 80 प्रतिशत राजस्व देते हैं जबकि यहां के विकास पर मात्र 19 प्रतिशत राजस्व दिया जाता है। पूरब के जिले सरकार को मात्र 20 प्रतिशत राजस्व देते है और वहां सरकार 80 प्रतिशत धन को खर्च करती है। उन्होंने कहा कि यह वेस्ट यूपी की जनता के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि मोर्चे की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भेजा गया है जिसमें उत्तर प्रदेश को चार भागो में विभाजित करने की मांग की गई है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की खुशहाली व आम जनता को बेराजगारी से मुक्ति के लिए प्रदेश को चार भागों के बांटा जाना अति आवश्यक है। बैठक में राजेन्द्र सिंह मान, आसिम मलिक, विनोद सैनी, सरदार गुलविन्द्र सिंह, रविन्द्र सिंह, असगर अली, संजय त्यागी, यामीन, महेन्द्र सिंह, नरेश कुमार, सुलेमान, डा. यशपाल सिंह, रियासत पहलवान आदि रहे।
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रामपुर मनिहारान। पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश का विकास तभी हो सकता है जब पृथक पश्चिम प्रदेश का निर्माण किया जाए। उन्होंने कहा कि इस प्रदेश में गरीबी, गुंडागर्दी, महंगाई, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी आदि समस्याओं का समाधान पृथक राज्य बनाकर ही किया जा सकता है।
शनिवार को यहां तहसील प्रांगण में हुई बैठक में भगत सिंह वर्मा ने कहा कि पश्विम उत्तर प्रदेश के 25 जिले प्रदेश सरकार को 80 प्रतिशत राजस्व देते हैं जबकि यहां के विकास पर मात्र 19 प्रतिशत राजस्व दिया जाता है। पूरब के जिले सरकार को मात्र 20 प्रतिशत राजस्व देते है और वहां सरकार 80 प्रतिशत धन को खर्च करती है। उन्होंने कहा कि यह वेस्ट यूपी की जनता के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि मोर्चे की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भेजा गया है जिसमें उत्तर प्रदेश को चार भागो में विभाजित करने की मांग की गई है।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश की खुशहाली व आम जनता को बेराजगारी से मुक्ति के लिए प्रदेश को चार भागों के बांटा जाना अति आवश्यक है। बैठक में राजेन्द्र सिंह मान, आसिम मलिक, विनोद सैनी, सरदार गुलविन्द्र सिंह, रविन्द्र सिंह, असगर अली, संजय त्यागी, यामीन, महेन्द्र सिंह, नरेश कुमार, सुलेमान, डा. यशपाल सिंह, रियासत पहलवान आदि रहे।
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