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Saharanpur News: डायलिसिस यूनिट में 14 वेटिंग, एक और बढ़ेगी निगेटिव मशीन
Sun, 15 Sep 2024 02:21 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sun, 15 Sep 2024 02:21 AM IST
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सहारनपुर। एसबीडी जिला अस्पताल की हीमो डायलिसिस यूनिट में वेटिंग की स्थिति बन रही है। इस समय 14 वेटिंग चल रही है। ऐसे में मरीजों को डायलिसिस के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। अब डायलिसिस में एक और मशीन बढ़ेगी, जो शासन से मंजूर हो गई है। जिसके बाद वेटिंग काफी हद तक कम हो जाएंगी।
एसबीडी जिला अस्पताल में हीमो डायलिसिस यूनिट की स्थापना 19 अगस्त 2017 में हुई थी। यूनिट में तीन पॉजिटिव और नौ निगेटिव मशीनें स्थापित हैं। तीन शिफ्टों में डायलिसिस होती है। पहली शिफ्ट सुबह आठ से दोपहर 12, दूसरी दोपहर एक से शाम पांच और तीसरी शिफ्ट शाम छह बजे से रात 10 बजे तक चलती है। 12 मशीन होने के बावजूद यूनिट में वेटिंग खत्म नहीं हो पाई है। जिसके चलते मरीजों को डायलिसिस के लिए कई दिनों का इंतजार करना पड़ रहा है।
मशीनों की संख्या बढ़ाने के लिए पिछले दिनों अस्पताल प्रबंधन की ओर से शासन में डिमांड भेजी गई थी। जिस पर शासन से एक मशीन की मंजूरी मिल भी गई है। जल्द ही यूनिट में एक और निगेटिव की मशीन आ जाएगी। अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि एक और मशीन मिलने के बाद वेटिंग नहीं होगी। हीमो डायलिसिस यूनिट के प्रबंधक मोहित कुमार ने बताया कि अस्पताल में किडनी मरीजों को बिना किसी फीस के परामर्श से लेकर सभी जांच, जरूरी दवाएं और जरूरत पड़ने पर डायलिसिस की जाती है, जो पूरी तरह निशुल्क है।
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हीमो डायलिसिस यूनिट में पॉजिटिव एवं निगेटिव की 12 मशीनें हैं। समय-समय पर मशीन बढ़ाने के लिए शासन को डिमांड भेजी जाती है। जल्द ही एक और मशीन मिलने जा रही है।
- डॉ. रामानंद, कार्यवाहक प्रमुख अधीक्षक, एसबीडी जिला अस्पताल
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एसबीडी जिला अस्पताल में हीमो डायलिसिस यूनिट की स्थापना 19 अगस्त 2017 में हुई थी। यूनिट में तीन पॉजिटिव और नौ निगेटिव मशीनें स्थापित हैं। तीन शिफ्टों में डायलिसिस होती है। पहली शिफ्ट सुबह आठ से दोपहर 12, दूसरी दोपहर एक से शाम पांच और तीसरी शिफ्ट शाम छह बजे से रात 10 बजे तक चलती है। 12 मशीन होने के बावजूद यूनिट में वेटिंग खत्म नहीं हो पाई है। जिसके चलते मरीजों को डायलिसिस के लिए कई दिनों का इंतजार करना पड़ रहा है।
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मशीनों की संख्या बढ़ाने के लिए पिछले दिनों अस्पताल प्रबंधन की ओर से शासन में डिमांड भेजी गई थी। जिस पर शासन से एक मशीन की मंजूरी मिल भी गई है। जल्द ही यूनिट में एक और निगेटिव की मशीन आ जाएगी। अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि एक और मशीन मिलने के बाद वेटिंग नहीं होगी। हीमो डायलिसिस यूनिट के प्रबंधक मोहित कुमार ने बताया कि अस्पताल में किडनी मरीजों को बिना किसी फीस के परामर्श से लेकर सभी जांच, जरूरी दवाएं और जरूरत पड़ने पर डायलिसिस की जाती है, जो पूरी तरह निशुल्क है।
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हीमो डायलिसिस यूनिट में पॉजिटिव एवं निगेटिव की 12 मशीनें हैं। समय-समय पर मशीन बढ़ाने के लिए शासन को डिमांड भेजी जाती है। जल्द ही एक और मशीन मिलने जा रही है।
- डॉ. रामानंद, कार्यवाहक प्रमुख अधीक्षक, एसबीडी जिला अस्पताल