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भूल से खाने-पीने पर नहीं टूटता रोजा
Updated Tue, 22 May 2018 12:40 AM IST
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भूल से खाने-पीने पर नहीं टूटता रोजा
सहारनपुर। हेल्पलाइन पर रोजेदारों द्वारा पूछे गए सवालों का इमाम कारी इसहाक गोरा, मुफ्ती अरशद गोरा, मौलाना जुल्फकार कासमी, मौलाना जुबैर मजाहिरी, मौलाना दाऊद ने शरीयत के हिसाब से जवाब दिया। रोजेदार अपनी शंकाएं दूर कर रहे हैं।
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सवाल-- रायवाला निवासी खुर्शीद ने पूछा कि उनको बीमारी के कारण
भूलने की आदत है। रोजे की हालत में उन्होंने भूल से पानी पी लिया और बिस्कुट खा लिया। बाद में उनको याद आया कि वह रोजे से हैं। क्या इस सूरत में रोजा रहेगा या नहीं।
जवाब-- अगर किसी व्यक्ति ने भूल से पानी पी लिया या कुछ खा लिया तो रोजा खत्म नहीं होगा। क्योंकि, भूल पर कोई मवाखजा नहीं है। शरीयत कहा गया कि रोजेदार ने भूले से कुछ खा लिया तो रोजा नहीं टूटेगा।
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सवाल- मेहंदी सराय निवासी शहबाज ने पूछा कि वह रोजे की हालत में अपने हाथो के नाखून काट रहे थे। किसी व्यक्ति ने उनको बोला नाखून काटने से रोजा टूट जाता है, क्या यह सही है।
जवाब- रोजे की हालत में हाथों-पैरों के नाखून काटे जा सकते हैं। उससे रोजे पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
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सवाल- कुतुबशेर निवासी इब्राहिम ने पूछा कि हम जहां तरावीह पढ़ रहे हैं, वहां हाफिज साहब इतनी जल्दी कुरान पढ़ते हैं कि अक्सर शब्द समझ ही नहीं आते हैं। इस तरह पढ़ने पर शरीयत में क्या हुकुम है।
जवाब- अगर कोई व्यक्ति कुरान करीम को इस कदर जल्दी पढ़ता है कि शब्द कटते हों तो ये बड़ा गुनाह है। पढ़ाने वाले को इसका सवाब नहीं मिलेगा।
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सहारनपुर। हेल्पलाइन पर रोजेदारों द्वारा पूछे गए सवालों का इमाम कारी इसहाक गोरा, मुफ्ती अरशद गोरा, मौलाना जुल्फकार कासमी, मौलाना जुबैर मजाहिरी, मौलाना दाऊद ने शरीयत के हिसाब से जवाब दिया। रोजेदार अपनी शंकाएं दूर कर रहे हैं।
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सवाल-- रायवाला निवासी खुर्शीद ने पूछा कि उनको बीमारी के कारण
भूलने की आदत है। रोजे की हालत में उन्होंने भूल से पानी पी लिया और बिस्कुट खा लिया। बाद में उनको याद आया कि वह रोजे से हैं। क्या इस सूरत में रोजा रहेगा या नहीं।
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जवाब-- अगर किसी व्यक्ति ने भूल से पानी पी लिया या कुछ खा लिया तो रोजा खत्म नहीं होगा। क्योंकि, भूल पर कोई मवाखजा नहीं है। शरीयत कहा गया कि रोजेदार ने भूले से कुछ खा लिया तो रोजा नहीं टूटेगा।
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सवाल- मेहंदी सराय निवासी शहबाज ने पूछा कि वह रोजे की हालत में अपने हाथो के नाखून काट रहे थे। किसी व्यक्ति ने उनको बोला नाखून काटने से रोजा टूट जाता है, क्या यह सही है।
जवाब- रोजे की हालत में हाथों-पैरों के नाखून काटे जा सकते हैं। उससे रोजे पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
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सवाल- कुतुबशेर निवासी इब्राहिम ने पूछा कि हम जहां तरावीह पढ़ रहे हैं, वहां हाफिज साहब इतनी जल्दी कुरान पढ़ते हैं कि अक्सर शब्द समझ ही नहीं आते हैं। इस तरह पढ़ने पर शरीयत में क्या हुकुम है।
जवाब- अगर कोई व्यक्ति कुरान करीम को इस कदर जल्दी पढ़ता है कि शब्द कटते हों तो ये बड़ा गुनाह है। पढ़ाने वाले को इसका सवाब नहीं मिलेगा।