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समारोह में की 42 तलबाओं की दस्तारबंदी
Updated Wed, 11 Apr 2018 12:33 AM IST
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समारोह में की 42 तलबाओं की दस्तारबंदी
बेहट (सहारनपुर)। खानकाह रायेपुर स्थित मदरसा फैज ए हिदायत में मंगलवार को तलबाओं की दस्तारबंदी की गई। इस मौके पर छात्रों ने भाषण, तराने, शायरी आदि भी पेश किए।
प्रोग्राम की शुरूआत नाते रसूल से की गई। इसके बाद हजरत सैय्यद मुकर्रम हुसैन संसारपुरी एवं ऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अब्दुल्लाह मुगीसी ने कुरआन हिफ्ज करने वाले 51, तजवीद करने वाले 12 और दौर पुरा करने वाले 42 तलबाओं की दस्तारबंदी की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि कौम तालीम के प्रति जागरूक होकर हर हाल में अपने बच्चों को तालीम हासिल कराएं। दीनी तालीम के साथ साथ बच्चों को आधुनिक तालीम दिलाना हम सभी अभिभावकों की अहम जिम्मेदारी है। तालीम के बिना मुल्क और कौम तरक्की नहीं कर सकती। इससे पहले मदरसे के छात्रों ने मरहूम इस्लामिक विद्वान हजरत मुफ्ती अब्दुल कय्यूम साहब रायेपुरी की जिंदगी पर खुद तैयार किए गए भाषण, तराने और अशआर पढ़े।
प्रोग्राम की निजामत मौलाना बदरे आलम ने की। इस मौके पर मौलाना रिजवान, मदरसे के नाजिम हजरत शाह अतीक अहमद, मौलाना महमूद हसन नदवी, मौलाना यामीन, मौलाना मो. उमर कासमी, गुलफरान अंजुम, कारी इकराम, हजरत सूफी खालिद, मौलाना डॉ. अब्दुल मालिक मुगीसी, मुफ्ती मसूद नदवी, मौलाना सलीम कासमी, कारी अकरम, मौलाना सादिक नदवी, डॉ. शफीक रायेपुरी, मौलाना शाहिद आदि की मौजूदगी रही।
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बेहट (सहारनपुर)। खानकाह रायेपुर स्थित मदरसा फैज ए हिदायत में मंगलवार को तलबाओं की दस्तारबंदी की गई। इस मौके पर छात्रों ने भाषण, तराने, शायरी आदि भी पेश किए।
प्रोग्राम की शुरूआत नाते रसूल से की गई। इसके बाद हजरत सैय्यद मुकर्रम हुसैन संसारपुरी एवं ऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अब्दुल्लाह मुगीसी ने कुरआन हिफ्ज करने वाले 51, तजवीद करने वाले 12 और दौर पुरा करने वाले 42 तलबाओं की दस्तारबंदी की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि कौम तालीम के प्रति जागरूक होकर हर हाल में अपने बच्चों को तालीम हासिल कराएं। दीनी तालीम के साथ साथ बच्चों को आधुनिक तालीम दिलाना हम सभी अभिभावकों की अहम जिम्मेदारी है। तालीम के बिना मुल्क और कौम तरक्की नहीं कर सकती। इससे पहले मदरसे के छात्रों ने मरहूम इस्लामिक विद्वान हजरत मुफ्ती अब्दुल कय्यूम साहब रायेपुरी की जिंदगी पर खुद तैयार किए गए भाषण, तराने और अशआर पढ़े।
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प्रोग्राम की निजामत मौलाना बदरे आलम ने की। इस मौके पर मौलाना रिजवान, मदरसे के नाजिम हजरत शाह अतीक अहमद, मौलाना महमूद हसन नदवी, मौलाना यामीन, मौलाना मो. उमर कासमी, गुलफरान अंजुम, कारी इकराम, हजरत सूफी खालिद, मौलाना डॉ. अब्दुल मालिक मुगीसी, मुफ्ती मसूद नदवी, मौलाना सलीम कासमी, कारी अकरम, मौलाना सादिक नदवी, डॉ. शफीक रायेपुरी, मौलाना शाहिद आदि की मौजूदगी रही।
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