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ट्रैफिक सिग्नल से चलेगी शहर की यातायात व्यवस्था
Updated Sun, 04 Mar 2018 11:48 PM IST
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सहारनपुर। वर्षों से पुराने ढर्रे पर चल रही शहर की यातायात व्यवस्था जल्द ही पटरी पर लौटने वाली है। यातायात व्यवस्था ट्रैफिक सिग्नल से चलेगी। कमिश्नर के निर्देश पर तीन विभाग ट्रैफिक सिग्नल के बंद होने की वजह जानने के लिए जांच में जुटे हैं। कमिश्नर ने एक सप्ताह के भीतर सभी ट्रैफिक सिग्नलों को चालू करने के निर्देश दिए हैं। लापरवाही की स्थिति में कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।
शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए वर्ष 2015 में लाखों रुपये खर्च कर घंटाघर चौक समेत शहर के प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल लगाए गए थे। मुश्किल से एक महीना चलने के बाद ये सिग्नल बंद कर दिए गए। तत्कालीन एसपी ट्रैफिक का कहना था कि ट्रैफिक सिग्नल की टाइमिंग का शहर के यातायात से तालमेल नहीं बैठ रहा है। घंटाघर पर अंबाला रोड और देहरादून रोड से आने वाले वाहन जाम की वजह बन रहे हैं। इसकी वजह से वहां ट्रैफिक सिग्नल बंद कर देने पड़े हैं। मगर यातायात विभाग ने घंटाघर के साथ ही अन्य चौराहों जैसे दीवानी कचहरी तिराहा, कलक्ट्रेट तिराहा, देहरादून चौक आदि पर भी ट्रैफिक सिग्नल को बंद कर दिया। तीन साल से यातायात पुलिस ही पूरी तरह से चौराहों पर यातायात व्यवस्था को संभाल रही है। तीन साल से बंद होने की वजह से ज्यादातर सिग्नल लाइटें खराब पड़ी हैं। साथ ही उनमें लगी बैट्री भी जवाब दे चुकी हैं। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने मामले को गंभीरता से लिया है। 27 फरवरी को हुई बैठक में कमिश्नर ने सहारनपुर विकास प्राधिकरण, नगर निगम व पुलिस अधीक्षक यातायात की संयुक्त टीम को सिग्नल लाइटों की जांच कर एक सप्ताह में चालू कराने के निर्देश दिए। ट्रैफिक सिग्नल लाइट में किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।
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शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए वर्ष 2015 में लाखों रुपये खर्च कर घंटाघर चौक समेत शहर के प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल लगाए गए थे। मुश्किल से एक महीना चलने के बाद ये सिग्नल बंद कर दिए गए। तत्कालीन एसपी ट्रैफिक का कहना था कि ट्रैफिक सिग्नल की टाइमिंग का शहर के यातायात से तालमेल नहीं बैठ रहा है। घंटाघर पर अंबाला रोड और देहरादून रोड से आने वाले वाहन जाम की वजह बन रहे हैं। इसकी वजह से वहां ट्रैफिक सिग्नल बंद कर देने पड़े हैं। मगर यातायात विभाग ने घंटाघर के साथ ही अन्य चौराहों जैसे दीवानी कचहरी तिराहा, कलक्ट्रेट तिराहा, देहरादून चौक आदि पर भी ट्रैफिक सिग्नल को बंद कर दिया। तीन साल से यातायात पुलिस ही पूरी तरह से चौराहों पर यातायात व्यवस्था को संभाल रही है। तीन साल से बंद होने की वजह से ज्यादातर सिग्नल लाइटें खराब पड़ी हैं। साथ ही उनमें लगी बैट्री भी जवाब दे चुकी हैं। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने मामले को गंभीरता से लिया है। 27 फरवरी को हुई बैठक में कमिश्नर ने सहारनपुर विकास प्राधिकरण, नगर निगम व पुलिस अधीक्षक यातायात की संयुक्त टीम को सिग्नल लाइटों की जांच कर एक सप्ताह में चालू कराने के निर्देश दिए। ट्रैफिक सिग्नल लाइट में किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।
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