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प्रभावी पैरवी कर अपराधियों को दिलाएं सजा
Updated Thu, 11 Jan 2018 12:53 AM IST
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प्रभावी पैरवी कर अपराधियों को दिलाएं सजा
सहारनपुर। जिलाधिकारीपीके पांडेय ने शासकीय अधिवक्ताओं को निर्देश दिए कि वे अपराधियों को सजा दिलाने में न्यायालयों में चल रहे वादों की प्रभावी पैरवी करें। कोई भी अपराधी सजा बचना नहीं चाहिए।
कलेक्ट्रेट सभागार में अभियोजन विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान डीएम ने कहा कि जिन मामलों में अभियुक्त बरी हुए हैं, उनका गहन परीक्षण किया जाए। यदि प्रकरण अपील योग्य है तो अपील की जाए। एससीएसटी उत्पीड़न के प्रकरणों में गवाही एक दिन में ही पूरी कराने का प्रयास किया जाए। महत्वपूर्ण अपराधों का तीन वर्ष का तुलनात्मक अध्ययन किया जाए। पुलिस व कारागार के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कारागार में बंद कुख्यात बंदियों की गतिविधियों पर नजर रखें। उन्होंने कहा कि कारागार में गैर सरकारी एवं स्वयंसेवी संगठनों तथा निजी संस्थानों के सहयोग से बंदियों को नैतिक शिक्षा, योग, साक्षरता, मनोरंजन एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए। एसएसपी बबलू कुमार ने कहा कि न्यायालय में वादों के निस्तारण में जो भी पुलिस कर्मी लापरवाही दिखा रहे हों, उनकी सूचना उपलब्ध कराई जाए। मुकदमों में साक्ष्य देने के लिए उपस्थित ना होने वाले पुलिसकर्मियों के जानकारी दी जाए। यदि लापरवाही सामने आएगी तो कार्रवाई की जाएगी। गवाहों को डराने व धमकाने वालों पर भी पुलिस की नजर है। इस दौरान अपर जिलाधिकारी प्रशासन एसके दुबे, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व विनोद कुमार, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण विद्या सागर मिश्र, संयुक्त निदेशक अभियोजन, जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी धर्मवीर पुंडीर आदि मौजूद रहे।
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सहारनपुर। जिलाधिकारीपीके पांडेय ने शासकीय अधिवक्ताओं को निर्देश दिए कि वे अपराधियों को सजा दिलाने में न्यायालयों में चल रहे वादों की प्रभावी पैरवी करें। कोई भी अपराधी सजा बचना नहीं चाहिए।
कलेक्ट्रेट सभागार में अभियोजन विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान डीएम ने कहा कि जिन मामलों में अभियुक्त बरी हुए हैं, उनका गहन परीक्षण किया जाए। यदि प्रकरण अपील योग्य है तो अपील की जाए। एससीएसटी उत्पीड़न के प्रकरणों में गवाही एक दिन में ही पूरी कराने का प्रयास किया जाए। महत्वपूर्ण अपराधों का तीन वर्ष का तुलनात्मक अध्ययन किया जाए। पुलिस व कारागार के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कारागार में बंद कुख्यात बंदियों की गतिविधियों पर नजर रखें। उन्होंने कहा कि कारागार में गैर सरकारी एवं स्वयंसेवी संगठनों तथा निजी संस्थानों के सहयोग से बंदियों को नैतिक शिक्षा, योग, साक्षरता, मनोरंजन एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए। एसएसपी बबलू कुमार ने कहा कि न्यायालय में वादों के निस्तारण में जो भी पुलिस कर्मी लापरवाही दिखा रहे हों, उनकी सूचना उपलब्ध कराई जाए। मुकदमों में साक्ष्य देने के लिए उपस्थित ना होने वाले पुलिसकर्मियों के जानकारी दी जाए। यदि लापरवाही सामने आएगी तो कार्रवाई की जाएगी। गवाहों को डराने व धमकाने वालों पर भी पुलिस की नजर है। इस दौरान अपर जिलाधिकारी प्रशासन एसके दुबे, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व विनोद कुमार, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण विद्या सागर मिश्र, संयुक्त निदेशक अभियोजन, जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी धर्मवीर पुंडीर आदि मौजूद रहे।
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