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छात्राओं को किया जागरुक
Updated Thu, 07 Dec 2017 12:02 AM IST
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सेफ्टी पिन और दुपट्टे को हथियार बनाएं बेटियां: डीआईजी
सहारनपुर। डीआईजी सुनील इमेनुअल ने कहा कि लड़कियों और महिलाओं को अपनी सुरक्षा के लिए खुद आगे आना होगा। जरूरत पड़ने पर वह अपने पास रखी जाने कंघी, दुपट्टा और सेफ्टी पिन को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर सकती हैं। वह नारी सुरक्षा सप्ताह के तहत बुधवार को सेंट मैरी एकेडमी में आयोजित कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ डीआईजी सुनील इमेनुअल, प्रोग्रेसिव स्कूल सोसायटी के संयोजक सुरेंद्र चौहान और प्रधानाचार्य फादर थारसिस ने संयुक्त रूप से किया। डीआईजी ने कहा कि छात्राओं को अपने साथ होने वाली छेड़छाड़ की किसी भी घटना का पहली बार में ही जवाब दे देना चाहिए। कई बार उनकी चुप्पी कई बार सामने वाले की हिम्मत को बढ़ाती हैं। इसके अलावा उन्हें तुरंत महिला हेल्प लाइन सेवा 1090 और डायल 100 का भी इस्तेमाल करना चाहिए। समय पड़ने पर वह आत्मरक्षा के लिए कंघी, सेफ्टी पिन, दुपट्टा और सैंडल का इस्तेमाल कर सकती हैं। छात्राओं को सोशल मीडिया के बारे में जागरूक करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति से फेसबुक व व्हाट्सएप आदि पर दोस्ती करने से पूर्व अच्छी तरह जांच परख कर लें तथा किसी भी अनजान व्यक्ति से दोस्ती न करें। छात्राओं की सुरक्षा के लिए हाईस्कूल के बाद पावर एंजिल शक्ति परी के चयन प्रक्रिया की भी जानकारी दी। डीआईजी ने स्वयं प्रोजेक्टर के माध्यम से 1090 तथा डीजीपी का संदेश भी दिखाया। प्रधानाचार्य फादर थारसिस ने भी छात्राओं को सुरक्षा संबंधी टिप्स बताए। उधर, पाइनवुड स्कूल में भी इसी तरह का आयोजन हुआ, जिसमें डीआईजी ने पहुंचकर छात्राओं को सुरक्षा की जानकारी दी।
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सहारनपुर। डीआईजी सुनील इमेनुअल ने कहा कि लड़कियों और महिलाओं को अपनी सुरक्षा के लिए खुद आगे आना होगा। जरूरत पड़ने पर वह अपने पास रखी जाने कंघी, दुपट्टा और सेफ्टी पिन को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर सकती हैं। वह नारी सुरक्षा सप्ताह के तहत बुधवार को सेंट मैरी एकेडमी में आयोजित कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ डीआईजी सुनील इमेनुअल, प्रोग्रेसिव स्कूल सोसायटी के संयोजक सुरेंद्र चौहान और प्रधानाचार्य फादर थारसिस ने संयुक्त रूप से किया। डीआईजी ने कहा कि छात्राओं को अपने साथ होने वाली छेड़छाड़ की किसी भी घटना का पहली बार में ही जवाब दे देना चाहिए। कई बार उनकी चुप्पी कई बार सामने वाले की हिम्मत को बढ़ाती हैं। इसके अलावा उन्हें तुरंत महिला हेल्प लाइन सेवा 1090 और डायल 100 का भी इस्तेमाल करना चाहिए। समय पड़ने पर वह आत्मरक्षा के लिए कंघी, सेफ्टी पिन, दुपट्टा और सैंडल का इस्तेमाल कर सकती हैं। छात्राओं को सोशल मीडिया के बारे में जागरूक करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति से फेसबुक व व्हाट्सएप आदि पर दोस्ती करने से पूर्व अच्छी तरह जांच परख कर लें तथा किसी भी अनजान व्यक्ति से दोस्ती न करें। छात्राओं की सुरक्षा के लिए हाईस्कूल के बाद पावर एंजिल शक्ति परी के चयन प्रक्रिया की भी जानकारी दी। डीआईजी ने स्वयं प्रोजेक्टर के माध्यम से 1090 तथा डीजीपी का संदेश भी दिखाया। प्रधानाचार्य फादर थारसिस ने भी छात्राओं को सुरक्षा संबंधी टिप्स बताए। उधर, पाइनवुड स्कूल में भी इसी तरह का आयोजन हुआ, जिसमें डीआईजी ने पहुंचकर छात्राओं को सुरक्षा की जानकारी दी।
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