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एयरफोर्स स्टेशन के बाहर बरती जा रही चौकसी
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सहारनपुर। पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर भारतीय वायुसेना की बमबारी के बाद देशभर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया। इसी के चलते सरसावा स्थित वायुसेना स्टेशन की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
वायुसेना की पुलिस ने अंबाला रोड पर ग्राम सोराना में स्टेशन के मुख्य द्वार के आसपास वाहनों के रुकने पर प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही स्टेशन के भीतर प्रवेश करने वाले सभी लोगों एवं वाहनों को गहनता से तलाशी लेने के बाद ही प्रवेश करने दिया जा रहा है। वहीं, वायुसेना स्टेशन की सीमा से सटे गांवों में वायुसेना के जवान लगातार गश्त कर रहे हैं तथा वॉच टावरों पर तैनात जवान आधुनिक उपकरणों की सहायता से दूर तक नजर रखे हुए हैं। सरसावा एयरफोर्स स्टेशन देश के महत्वपूर्ण स्थानों में से एक है। सीमा पर तनाव बढ़ने की वजह से यहां पर चौकसी बढ़ा दी गई है। गौरतलब है कि मई 1999 में सरसावा एयरफोर्स स्टेशन से उड़कर कारगिल क्षेत्र की तोलोलिंग की पहाड़ियों में जब एमआई-17 हेलीकॉप्टर से दुश्मनों पर मशीनगनों से गोलियां बरसाते हुए रसद पहुंचाई जा रही थी, उसी समय पाकिस्तान की ओर से किए गए एक मिसाइल हमले की जद में हेलीकॉप्टर आ गया और वायुसेना के चार जांबाज अफसर स्क्वाड्रन लीडर राजीव पुंडीर, फ्लाइट लेफ्टिनेंट एस मुहिलान, सार्जेंट पीवीएनआर प्रसाद तथा सार्जेंट आरके साहू शहीद हो गए थे।
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वायुसेना की पुलिस ने अंबाला रोड पर ग्राम सोराना में स्टेशन के मुख्य द्वार के आसपास वाहनों के रुकने पर प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही स्टेशन के भीतर प्रवेश करने वाले सभी लोगों एवं वाहनों को गहनता से तलाशी लेने के बाद ही प्रवेश करने दिया जा रहा है। वहीं, वायुसेना स्टेशन की सीमा से सटे गांवों में वायुसेना के जवान लगातार गश्त कर रहे हैं तथा वॉच टावरों पर तैनात जवान आधुनिक उपकरणों की सहायता से दूर तक नजर रखे हुए हैं। सरसावा एयरफोर्स स्टेशन देश के महत्वपूर्ण स्थानों में से एक है। सीमा पर तनाव बढ़ने की वजह से यहां पर चौकसी बढ़ा दी गई है। गौरतलब है कि मई 1999 में सरसावा एयरफोर्स स्टेशन से उड़कर कारगिल क्षेत्र की तोलोलिंग की पहाड़ियों में जब एमआई-17 हेलीकॉप्टर से दुश्मनों पर मशीनगनों से गोलियां बरसाते हुए रसद पहुंचाई जा रही थी, उसी समय पाकिस्तान की ओर से किए गए एक मिसाइल हमले की जद में हेलीकॉप्टर आ गया और वायुसेना के चार जांबाज अफसर स्क्वाड्रन लीडर राजीव पुंडीर, फ्लाइट लेफ्टिनेंट एस मुहिलान, सार्जेंट पीवीएनआर प्रसाद तथा सार्जेंट आरके साहू शहीद हो गए थे।
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