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एसआईटी की जांच रिपोर्ट पर टिकी कार्रवाई
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एसआईटी की जांच रिपोर्ट पर टिकी कार्रवाई
सहारनपुर। जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में एसआईटी की जांच रिपोर्ट पर सबकी नजरें है, लेकिन जांच के दौरान विरोधाभासी बयानों की वजह से मामला उलझता नजर आ रहा है। क्योंकि एसआईटी के सामने कुछ लोगों ने जहां अपने ही गांव में शराब बिकने की बात कही थी, तो ज्यादा संख्या में ऐेसे लोग थे जिन्होंने उत्तराखंड के बालुपुर से आई शराब से मौत होने की बात कही थी।
जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में शासन के आदेश पर एसआईटी का गठन किया गया था, जिसका नेतृत्व एडीजी रेलवे संजय सिंघल ने किया और जांच टीम में मंडलायुक्त सीपी त्रिपाठी तथा आईजी शरद सचान को भी शामिल किया गया था। तीनों ही अधिकारियों ने सहारनपुर के नागल, गागलहेड़ी और देवबंद थाना क्षेत्र के प्रभावित गांवों में पहुंचकर लोगों के बयान दर्ज किए थे। इसके बाद एसआईटी प्रमुख एडीजी संजय सिंघल लौट गए थे। उम्मीद है कि एक सप्ताह के भीतर एसआईटी अपनी जांच रिपोर्ट शासन को सौंप देगी, लेकिन जांच रिपोर्ट को लेकर तमाम अटकलें लगाई जा रही हैं। एसआईटी को अपनी रिपोर्ट में यह स्पष्ट करना होगा कि सहारनपुर में कहर बरपाने वाली जहरीली शराब कहां से लाई गई थी और उसका असली गुनहगार कौन है। इसके साथ ही पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर कहां कहां लापरवाही रही, इसका भी खुलासा जांच रिपोर्ट के बाद होगा। गौरतलब है कि जिला प्रशासन ने सहारनपुर जिले में हुए पोस्टमार्टम के बाद 36 लोगों की मौत जहरीली शराब से होने की बात कही थी, जबकि 20 लोगों की मौत का कारण विसरा जांच रिपोर्ट से स्पष्ट होने की बात कही थी। इन 20 मामलों में विसरा जांच रिपोर्ट भी अभी नहीं मिल सकी है।
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सहारनपुर। जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में एसआईटी की जांच रिपोर्ट पर सबकी नजरें है, लेकिन जांच के दौरान विरोधाभासी बयानों की वजह से मामला उलझता नजर आ रहा है। क्योंकि एसआईटी के सामने कुछ लोगों ने जहां अपने ही गांव में शराब बिकने की बात कही थी, तो ज्यादा संख्या में ऐेसे लोग थे जिन्होंने उत्तराखंड के बालुपुर से आई शराब से मौत होने की बात कही थी।
जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में शासन के आदेश पर एसआईटी का गठन किया गया था, जिसका नेतृत्व एडीजी रेलवे संजय सिंघल ने किया और जांच टीम में मंडलायुक्त सीपी त्रिपाठी तथा आईजी शरद सचान को भी शामिल किया गया था। तीनों ही अधिकारियों ने सहारनपुर के नागल, गागलहेड़ी और देवबंद थाना क्षेत्र के प्रभावित गांवों में पहुंचकर लोगों के बयान दर्ज किए थे। इसके बाद एसआईटी प्रमुख एडीजी संजय सिंघल लौट गए थे। उम्मीद है कि एक सप्ताह के भीतर एसआईटी अपनी जांच रिपोर्ट शासन को सौंप देगी, लेकिन जांच रिपोर्ट को लेकर तमाम अटकलें लगाई जा रही हैं। एसआईटी को अपनी रिपोर्ट में यह स्पष्ट करना होगा कि सहारनपुर में कहर बरपाने वाली जहरीली शराब कहां से लाई गई थी और उसका असली गुनहगार कौन है। इसके साथ ही पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर कहां कहां लापरवाही रही, इसका भी खुलासा जांच रिपोर्ट के बाद होगा। गौरतलब है कि जिला प्रशासन ने सहारनपुर जिले में हुए पोस्टमार्टम के बाद 36 लोगों की मौत जहरीली शराब से होने की बात कही थी, जबकि 20 लोगों की मौत का कारण विसरा जांच रिपोर्ट से स्पष्ट होने की बात कही थी। इन 20 मामलों में विसरा जांच रिपोर्ट भी अभी नहीं मिल सकी है।
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