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वैज्ञानिक तरीके से बढ़ाएं आम और लीची का उत्पादन
Updated Sun, 22 Apr 2018 12:44 AM IST
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वैज्ञानिक तरीके से बढ़ाएं आम और लीची का उत्पादन
सहारनपुर। उद्यान विशेषज्ञों ने कहा कि बागों की वैज्ञानिक तरीके से देखभाल करें तो लीची और आम का बेहतर उत्पादन लिया जा सकता है।
कृषि विज्ञान केंद्र के उद्यान विशेषज्ञ डॉ. बीपी शाही के मुताबिक बागों में पौषक तत्वों और कीटों के उचित प्रबंधन से लीची और आम की बढ़िया उत्पादन लिया जा सकता है। इसके लिए बागवानों को उद्यान विशेषज्ञों द्वारा दिए गए टिप्स पर अमल करना होगा। डॉ. शाही ने बताया कि लीची एवं आम में फल लगने के एक सप्ताह बाद प्लैटोफिक्स की दो एमएल मात्रा को पांच लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करना चाहिए। इससे फलों को गिरने से रोका जा सकता है। इसके 15 दिन बाद बोरिक अम्ल चार ग्राम प्रति लीटर या बोरक्स पांच ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करने से फलों का झड़ना बंद होने के साथ ही उनमें मिठास की वृद्धि होती है।
इसके अलावा फलों के आकार और रंग में भी इससे सुधार होता है। उन्होंने फलों पर फल मक्खी का प्रकोप रोकने के लिए किसानों को फिरोमैन ट्रेप लगाना चाहिए। उन्होंने बागवानों से समय समय पर आवश्यकता अनुसार हल्की सिंचाई करने की भी सलाह दी। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया कि यदि किसान वैज्ञानिक तरीके से बागवानी करें तो फलों का बेहतर उत्पादन ले सकते हैं। इसके लिए किसानों को समय समय पर कृषि वैज्ञानिक जानकारी देते हैं।
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सहारनपुर। उद्यान विशेषज्ञों ने कहा कि बागों की वैज्ञानिक तरीके से देखभाल करें तो लीची और आम का बेहतर उत्पादन लिया जा सकता है।
कृषि विज्ञान केंद्र के उद्यान विशेषज्ञ डॉ. बीपी शाही के मुताबिक बागों में पौषक तत्वों और कीटों के उचित प्रबंधन से लीची और आम की बढ़िया उत्पादन लिया जा सकता है। इसके लिए बागवानों को उद्यान विशेषज्ञों द्वारा दिए गए टिप्स पर अमल करना होगा। डॉ. शाही ने बताया कि लीची एवं आम में फल लगने के एक सप्ताह बाद प्लैटोफिक्स की दो एमएल मात्रा को पांच लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करना चाहिए। इससे फलों को गिरने से रोका जा सकता है। इसके 15 दिन बाद बोरिक अम्ल चार ग्राम प्रति लीटर या बोरक्स पांच ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करने से फलों का झड़ना बंद होने के साथ ही उनमें मिठास की वृद्धि होती है।
इसके अलावा फलों के आकार और रंग में भी इससे सुधार होता है। उन्होंने फलों पर फल मक्खी का प्रकोप रोकने के लिए किसानों को फिरोमैन ट्रेप लगाना चाहिए। उन्होंने बागवानों से समय समय पर आवश्यकता अनुसार हल्की सिंचाई करने की भी सलाह दी। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया कि यदि किसान वैज्ञानिक तरीके से बागवानी करें तो फलों का बेहतर उत्पादन ले सकते हैं। इसके लिए किसानों को समय समय पर कृषि वैज्ञानिक जानकारी देते हैं।
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