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स्वर्ण अक्षरों में हमेशा चमकता रहेगा डा. आंबेड़कर का नाम
Updated Sun, 15 Apr 2018 02:16 AM IST
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स्वर्ण अक्षरों में चमकता रहेगा डा. आंबेडकर का नाम : राघव
सहारनपुर। सांसद राघव लखनपाल शर्मा ने कहा कि स्वतंत्र भारत के प्रथम कानून मंत्री और संविधान निर्माता डा. भीमराव आंबेडकर का नाम सदैव इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों से चमकता रहेगा।
विकास भवन सभागार में डा. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर कार्यक्रम में सांसद ने कहा कि डा. भीमराव आंबेडकर ने अपना पूरा जीवन भारतीय समाज में व्याप्त सामाजिक बुराईयों को दूर करने और जाति व्यवस्था को समाप्त करने के विरुद्ध संघर्ष में लगा दिया।
सांसद ने आह्वान किया डा. आंबेडकर को एक जाति के दायरे में बांधकर ना रखा जाए। उनका व्यक्तित्व बहुत विशाल है। उनकी विशालता किसी भी दायरे में बांधकर नहीं रखी जा सकती। विधायक प्रदीप चौधरी ने कहा कि डा. भीमराव आंबेडकर समानता और सामाजिक समरसता के प्रतीक थे। गरीब, दलितों, पिछड़ों, मजदूरों और महिलाओं को उनका हक दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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जिलाधिकारी पीके पांडेय ने कहा कि ‘सामाजिक न्याय दिवस’ के अवसर पर भारतीय संविधान के शिल्पी डा. भीमराव राव आंबेडकर को नमन करता हूं। उनके प्रयासों से ही भारतीय संविधान में जाति, धर्म, भाषा और लिंग के आधार पर सभी प्रकार के भेदभाव समाप्त हुए। डीएम ने सरकारी योजनाओं की जानकारी दी।
मुख्य विकास अधिकारी संजीव रंजन ने भी अपने विचार रखे। जिला पंचायत अध्यक्ष के पति साजिद अली, परियोजना निदेशक चंद्रशेखर, सहायक निदेशक सूचना अवधेश कुमार, जिला विकास अधिकारी मंशाराम यादव, जिला पंचायत राज अधिकारी सतीश कुमार आदि मौजूद रहे।
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सहारनपुर। सांसद राघव लखनपाल शर्मा ने कहा कि स्वतंत्र भारत के प्रथम कानून मंत्री और संविधान निर्माता डा. भीमराव आंबेडकर का नाम सदैव इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों से चमकता रहेगा।
विकास भवन सभागार में डा. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर कार्यक्रम में सांसद ने कहा कि डा. भीमराव आंबेडकर ने अपना पूरा जीवन भारतीय समाज में व्याप्त सामाजिक बुराईयों को दूर करने और जाति व्यवस्था को समाप्त करने के विरुद्ध संघर्ष में लगा दिया।
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सांसद ने आह्वान किया डा. आंबेडकर को एक जाति के दायरे में बांधकर ना रखा जाए। उनका व्यक्तित्व बहुत विशाल है। उनकी विशालता किसी भी दायरे में बांधकर नहीं रखी जा सकती। विधायक प्रदीप चौधरी ने कहा कि डा. भीमराव आंबेडकर समानता और सामाजिक समरसता के प्रतीक थे। गरीब, दलितों, पिछड़ों, मजदूरों और महिलाओं को उनका हक दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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जिलाधिकारी पीके पांडेय ने कहा कि ‘सामाजिक न्याय दिवस’ के अवसर पर भारतीय संविधान के शिल्पी डा. भीमराव राव आंबेडकर को नमन करता हूं। उनके प्रयासों से ही भारतीय संविधान में जाति, धर्म, भाषा और लिंग के आधार पर सभी प्रकार के भेदभाव समाप्त हुए। डीएम ने सरकारी योजनाओं की जानकारी दी।
मुख्य विकास अधिकारी संजीव रंजन ने भी अपने विचार रखे। जिला पंचायत अध्यक्ष के पति साजिद अली, परियोजना निदेशक चंद्रशेखर, सहायक निदेशक सूचना अवधेश कुमार, जिला विकास अधिकारी मंशाराम यादव, जिला पंचायत राज अधिकारी सतीश कुमार आदि मौजूद रहे।