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आठ साल में भी नहीं बन पाया यमुना पर पुल

Thu, 12 Apr 2018 11:45 PM IST
Updated Thu, 12 Apr 2018 11:45 PM IST
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आठ साल में भी नहीं बन पाया यमुना पर पुल
लखनौती (सहारनपुर)। शासन प्रशासन की लापरवाही के कारण यमुना नदी पर बनाया जाने वाले पुल का निर्माण कार्य आठ साल में भी पूरा नहीं हो सका है। इस कारण दोनों प्रदेश के लोगों को कई किलोमीटर लंबा चक्कर अतिरिक्त लगाना पड़ता है। भाकियू ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने पुल का काम जल्द शुरू नहीं किया तो उससे जुड़े किसान लोकसभा उपचुनाव का बहिष्कार करेंगे।
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सन 2010 में यमुना नदी पर पुल बनाने का काम शुरू किया गया था, जो आज तक पूरा नहीं हो सका है। इस अवधि में प्रदेश में तीन सरकारें आई लेकिन पुल निर्माण किसी ने पूरा नहीं कराया। भाकियू नेता देशपाल चौधरी, सुलेखचंद, अरविंद कुमार, डा ओमपाल सिंह, सिकंदरपुर के ग्राम प्रधान देवेंद्र चौधरी, शम्मी चौधरी, जनेश्वर प्रसाद, लालू खान, अब्बास अली, पूर्व प्रधान करनैल सिंह का कहना है कि बसपा और सपा सरकार के कार्यकाल में जिले से कई-कई मंत्री होने के बावजूद भी पुल का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। अब जिले की नकुड विधानसभा से भाजपा में मंत्री होने के बावजूद निर्माणाधीन पुल की कोई सुध नहीं ले रहा है। शासन-प्रशासन की लापरवाही का दंश झेल रहे किसानों और यात्रियों को करीब 100 किलोमीटर की लंबी यात्रा कर करनाल, हरिद्वार, देहरादून, हिमाचल और दिल्ली जाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछली सरकारों के विधायकों और मंत्रियों से भी उन्होंने पुल बनाने की मांग कई बार की, लेकिन मंत्री या विधायक ने समस्या का समाधान नहीं कर सके। प्रदेश में चल रही योगी सरकार के मंत्रियों के सामने भी कई बार पुल बनाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन खाली आश्वासन के अलावा अभी तक पुल काम शुरू नही हो सका है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुल का काम पूरा नहीं किया गया तो वह लोकसभा के उपचुनाव का बहिष्कार करेंगे।
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आखिर क्यों नहीं बन पाया यमुना नदी का पुल
सन 2010 में यमुना नदी पर इंटर स्टेट कनेक्टिविटी योजना के तहत यमुना नदी पर पुल बनाने का काम शुरू किया गया था। अधिकारियों की लापरवाही के चलते पुल का निर्माण कार्य धीमी गति से चला। अमर उजाला द्वारा खबर प्रकाशित करने और विधायक प्रदीप चौधरी द्वारा मुद्दा विधानसभा में उठाने के कारण पुल का निर्माण 80 प्रतिशत तक हो चुका है। धीमी गति से निर्माण चलने के कारण पुल का बजट 29.30 करोड़ से बढ़कर 52.50 करोड़ पर पहुंच गया है। बजट रिवाइज होने के कारण फाइल केंद्र और राज्य सरकार में घूम रही है। इस कारण से गत दो वर्षों से पुल का निर्माण कार्य बंद पड़ा है।
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क्या कहते है अधिकारी
अधिशासी अभियंता सतपाल सिंह का कहना है कि शासनादेश होने के बाद बजट को रिवाइज करा लिया है। केवल धन आवंटन की प्रक्रिया बाकी है। धन आवंटन होने के साथ ही पुल पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
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