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विकास प्राधिकरण की नाक के नीचे अवैध निर्माण
Updated Sat, 16 Dec 2017 12:38 AM IST
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सहारनपुर। अवैध निर्माणों के खिलाफ विकास प्राधिकरण की कार्रवाई का असर लोगों पर नजर नहीं आ रहा है। आलम यह है कि लोग विकास प्राधिकरण की नाक के नीचे ही अवैध निर्माण करने में जुटे हैं। यहां तक कि विकास प्राधिकरण के कार्यालय के ठीक बाहर अवैध निर्माण चल रहा है, जिसकी लगातार अनदेखी की जा रही है। इसके बावजूद विकास प्राधिकरण कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। इससे प्राधिकरण के अधिकारियों की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विकास प्राधिकरण अवैध निर्माणों पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रहा है। इसकी प्रमुख वजह प्राधिकरण के अधिकारियों द्वारा अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर ढुलमुल रवैया अपनाना रहा है, जिसकी वजह से अवैध निर्माण करने वालों के हौसले बढ़े हुए हैं। पिछले 20 वर्षों में हुए अवैध निर्माणों में से अनेक में प्राधिकरण के अधिकारियों और अभियंताओं की मिलीभगत भी सामने आई है। इसी के चलते पिछले दिनों वीसी ने कुछ अभियंताओं की अलमारियों के ताले तुड़वाकर उनमें से फाइलें जब्त की थीं, जिनकी जांच की जा रही है। मगर उसके बावजूद प्राधिकरण के अधिकारियों की कार्यप्रणाली में कोई सुधार देखने में नहीं आया है। आलम यह है कि शहर भर में अवैध निर्माण धड़ल्ले से चल रहे हैं। हैरत की बात यह है कि
विकास प्राधिकरण कार्यालय के पास अवैध निर्माण होने की जानकारी नहीं है। अभियंता को मौके पर भेजकर मामले की जांच कराई जाएगी। यदि निर्माण अवैध पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई होगी।
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सत्यप्रकाश शर्मा, सचिव, सहारनपुर विकास प्राधिकरण।
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विकास प्राधिकरण अवैध निर्माणों पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रहा है। इसकी प्रमुख वजह प्राधिकरण के अधिकारियों द्वारा अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर ढुलमुल रवैया अपनाना रहा है, जिसकी वजह से अवैध निर्माण करने वालों के हौसले बढ़े हुए हैं। पिछले 20 वर्षों में हुए अवैध निर्माणों में से अनेक में प्राधिकरण के अधिकारियों और अभियंताओं की मिलीभगत भी सामने आई है। इसी के चलते पिछले दिनों वीसी ने कुछ अभियंताओं की अलमारियों के ताले तुड़वाकर उनमें से फाइलें जब्त की थीं, जिनकी जांच की जा रही है। मगर उसके बावजूद प्राधिकरण के अधिकारियों की कार्यप्रणाली में कोई सुधार देखने में नहीं आया है। आलम यह है कि शहर भर में अवैध निर्माण धड़ल्ले से चल रहे हैं। हैरत की बात यह है कि
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विकास प्राधिकरण कार्यालय के पास अवैध निर्माण होने की जानकारी नहीं है। अभियंता को मौके पर भेजकर मामले की जांच कराई जाएगी। यदि निर्माण अवैध पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई होगी।
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सत्यप्रकाश शर्मा, सचिव, सहारनपुर विकास प्राधिकरण।