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फर्जी तरीके से आरजी पैलेस की नीलामी करने का आरोप
Updated Mon, 27 Nov 2017 12:34 AM IST
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सहारनपुर। एक व्यक्ति ने प्रशासन पर फर्जी तरीके से आरजी पैलेस की नीलामी करने का आरोप लगाया है। इस मामले में उच्चाधिकारियों से कार्रवाई की मांग करते हुए आपत्ति दर्ज कराई है।
मोहल्ला जाफरनवाज निवासी हर्ष नागपाल का आरोप है कि कोर्ट रोड स्थित आरजी पैलेस की विधि के विरुद्घ नीलामी की गई। उसने दस प्रतिशत अधिक मूल्य पर नीलामी उसके नाम छोड़े जाने का प्रार्थना पत्र उप जिलाधिकारी के यहां दिया था। मामले में उपजिलाधिकारी ने सोमवार को सुनवाई करने की बात कही थी। आरोप है कि उप जिलाधिकारी ने शनिवार को बिना सुनवाई कर थर्ड पार्टी के नाम नीलामी कर दी। हर्ष नागपाल का कहना है कि उसने नीलामी अपने नाम कराने के लिए पूरी रकम जमा कर दी थी, जिसकी रसीदें उसके पास हैं। मगर उसे बकायादार दिखाया गया। आरोप लगाया कि प्रशासन ने मिलीभगत करते हुए फर्जी बोलीदाताओं के आधार पर थर्ड पार्टी के नाम नीलामी छोड़ दी थी। बिना किसी जांच पड़ताल के उसका प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया गया। हर्ष नागपाल का आरोप है कि शिव बजाज नामक व्यक्ति को भी नीलामी में बोलीदाता दर्शाया गया है, जबकि शिवम बजाज ने शपथ पत्र दिया है कि उसने कोई बोली नहीं लगाई। एसडीएम ने मिलीभगत से नीलामी की और उसे बकायादार दिखाकर अपने कार्यालय में बैठाकर रुपये जमा कराना दिखाया, जबकि वह 18 नवंबर में पूरी रकम जमा चुका है।
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मोहल्ला जाफरनवाज निवासी हर्ष नागपाल का आरोप है कि कोर्ट रोड स्थित आरजी पैलेस की विधि के विरुद्घ नीलामी की गई। उसने दस प्रतिशत अधिक मूल्य पर नीलामी उसके नाम छोड़े जाने का प्रार्थना पत्र उप जिलाधिकारी के यहां दिया था। मामले में उपजिलाधिकारी ने सोमवार को सुनवाई करने की बात कही थी। आरोप है कि उप जिलाधिकारी ने शनिवार को बिना सुनवाई कर थर्ड पार्टी के नाम नीलामी कर दी। हर्ष नागपाल का कहना है कि उसने नीलामी अपने नाम कराने के लिए पूरी रकम जमा कर दी थी, जिसकी रसीदें उसके पास हैं। मगर उसे बकायादार दिखाया गया। आरोप लगाया कि प्रशासन ने मिलीभगत करते हुए फर्जी बोलीदाताओं के आधार पर थर्ड पार्टी के नाम नीलामी छोड़ दी थी। बिना किसी जांच पड़ताल के उसका प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया गया। हर्ष नागपाल का आरोप है कि शिव बजाज नामक व्यक्ति को भी नीलामी में बोलीदाता दर्शाया गया है, जबकि शिवम बजाज ने शपथ पत्र दिया है कि उसने कोई बोली नहीं लगाई। एसडीएम ने मिलीभगत से नीलामी की और उसे बकायादार दिखाकर अपने कार्यालय में बैठाकर रुपये जमा कराना दिखाया, जबकि वह 18 नवंबर में पूरी रकम जमा चुका है।
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