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गोशालाओं के निर्माण कार्य में तेजी लाएं: मंडलायुक्त
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सहारनपुर। मंडलायुक्त चंद्रप्रकाश ने शुक्रवार को विकास कार्यों की मंडलीय समीक्षा की। उन्होंने मंडल के तीनों जनपदों में कराए जा रहे विकास कार्यों, गोशाला के निर्माण और स्मार्ट सिटी योजना आदि की बारी बारी से समीक्षा की। उन्होंने मुख्य पशुचिकित्साधिकारी को निर्देश दिए वे आवारा पशुओं का सर्वे करे और गोशाला का निर्माण कर उन्हें वहां भेजें।
शुक्रवार को विकास भवन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में कमिश्नर ने कहा कि ये योजनाएं मुख्यमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जिलाधिकारियों एवं मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे इन योजनाओं पर पैनी नजर रखें। उन्होंने कहा कि ग्रामवार पशु गणना की जाए और पालतू एवं भटकते जानवरों को चिह्नित करते हुए गोशालाओं में भेजा जाए।
स्मार्ट सिटी योजना की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने नामित कंपनी पीएमसी एवं आइएलएफसी द्वारा परियोजनाओं में देरी करने पर रोष प्रकट किया। उन्होंने नगरायुक्त ज्ञानेन्द्र सिंह को इनको चार्जशीट देने या परियोजना के देरी करने के आरोप में ब्लैक लिस्टेड करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्मार्ट सिटी के तहत सबसे पहले छोटी-छोटी परियोजनाओं को क्रियान्वित करने पर जोर दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास विकास एवं विकास प्राधिकरण द्वारा बनाए जा रहे आवासों की जानकारी ली। आयुष्मान भारत की समीक्षा करते हुए तीनों जिलों में प्राइवेट अस्पताल के पुराने प्रकरण के भुगतान संबंधी तीन प्रकरणों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर बीएस सोढ़ी ने बताया कि आयुष्मान भारत में सहारनपुर जनपद पूरे प्रदेश में 20वें नंबर पर है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों व मुख्य विकास अधिकारियों को जिला अस्पताल के साथ-साथ प्राइमरी स्कूलों, प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, आंगनबाड़ी केन्द्रों आदि के भी आकस्मिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों, मुख्य विकास अधिकारियों को शीतकालीन भ्रमण के दौरान विद्यालयों में अध्यापकों की उपस्थिति भी चेक करने के निर्देश दिए। साथ ही तहसीलों में 25 बडे़ बकाएदारों को चिह्नित करते हुए उचित कार्रवाई करने को कहा। बैठक में उन्होंने अमृत योजना पुष्टाहार वितरण, कुपोषण मेला, ओडीओपी, उर्वरकों की उपलब्धता, स्कूलों में स्वेटर वितरण, मिड-डे मील, दवाओं की उपलब्धता, संस्थागत प्रसव, महिला हेल्पलाइन, मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना, सालिड वेस्ट मैनेजमेंट, नमामी गंगे, इन्वेस्टर्स मीट, हिंडन वाटिका, कौशल विकास, विद्युत आपूर्ति आदि की समीक्षा की। अपर आयुक्त प्रशासन डॉक्टर आभा गुप्ता, जिलाधिकारी सहारनपुर आलोक कुमार पांडेय, जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर राजीव शर्मा, अपर जिला अधिकारी प्रशासन एसके दूबे, मुख्य विकास अधिकारी शामली केके त्रिपाठी, नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह, वन संरक्षक वीके जैन, संयुक्त विकास आयुक्त सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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शुक्रवार को विकास भवन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में कमिश्नर ने कहा कि ये योजनाएं मुख्यमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जिलाधिकारियों एवं मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे इन योजनाओं पर पैनी नजर रखें। उन्होंने कहा कि ग्रामवार पशु गणना की जाए और पालतू एवं भटकते जानवरों को चिह्नित करते हुए गोशालाओं में भेजा जाए।
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स्मार्ट सिटी योजना की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने नामित कंपनी पीएमसी एवं आइएलएफसी द्वारा परियोजनाओं में देरी करने पर रोष प्रकट किया। उन्होंने नगरायुक्त ज्ञानेन्द्र सिंह को इनको चार्जशीट देने या परियोजना के देरी करने के आरोप में ब्लैक लिस्टेड करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्मार्ट सिटी के तहत सबसे पहले छोटी-छोटी परियोजनाओं को क्रियान्वित करने पर जोर दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास विकास एवं विकास प्राधिकरण द्वारा बनाए जा रहे आवासों की जानकारी ली। आयुष्मान भारत की समीक्षा करते हुए तीनों जिलों में प्राइवेट अस्पताल के पुराने प्रकरण के भुगतान संबंधी तीन प्रकरणों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर बीएस सोढ़ी ने बताया कि आयुष्मान भारत में सहारनपुर जनपद पूरे प्रदेश में 20वें नंबर पर है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों व मुख्य विकास अधिकारियों को जिला अस्पताल के साथ-साथ प्राइमरी स्कूलों, प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, आंगनबाड़ी केन्द्रों आदि के भी आकस्मिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों, मुख्य विकास अधिकारियों को शीतकालीन भ्रमण के दौरान विद्यालयों में अध्यापकों की उपस्थिति भी चेक करने के निर्देश दिए। साथ ही तहसीलों में 25 बडे़ बकाएदारों को चिह्नित करते हुए उचित कार्रवाई करने को कहा। बैठक में उन्होंने अमृत योजना पुष्टाहार वितरण, कुपोषण मेला, ओडीओपी, उर्वरकों की उपलब्धता, स्कूलों में स्वेटर वितरण, मिड-डे मील, दवाओं की उपलब्धता, संस्थागत प्रसव, महिला हेल्पलाइन, मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना, सालिड वेस्ट मैनेजमेंट, नमामी गंगे, इन्वेस्टर्स मीट, हिंडन वाटिका, कौशल विकास, विद्युत आपूर्ति आदि की समीक्षा की। अपर आयुक्त प्रशासन डॉक्टर आभा गुप्ता, जिलाधिकारी सहारनपुर आलोक कुमार पांडेय, जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर राजीव शर्मा, अपर जिला अधिकारी प्रशासन एसके दूबे, मुख्य विकास अधिकारी शामली केके त्रिपाठी, नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह, वन संरक्षक वीके जैन, संयुक्त विकास आयुक्त सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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