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सौ करोड़ का छात्रवृति घोटाला, उतराखंड सीएम से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल
Updated Fri, 21 Sep 2018 12:33 AM IST
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सौ करोड़ का छात्रवृत्ति घोटाला, उत्तराखंड सीएम से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल
छुटमलपुर। संयुक्त हिंदू संघर्ष समिति की बैठक में संयोजक पंकज भैय्या ने कहा कि सहारनपुर के कॉलेजों में उत्तराखंड के छात्रों का फर्जी एडमिशन देकर 100 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने छात्रवृत्ति घोटाले पर एसआईटी का गठन भी किया, लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।
यहां महाराणा प्रताप कालोनी में हुई बैठक में पंकज भैय्या ने बताया कि संघर्ष समिति का एक प्रतिनिधिमंडल 26 सितंबर को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से मिलकर इस घोटाले से अवगत कराएगा। मुख्यमंत्री को कॉलेजों की लिस्ट देकर कार्यवाही की मांग करेंगे। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड मुख्यमंत्री कार्यालय से जांच के आदेश हुए थे। सत्र 2012-13 से लेकर 2014-15 के बीच यूपी सहारनपुर के कई निजी कॉलेजों ने मिलकर इस घोटाले को अंजाम दिया था। इसमें हरिद्वार, देहरादून के छात्रों का इन कॉलेजों में आईटीआई, पॉलिटेक्निक, बीटेक में दाखिला दिखाकर कॉलेजों ने समाज कल्याण की करोड़ों रुपये की छात्रवृत्ति को हड़प लिया। संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष गौतम चौधरी व विकास चौधरी, समिति के देवदत्त सैनी ने कॉलेज संचालकों के खिलाफ कार्यवाही करने और इस 100 करोड़ के छात्रवृत्ति को ब्याज सहित वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कराए जाने की मांग की। उन्होंने बताया कि इस करोड़ों की छात्रवृत्ति घोटाले में कई स्थानीय बैंक के कर्मचारी भी संलिप्त है। उनकी भी जांच कराई जाए। बैठक में सोनू सैनी, राजवीर सिंह, रवि कुमार, पंकज प्रजापति, मोहित सैनी, मुकेश सैनी, अर्जुन सैनी, राहुल, वरुण, अंकुर, मोहित यादव आदि रहे।
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छुटमलपुर। संयुक्त हिंदू संघर्ष समिति की बैठक में संयोजक पंकज भैय्या ने कहा कि सहारनपुर के कॉलेजों में उत्तराखंड के छात्रों का फर्जी एडमिशन देकर 100 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने छात्रवृत्ति घोटाले पर एसआईटी का गठन भी किया, लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।
यहां महाराणा प्रताप कालोनी में हुई बैठक में पंकज भैय्या ने बताया कि संघर्ष समिति का एक प्रतिनिधिमंडल 26 सितंबर को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से मिलकर इस घोटाले से अवगत कराएगा। मुख्यमंत्री को कॉलेजों की लिस्ट देकर कार्यवाही की मांग करेंगे। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड मुख्यमंत्री कार्यालय से जांच के आदेश हुए थे। सत्र 2012-13 से लेकर 2014-15 के बीच यूपी सहारनपुर के कई निजी कॉलेजों ने मिलकर इस घोटाले को अंजाम दिया था। इसमें हरिद्वार, देहरादून के छात्रों का इन कॉलेजों में आईटीआई, पॉलिटेक्निक, बीटेक में दाखिला दिखाकर कॉलेजों ने समाज कल्याण की करोड़ों रुपये की छात्रवृत्ति को हड़प लिया। संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष गौतम चौधरी व विकास चौधरी, समिति के देवदत्त सैनी ने कॉलेज संचालकों के खिलाफ कार्यवाही करने और इस 100 करोड़ के छात्रवृत्ति को ब्याज सहित वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कराए जाने की मांग की। उन्होंने बताया कि इस करोड़ों की छात्रवृत्ति घोटाले में कई स्थानीय बैंक के कर्मचारी भी संलिप्त है। उनकी भी जांच कराई जाए। बैठक में सोनू सैनी, राजवीर सिंह, रवि कुमार, पंकज प्रजापति, मोहित सैनी, मुकेश सैनी, अर्जुन सैनी, राहुल, वरुण, अंकुर, मोहित यादव आदि रहे।
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