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शहर की रफ्तार को ब्रेक लगा रहा अतिक्रमण

Sat, 21 Apr 2018 12:44 AM IST
Updated Sat, 21 Apr 2018 12:44 AM IST
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शहर की रफ्तार को ब्रेक लगा रहा अतिक्रमण
सहारनपुर। अतिक्रमण शहर की रफ्तार को ब्रेक लगा रहा है। व्यापारियों द्वारा सड़कों पर किए गए अतिक्रमण की वजह से वाहनों को निकलने में परेशानी रहती है, जिसकी वजह से दिन भर जाम लगना शहर का शगल हो गया है। नगर निगम और जिला प्रशासन शहर को अतिक्रमण से मुक्ति दिलाने का दावा तो करता है, मगर विरोध के चलते हर बार कदम पीछे खींच लेता है।प्रशासन और नगर निगम प्रत्येक वर्ष अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू करते हैं, मगर अभियान कभी सफल नहीं हो पाता है। आलम यह है कि शहर की तमाम प्रमुख सड़कें और बाजार अतिक्रमण की जद में हैं। अंबाला रोड की बात करें तो हाइवे होने की वजह से यह काफी चौड़ा है, मगर हाइवे का निर्माण कुल चौड़ाई के मुश्किल से 30 से 40 फीसदी हिस्से पर हुआ है। दोनों ओर की साइड खाली होने की वजह से दुकानदारों ने अतिक्रमण किया हुआ है। दिन भर दुकानें 30 से 40 फुट तक सड़कों पर रहती हैं। इसकी वजह से जाम रहता है। देहरादून रोड पर फर्नीचर की कई दुकानें सड़कों पर सजने की वजह से जाम रहता है। बाजोरिया रोड पर पार्किंग की व्यवस्था न होने के कारण गाड़ियां सड़कों पर पार्क होती हैं, जिसकी वजह से जाम रहता है। नेहरू मार्केट और प्रताप मार्केट में दुकानें सड़कों पर सजती हैं, जिनको हटाने के लिए प्रशासन आज तक स्थाई कदम नहीं उठा सका है। चकराता रोड पर पुल जोगियान से बेहट बस अड्डे तक भारी अतिक्रमण है। दुकानें सड़कों पर आने के साथ ही कई डेयरियां भी सड़कों पर चल रही हैं, जिसकी वजह से जाम लगता है। रायवाला और शहीद गंज में दुकानदारों ने भारी अतिक्रमण किया हुआ है। इसी तरह शहर के अन्य छोटे और बड़े मार्ग भी अतिक्रमण की जकड़ में हैं, जिनको अतिक्रमण से मुक्ति दिलाने में प्रशासन नाकाम साबित हुआ है।
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फोर्स न मिलने से फिर लटका अभियान
सहारनपुर। नगर निगम ने बृहस्पतिवार से अतिक्रमण हटाओ अभियान की शुरूआत की। पहले दिन नगर निगम की टीम ने बृहस्पतिवार को मिगलानी वाली बिल्डिंग के पास से अतिक्रमण हटाने की शुरूआत की थी। मगर पहले ही दिन विरोध के चलते अभियान बीच में ही छोड़ दिया गया। शुक्रवार को थाना कुतुबशेर क्षेत्र की रांघड़ों के पुल के पास नाले के दोनों ओर से अतिक्रमण हटाया जाना था। नगर निगम की टीम जेई निर्माण मुसाफिर सिंह यादव के नेतृत्व में अतिक्रमण हटाने के लिए तैयार थी, मगर फोर्स नहीं मिली। दोपहर 12 बजे तक नगर गिनम की टीम संबंधित थाने की पुलिस को फोन लगाती रही, मगर पुलिस बल नहीं पहुंचा। इसकी वजह से अभियान दूसरे दिन लटक गया। जेई मुसाफिर सिंह यादव का कहना है कि बिना फोर्स के अभियान सफल नहीं हो सकता है। जब तक फोर्स नहीं मिलेगी वह अभियान नहीं चलाएंगे।
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यदि शहर को अतिक्रमण से मुक्ति दिलानी है तो हमें थोड़ा सख्त होना पड़ेगा और अतिक्रमण हटाने को लेकर हम गंभीर भी हैं। इन दिनों हमने अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान छेड़ा हुआ है। मगर बिना पुलिस फोर्स के नगर निगम के अधिकारी अकेले अभियान को सफल नहीं बना सकते हैं। पुलिस अधिकारियों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
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संजीव वालिया, महापौर।
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