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श्रीराम के वनवास जाते ही रो पड़ी अयोध्या
Updated Mon, 25 Sep 2017 12:51 AM IST
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श्रीराम के वनवास जाते ही रो पड़ी अयोध्या
गंगोह/छुटमलपुर (सहारनपुर)। शनिवार रात बूंदाबांदी के बावजूद श्री राम वनवास लीला का संजीव मंचन किया गया। उधर दशहरा पर्व की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं।
गंगोह में श्री रामलीला महोत्सव मंडल के तत्वावधान में पंचायती धर्मशाला में चल रही रामलीला में शनिवार रात श्रीराम वनवास लीला का मंचन किया गया। माता कौशल्या के राम से वन न जाने के आग्रह के दृश्य पर दर्शक भावुक हो उठे। लीला में दिखाया कि दासी मंथरा के भड़काने पर रानी कैकेयी कोपभवन में चली गई और मनाने गए राजा दशरथ से राम को 14 वर्ष का वनवास और भरत के राज तिलक का वचन मांग लिया। इसके बाद प्रभु श्रीराम और उनके साथ पत्नी सीता एवं भ्राता लक्ष्मण वनवास के लिए अयोध्या से निकल जाते है। उनके जाते ही पूरी अयोध्या उदास हो जाती है। राम नितिन गोयल और कौशल्या के रूप में कश्यप कुमार फौजी ने सशक्त अभिनय किया।
कैकेयी के रूप में राहुल राज, मंथरा के रूप में मुकेश मित्तल और दशरथ के रूप में श्रवण शर्मा ने भी दर्शकों को बांधे रखा। उधर, हिंदू सभा सराय द्वारा भी पर्दे पर भरत मिलाप लीला का प्रदर्शन किया गया। बूंदाबांदी के बावजूद दर्शक अंत तक जमे रहे। छुटमलपुर में श्री लक्ष्मी रामलीला महोत्सव में शनिवार रात दशरथ मरण, भरत कैकेयी संवाद और भरत मिलाप के मार्मिक दृश्य मंचित किए गए। दशरथ मरण और भरत मिलाप के दृश्य देख कर दर्शक भावुक हो गए। आयोजन में मंजू सैनी, नीरज गोयल, सुरेश गुप्ता, अनिल सैनी आदि का सहयोग रहा।
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गंगोह/छुटमलपुर (सहारनपुर)। शनिवार रात बूंदाबांदी के बावजूद श्री राम वनवास लीला का संजीव मंचन किया गया। उधर दशहरा पर्व की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं।
गंगोह में श्री रामलीला महोत्सव मंडल के तत्वावधान में पंचायती धर्मशाला में चल रही रामलीला में शनिवार रात श्रीराम वनवास लीला का मंचन किया गया। माता कौशल्या के राम से वन न जाने के आग्रह के दृश्य पर दर्शक भावुक हो उठे। लीला में दिखाया कि दासी मंथरा के भड़काने पर रानी कैकेयी कोपभवन में चली गई और मनाने गए राजा दशरथ से राम को 14 वर्ष का वनवास और भरत के राज तिलक का वचन मांग लिया। इसके बाद प्रभु श्रीराम और उनके साथ पत्नी सीता एवं भ्राता लक्ष्मण वनवास के लिए अयोध्या से निकल जाते है। उनके जाते ही पूरी अयोध्या उदास हो जाती है। राम नितिन गोयल और कौशल्या के रूप में कश्यप कुमार फौजी ने सशक्त अभिनय किया।
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कैकेयी के रूप में राहुल राज, मंथरा के रूप में मुकेश मित्तल और दशरथ के रूप में श्रवण शर्मा ने भी दर्शकों को बांधे रखा। उधर, हिंदू सभा सराय द्वारा भी पर्दे पर भरत मिलाप लीला का प्रदर्शन किया गया। बूंदाबांदी के बावजूद दर्शक अंत तक जमे रहे। छुटमलपुर में श्री लक्ष्मी रामलीला महोत्सव में शनिवार रात दशरथ मरण, भरत कैकेयी संवाद और भरत मिलाप के मार्मिक दृश्य मंचित किए गए। दशरथ मरण और भरत मिलाप के दृश्य देख कर दर्शक भावुक हो गए। आयोजन में मंजू सैनी, नीरज गोयल, सुरेश गुप्ता, अनिल सैनी आदि का सहयोग रहा।
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