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आज दिल्ली के लिए रवाना होंगे शिक्षा मित्र
Updated Sun, 10 Sep 2017 12:48 AM IST
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सहारनपुर। समायोजन वापसी की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे शिक्षा मित्र सोमवार को जंतर मंतर पर धरना और प्रदर्शन करेंगे। जनपद से सैकड़ों की संख्या में शिक्षा मित्र रविवार को दिल्ली के लिए कूच करेंगे। संयुक्त शिक्षा मित्र संघर्ष मोर्चा ने मांग न माने जाने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।
मोर्चा की जिलाध्यक्ष अंजू कश्यप और नरेश कुमार का कहना है कि प्रदेश सरकार ने कोर्ट के निर्णय के बाद उनके मान और सम्मान को बरकरार रखने का वादा किया था। मगर सरकार अपने वादे पर खरी नहीं उतरी है। सरकार ने समायोजित हुए शिक्षा मित्रों को फिर से सामान्य शिक्षा मित्र मानते हुए मात्र दस हजार रुपये मानदेय निर्धारित किया है। इससे शिक्षा मित्रों के परिवारों के सामने भूखों मरने की नौबत आ गई है, क्योंकि समायोजन होने के बाद वह सहायक अध्यापक के बराबर वेतन पा रहे थे। अनेक शिक्षा मित्रों ने वेतन के भरोसे होम लोन आदि लिए थे, मगर अब मात्र दस हजार रुपये मानदेय कर दिए जाने के बाद शिक्षा मित्रों के सपने चकनाचूर हो गए हैं। ऐसे में वह सरकार के निर्णय को मानने को कतई भी तैयार नहीं हैं। न्याय की खातिर शिक्षा मित्र किसी भी स्तर तक जाने को तैयार हैं। अंजू कश्यप ने बताया कि बीएलओ बनाए गए शिक्षा मित्रों ने कार्य का बहिष्कार कर दिया है। यदि सरकार शिक्षा मित्रों का मान और सम्मान नहीं बचा सकती तो शिक्षा मित्र भी सरकार का साथ नहीं देंगे। यदि समायोजन वापस नहीं होता है तो भविष्य में होने वाले चुनाव और अन्य कार्यक्रमों में शिक्षा मित्र हिस्सा नहीं लेंगे। दावा किया कि सोमवार को जंतर मंतर पर होने वाले धरने में अकेले सहारनपुर से 1800 शिक्षा मित्र हिस्सा लेंगे।
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मोर्चा की जिलाध्यक्ष अंजू कश्यप और नरेश कुमार का कहना है कि प्रदेश सरकार ने कोर्ट के निर्णय के बाद उनके मान और सम्मान को बरकरार रखने का वादा किया था। मगर सरकार अपने वादे पर खरी नहीं उतरी है। सरकार ने समायोजित हुए शिक्षा मित्रों को फिर से सामान्य शिक्षा मित्र मानते हुए मात्र दस हजार रुपये मानदेय निर्धारित किया है। इससे शिक्षा मित्रों के परिवारों के सामने भूखों मरने की नौबत आ गई है, क्योंकि समायोजन होने के बाद वह सहायक अध्यापक के बराबर वेतन पा रहे थे। अनेक शिक्षा मित्रों ने वेतन के भरोसे होम लोन आदि लिए थे, मगर अब मात्र दस हजार रुपये मानदेय कर दिए जाने के बाद शिक्षा मित्रों के सपने चकनाचूर हो गए हैं। ऐसे में वह सरकार के निर्णय को मानने को कतई भी तैयार नहीं हैं। न्याय की खातिर शिक्षा मित्र किसी भी स्तर तक जाने को तैयार हैं। अंजू कश्यप ने बताया कि बीएलओ बनाए गए शिक्षा मित्रों ने कार्य का बहिष्कार कर दिया है। यदि सरकार शिक्षा मित्रों का मान और सम्मान नहीं बचा सकती तो शिक्षा मित्र भी सरकार का साथ नहीं देंगे। यदि समायोजन वापस नहीं होता है तो भविष्य में होने वाले चुनाव और अन्य कार्यक्रमों में शिक्षा मित्र हिस्सा नहीं लेंगे। दावा किया कि सोमवार को जंतर मंतर पर होने वाले धरने में अकेले सहारनपुर से 1800 शिक्षा मित्र हिस्सा लेंगे।
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