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पांवधोई नदी बनेगी सहारनपुर की पहचान
Updated Mon, 07 May 2018 12:29 AM IST
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सहारनपुर। दूषित हो चुकी पांवधोई नदी आने वाले समय में सहारनपुर की पहचान बनेगी। स्मार्ट सिटी योजना के तहत पांवधोई नदी पर कई नए काम होने हैं, जिसके लिए डीपीआर भी तैयार कर लिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस काम में तीन से चार साल लगेंगे, मगर इनकी शुरुआत कर दी गई है।
स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर में अनेक विकास कार्य होने हैं। पांवधोई नदी को साफ करना और इसका सौंदर्यकरण करना भी उनमें से एक है। स्मार्ट सिटी योजना से जुड़े पर्यावरणविद् तथा हिंडन बचाने के अभियान में सदस्य के तौर पर जुड़े डॉ. पीके शर्मा ने पूरी कार्ययोजना पर अमर उजाला से विशेष बातचीत में बताया कि पांवधोई नदी को साफ बनाना स्मार्ट सिटी का अहम हिस्सा है। 70 फीसदी सीवर पांवधोई में डाले जा रहे हैं। ऐसे में स्मार्ट सिटी योजना के तहत सबसे पहले सीवर के पानी को साफ करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए शहर में तीन एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) लगेंगे। पहला प्लांट धोबीघाट के पास बनाया जा रहा है, जिस पर काफी काम हो चुका है। जल्द ही यह प्लांट काम करना चालू कर देगा। दो और एसटीपी बनाए जाने हैं, जिनमें से एक यमुना एक्शन प्लान के पास लगाने का निर्णय लिया गया है, जबकि तीसरे के लिए जगह की तलाश की जा रही है। तीनों प्लांट्स की क्षमता 108 एमएलडी पानी को साफ करने की होगी। यानी तीनों एसटीपी के चालू होने के बाद नदी में डलने वाला सीवर का पानी साफ होगा। यह पानी पीने के लायक तो नहीं होगा, मगर इसका इस्तेमाल खेतों की सिंचाई आदि में किया जा सकेगा। साथ ही इसमें जलीय जीव भी पनप सकेंगे।
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नदी के किनारे बने मार्ग होंगे वन-वे, पुल भी बनेंगे
स्मार्ट सिटी योजना के तहत नदी के दोनों छोर पर बने मार्गों को चौड़ा करने के साथ ही नया बनाया जाएगा। मार्ग कंपलीट होने के बाद यातायात को वन-वे किया जाएगा। यानी एक रास्ते से आना और दूसरे रास्ते से जाना होगा। इसके लिए नगर निगम ने कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। संबंधित मार्गों से अतिक्रमण हटाया जाना भी इसी का हिस्सा है। इतना ही नहीं, नगर निगम नदी पर कुछ नए पुल भी बनाएगा। साथ ही पुराने और जर्जर पुलों को बदला जाएगा, जिसकी शुरुआत पुल खुमरान से की जा रही है।
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लाइटिंग और पार्किंग की व्यवस्था होगी
जब नदी का पानी साफ हो जाएगा तब नगर निगम नदी के दोनों ओर लाइटिंग की स्थाई व्यवस्था करेगा। यह लाइटें दोनों ओर बने भवनों पर पड़ेंगी, जिसके बाद भवनों का अक्स राहगीरों को नदी में नजर आया करेगा। इसके अलावा नगर निगम नदी के ऊपर पार्किंग की भी व्यवस्था करेगा। नदी का सौंदर्यकरण भी होगा। इतना ही नहीं, एंटरटेनमेंट सेंटर भी बनाया जाएगा।
पांवधोई नदी की सफाई और कायाकल्प स्मार्ट सिटी योजना के प्रमुख कार्यों में से एक है। नदी में डलने वाले सीवर के पानी को साफ करने के लिए हम एसटीपी बनाने वाले हैं। एक एसटीपी पर पहले ही काम चल रहा है। मैं व्यक्तिगत रूप से पांवधोई नदी को साफ-सुथरा देखने का इच्छुक हूं। - संजीव वालिया, महापौर।
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स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर में अनेक विकास कार्य होने हैं। पांवधोई नदी को साफ करना और इसका सौंदर्यकरण करना भी उनमें से एक है। स्मार्ट सिटी योजना से जुड़े पर्यावरणविद् तथा हिंडन बचाने के अभियान में सदस्य के तौर पर जुड़े डॉ. पीके शर्मा ने पूरी कार्ययोजना पर अमर उजाला से विशेष बातचीत में बताया कि पांवधोई नदी को साफ बनाना स्मार्ट सिटी का अहम हिस्सा है। 70 फीसदी सीवर पांवधोई में डाले जा रहे हैं। ऐसे में स्मार्ट सिटी योजना के तहत सबसे पहले सीवर के पानी को साफ करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए शहर में तीन एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) लगेंगे। पहला प्लांट धोबीघाट के पास बनाया जा रहा है, जिस पर काफी काम हो चुका है। जल्द ही यह प्लांट काम करना चालू कर देगा। दो और एसटीपी बनाए जाने हैं, जिनमें से एक यमुना एक्शन प्लान के पास लगाने का निर्णय लिया गया है, जबकि तीसरे के लिए जगह की तलाश की जा रही है। तीनों प्लांट्स की क्षमता 108 एमएलडी पानी को साफ करने की होगी। यानी तीनों एसटीपी के चालू होने के बाद नदी में डलने वाला सीवर का पानी साफ होगा। यह पानी पीने के लायक तो नहीं होगा, मगर इसका इस्तेमाल खेतों की सिंचाई आदि में किया जा सकेगा। साथ ही इसमें जलीय जीव भी पनप सकेंगे।
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नदी के किनारे बने मार्ग होंगे वन-वे, पुल भी बनेंगे
स्मार्ट सिटी योजना के तहत नदी के दोनों छोर पर बने मार्गों को चौड़ा करने के साथ ही नया बनाया जाएगा। मार्ग कंपलीट होने के बाद यातायात को वन-वे किया जाएगा। यानी एक रास्ते से आना और दूसरे रास्ते से जाना होगा। इसके लिए नगर निगम ने कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। संबंधित मार्गों से अतिक्रमण हटाया जाना भी इसी का हिस्सा है। इतना ही नहीं, नगर निगम नदी पर कुछ नए पुल भी बनाएगा। साथ ही पुराने और जर्जर पुलों को बदला जाएगा, जिसकी शुरुआत पुल खुमरान से की जा रही है।
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लाइटिंग और पार्किंग की व्यवस्था होगी
जब नदी का पानी साफ हो जाएगा तब नगर निगम नदी के दोनों ओर लाइटिंग की स्थाई व्यवस्था करेगा। यह लाइटें दोनों ओर बने भवनों पर पड़ेंगी, जिसके बाद भवनों का अक्स राहगीरों को नदी में नजर आया करेगा। इसके अलावा नगर निगम नदी के ऊपर पार्किंग की भी व्यवस्था करेगा। नदी का सौंदर्यकरण भी होगा। इतना ही नहीं, एंटरटेनमेंट सेंटर भी बनाया जाएगा।
पांवधोई नदी की सफाई और कायाकल्प स्मार्ट सिटी योजना के प्रमुख कार्यों में से एक है। नदी में डलने वाले सीवर के पानी को साफ करने के लिए हम एसटीपी बनाने वाले हैं। एक एसटीपी पर पहले ही काम चल रहा है। मैं व्यक्तिगत रूप से पांवधोई नदी को साफ-सुथरा देखने का इच्छुक हूं। - संजीव वालिया, महापौर।