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नगर निगम के नोटिस के बाद टूटी जल निगम की नींद
Updated Fri, 16 Feb 2018 12:30 AM IST
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सहारनपुर। वर्षों से नगर निगम की बेशकीमती जमीन पर कब्जा जमाए बैठे जल निगम के अधिकारी नगर निगम के नोटिस के बाद हरकत में आए हैं। जमीन खाली कराए जाने के डर से जल निगम, नगर निगम को किराये के तौर पर पैसा चुकाने को तैयार हो गया है। बृहस्पतिवार को 15 लाख रुपये जमा कराने के लिए विभाग का एक अधिकारी नगरायुक्त के पास पहुंचा।
गांधी पार्क की बगल में नगर निगम की जमीन है। दशकों पहले शहर में पेयजल की व्यवस्था बनाने के लिए तत्कालीन नगर पालिका ने यहां जल निगम को हैंडपंप लगाने और कार्यालय के लिए यह जगह दी थी। जरूरत के हिसाब से जल निगम यहां बने नगर निगम के भवनों का अपने कामकाज के लिए इस्तेमाल करता चला गया। आज कई बड़े भवन जल निगम के कब्जे में हैं। साथ ही स्टोर भी इसी जगह पर बनाया हुआ है। बदले में जलनिगम, नगर निगम को कोई किराया आदि नहीं चुका रहा है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि जल निगम को दी गई संपत्ति कोई अनुबंध तक नहीं है। चूंकि नगर निगम अपनी संपत्तियों को कब्जा मुक्त करा रहा है तो ऐसे में जल निगम को दी गई संपत्ति पर भी नगर निगम की नजर पड़ी है। नगरायुक्त ने जल निगम को नोटिस भेजा है, जिसमें किराया जमा कराने को कहा गया है। अन्यथा की स्थिति में जमीन खाली कराने की बात कही गई है। नगरायुक्त के नोटिस के बाद जल निगम के अधिकारियों की नींद टूटी है। बृहस्पतिवार को जल निगम के अधिकारी 15 लाख रुपये जमा कराने नगरायुक्त के पास पहुंचे। नगर निगम के अनुसार 35 लाख रुपया किराया बकाया है। नगरायुक्त गौरव वर्मा ने शेष राशि भी अतिशीघ्र जमा कराने को कहा है।
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गांधी पार्क की बगल में नगर निगम की जमीन है। दशकों पहले शहर में पेयजल की व्यवस्था बनाने के लिए तत्कालीन नगर पालिका ने यहां जल निगम को हैंडपंप लगाने और कार्यालय के लिए यह जगह दी थी। जरूरत के हिसाब से जल निगम यहां बने नगर निगम के भवनों का अपने कामकाज के लिए इस्तेमाल करता चला गया। आज कई बड़े भवन जल निगम के कब्जे में हैं। साथ ही स्टोर भी इसी जगह पर बनाया हुआ है। बदले में जलनिगम, नगर निगम को कोई किराया आदि नहीं चुका रहा है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि जल निगम को दी गई संपत्ति कोई अनुबंध तक नहीं है। चूंकि नगर निगम अपनी संपत्तियों को कब्जा मुक्त करा रहा है तो ऐसे में जल निगम को दी गई संपत्ति पर भी नगर निगम की नजर पड़ी है। नगरायुक्त ने जल निगम को नोटिस भेजा है, जिसमें किराया जमा कराने को कहा गया है। अन्यथा की स्थिति में जमीन खाली कराने की बात कही गई है। नगरायुक्त के नोटिस के बाद जल निगम के अधिकारियों की नींद टूटी है। बृहस्पतिवार को जल निगम के अधिकारी 15 लाख रुपये जमा कराने नगरायुक्त के पास पहुंचे। नगर निगम के अनुसार 35 लाख रुपया किराया बकाया है। नगरायुक्त गौरव वर्मा ने शेष राशि भी अतिशीघ्र जमा कराने को कहा है।
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