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प्रधानमंत्री आवास योजना में मकान बनवाने को दर दर भटक रहा दिव्यांग
Updated Fri, 02 Nov 2018 12:30 AM IST
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प्रधानमंत्री आवास योजना में मकान बनवाने को दर दर भटक रहा दिव्यांग
फोटो-2
अमर उजाला ब्यूरो
गागलहेड़ी। प्रधानमंत्री आवास योजना पात्रता सूची में नाम होने के बाद भी आवास ना बनाने की शिकायत पीड़ित दिव्यांग और उसके भाई ने जिलाधिकारी से की है।
पाली गांव निवासी दिव्यांग सईद पुत्र नूरहसन और वहीद ने बताया की उनका प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनना था। उन दोनों का नाम आवास सूची में दर्ज भी है लेकिन गांव के ग्राम पंचायत विकास अधिकारी उसे रोज नये नये बहाने बना कर टरका रहे हैं। सईद ने बताया की वह एक पैर से दिव्यांग है और पूरी बरसात में तिरपाल डाल कर अपने परिवार सहित उसके नीचे जीवन यापन किया है। इस संबंध में वह विकास विभाग के अफसरों के यहां चक्कर काट कर थक चुका है। जांच करने के नाम पर उसका उत्पीड़न किया जा रहा है। अब सर्दी शुरू होने वाली है। उसके पांच छोटे बच्चे और वह बिना मकान के परेशान हैं। उसके भाई वहीद का भी यही हाल है। वह भी पात्र है लेकिन उसका भी मकान नहीं बनाया जा सका है। उसने जल्द से जल्द मकान बनवाने की मांग की है।
उधर, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी पंकज सैनी ने बताया कि दोनों भाइयों की जांच की गई है, जिसमें जांच टीम को पता चला है कि ये चार भाई हैं और चारों भाइयों के खाताखेड़ी सहारनपुर में मकान है। इस लिहाज से अभी तक ये अपात्र हैं। जांच जारी है अगर दोबारा जांच में सहारनपुर मकान नहीं मिलते हैं तो इनको पात्र माना जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
गागलहेड़ी। प्रधानमंत्री आवास योजना पात्रता सूची में नाम होने के बाद भी आवास ना बनाने की शिकायत पीड़ित दिव्यांग और उसके भाई ने जिलाधिकारी से की है।
पाली गांव निवासी दिव्यांग सईद पुत्र नूरहसन और वहीद ने बताया की उनका प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनना था। उन दोनों का नाम आवास सूची में दर्ज भी है लेकिन गांव के ग्राम पंचायत विकास अधिकारी उसे रोज नये नये बहाने बना कर टरका रहे हैं। सईद ने बताया की वह एक पैर से दिव्यांग है और पूरी बरसात में तिरपाल डाल कर अपने परिवार सहित उसके नीचे जीवन यापन किया है। इस संबंध में वह विकास विभाग के अफसरों के यहां चक्कर काट कर थक चुका है। जांच करने के नाम पर उसका उत्पीड़न किया जा रहा है। अब सर्दी शुरू होने वाली है। उसके पांच छोटे बच्चे और वह बिना मकान के परेशान हैं। उसके भाई वहीद का भी यही हाल है। वह भी पात्र है लेकिन उसका भी मकान नहीं बनाया जा सका है। उसने जल्द से जल्द मकान बनवाने की मांग की है।
उधर, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी पंकज सैनी ने बताया कि दोनों भाइयों की जांच की गई है, जिसमें जांच टीम को पता चला है कि ये चार भाई हैं और चारों भाइयों के खाताखेड़ी सहारनपुर में मकान है। इस लिहाज से अभी तक ये अपात्र हैं। जांच जारी है अगर दोबारा जांच में सहारनपुर मकान नहीं मिलते हैं तो इनको पात्र माना जाएगा।
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