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राजकीय आईटीआई में ताला जड़कर जताया रोष
Updated Thu, 15 Mar 2018 12:24 AM IST
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सहारनपुर। उत्तर प्रदेश प्राइवेट आईटीआई एसोसिएशन पदाधिकारियों ने बुधवार को राजकीय आईटीआई में ताला जड़कर प्रदर्शन किया। निजी आईटीआई के संचालक फीस कम करने और शुल्क प्रतिपूर्ति बंद करने का विरोध कर रहे हैं। उनकी मांग है कि राज्य सरकार से अपना निर्णय वापस लेकर फीस और शुल्क प्रतिपूर्ति को पूर्व कर तरह लागू करे।
बुधवार को राजकीय आईटीआई में प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे डॉ. अशोक मलिक ने कहा कि सरकार निजी आईटीआई को बंद करा देना चाहती है। यही वजह है कि 16500 की फीस को एक दम खत्म कर दिया है। विद्यार्थियों की शुल्क प्रतिपूर्ति का पैसा भी बंद कर दिया गया है। यदि निजी आईटीआई बंद हुईं तो लाखों विद्यार्थी शिक्षा से वंचित हो जाएंगे। यदि सरकार फीस बढ़ाना नहीं चाहती है तो निजी आईटीआई को अधिग्रहीत कर शिक्षकों को वेतन देना शुरू करे और आईटीआई को खुद चलाए। संजय गुप्ता और सीपी सिंह ने सरकार के कदम की निंदा की। प्रदर्शनकारियों में नीरज कुमार, गुलाब सिंह, मोहित काम्बोज, सोविंद्र, संदीप, विपिन, मनोज, राजेंद्र, संजय राणा, हेम सिंह, देव गौतम, अरविंद, मनोज कुमार, जेपी आशीष, अमित, महेश आदि शामिल रहे।
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बुधवार को राजकीय आईटीआई में प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे डॉ. अशोक मलिक ने कहा कि सरकार निजी आईटीआई को बंद करा देना चाहती है। यही वजह है कि 16500 की फीस को एक दम खत्म कर दिया है। विद्यार्थियों की शुल्क प्रतिपूर्ति का पैसा भी बंद कर दिया गया है। यदि निजी आईटीआई बंद हुईं तो लाखों विद्यार्थी शिक्षा से वंचित हो जाएंगे। यदि सरकार फीस बढ़ाना नहीं चाहती है तो निजी आईटीआई को अधिग्रहीत कर शिक्षकों को वेतन देना शुरू करे और आईटीआई को खुद चलाए। संजय गुप्ता और सीपी सिंह ने सरकार के कदम की निंदा की। प्रदर्शनकारियों में नीरज कुमार, गुलाब सिंह, मोहित काम्बोज, सोविंद्र, संदीप, विपिन, मनोज, राजेंद्र, संजय राणा, हेम सिंह, देव गौतम, अरविंद, मनोज कुमार, जेपी आशीष, अमित, महेश आदि शामिल रहे।
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