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....बेटा जब परदेस को जाए मां रोया करती है
Updated Sun, 04 Mar 2018 12:52 AM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था भारतीय सांस्कृतिक संगम की काव्य गोष्ठी में कवियों ने होली पर शानदार रचनाएं प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मोहल्ला लहसवाड़ा में आदेश चौहान के आवास पर आयोजित काव्य गोष्ठी में बलराज मलिक ने रचना प्रस्तुत करते हुए कहा..इन सियासी चेहरों की सूरत बदलनी चाहिए, भूखमरी और मुफलिसी की शाम ढलनी चाहिए। डा. दिलशाद खुशतर ने कहा..आके होली यह हमसे कहती है, आओ रंग जाएं प्यार के रंग में। डा. दिवाकर गर्ग ने कहा..नफरत के हर अंगारे में प्रेम फुहार कराएंगे, प्यार का रंग हो सबसे ऊपर होली आज मनाएंगे। युवा कवि डा. महताब आजाद ने कुछ यूं कहा..अमन का चमन है भारत अपना, नफरत न हो ये बताओ होली में। अब्दुल्ला राज ने कहा..अगर सिर की जरूरत है तो फिर सिर भी काट कर हम, वतन के वास्ते हर रास्ता आसान कर देंगे। तनवीर अजमल ने कहा..होली की है बरसात ये प्यार का रंग है, प्यार मोहब्बत के ये इजहार के रंग हैं। मोहित लांबा ने कहा..रंग उड़े धरती अंबर और घरों गलियारों में, मन के सारे काले कोने बदल दे आ उजियारों में। शमीम किरतपुरी काम अच्छा है मेरे यार पकौड़े बेची, ये तरक्की के हैं आसार पकौडे़ बेचो। अध्यक्षता कर रहे श्री त्रिपुर मां बाला सुंदरी सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष पंडित सतेंद्र शर्मा ने विचार रखते हुए कहा..बेटा जब परदेस को जाए मां रोया करती है, इतना प्यार करेगा कौन जितना मां करती है सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इससे पूर्व संस्था के पदाधिकारियों ने पंडित सतेंद्र शर्मा को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। संचालन तनवीर अजमल ने किया। इस मौके पर सुनील कुमार, पवन मलिक, सुधीर चौहान, संजय धीमान, हर्ष कुमार, अंकित चौहान, सुधीर कुमार, मनोज कुमार, प्रियांशु चौहान आदि मौजूद रहे।
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मोहल्ला लहसवाड़ा में आदेश चौहान के आवास पर आयोजित काव्य गोष्ठी में बलराज मलिक ने रचना प्रस्तुत करते हुए कहा..इन सियासी चेहरों की सूरत बदलनी चाहिए, भूखमरी और मुफलिसी की शाम ढलनी चाहिए। डा. दिलशाद खुशतर ने कहा..आके होली यह हमसे कहती है, आओ रंग जाएं प्यार के रंग में। डा. दिवाकर गर्ग ने कहा..नफरत के हर अंगारे में प्रेम फुहार कराएंगे, प्यार का रंग हो सबसे ऊपर होली आज मनाएंगे। युवा कवि डा. महताब आजाद ने कुछ यूं कहा..अमन का चमन है भारत अपना, नफरत न हो ये बताओ होली में। अब्दुल्ला राज ने कहा..अगर सिर की जरूरत है तो फिर सिर भी काट कर हम, वतन के वास्ते हर रास्ता आसान कर देंगे। तनवीर अजमल ने कहा..होली की है बरसात ये प्यार का रंग है, प्यार मोहब्बत के ये इजहार के रंग हैं। मोहित लांबा ने कहा..रंग उड़े धरती अंबर और घरों गलियारों में, मन के सारे काले कोने बदल दे आ उजियारों में। शमीम किरतपुरी काम अच्छा है मेरे यार पकौड़े बेची, ये तरक्की के हैं आसार पकौडे़ बेचो। अध्यक्षता कर रहे श्री त्रिपुर मां बाला सुंदरी सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष पंडित सतेंद्र शर्मा ने विचार रखते हुए कहा..बेटा जब परदेस को जाए मां रोया करती है, इतना प्यार करेगा कौन जितना मां करती है सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इससे पूर्व संस्था के पदाधिकारियों ने पंडित सतेंद्र शर्मा को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। संचालन तनवीर अजमल ने किया। इस मौके पर सुनील कुमार, पवन मलिक, सुधीर चौहान, संजय धीमान, हर्ष कुमार, अंकित चौहान, सुधीर कुमार, मनोज कुमार, प्रियांशु चौहान आदि मौजूद रहे।
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