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रिहायशी इलाकों में जहर उगल रहे 10 हजार उद्योग, विभाग बेपरवाह

Sun, 09 Feb 2020 11:36 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 09 Feb 2020 11:36 PM IST
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10 thousand industries spewing poison in residential areas, department neglected
रिहायशी इलाकों में जहर उगल रहे 10 हजार उद्योग, विभाग बेपरवाह
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सहारनपुर। शहर के रिहायशी इलाकों में 10 हजार औद्योगिक इकाइयां जहर उगल रही हैं, लेकिन जिले के सरकारी विभाग इसके प्रति बिल्कुल भी गंभीर नहीं हैं। प्रदेश सरकार ने नगर निगम समेत कई विभागों से ऐसी औद्योगिक इकाइयों पर कार्रवाई के लिए सूची मांगी थी, लेकिन किसी भी विभाग ने सूची भेजना तो दूर, इस पर कोई काम तक नहीं किया है। ऐसे में शहर के लोग जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर हैं, साथ ही भूगर्भ भी दूषित हो रहा है।
एनजीटी की मंशा है कि रिहायशी इलाकों में चल रहीं औद्योगिक इकाइयों को या तो बाहर शिफ्ट किया जाए या फिर बंद कराया जाए। शहरी क्षेत्र में यहां भी बड़ी संख्या में ऐसी इकाइयां चल रही हैं, जो जल, वायु और अन्य तरह के प्रदूषण फैला रही हैं। एनजीटी के आदेश पर शासन ने 30 अक्तूबर 2019 को सभी नगर निकायों, आवास एवं शहरी नियोजन, ऊर्जा, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास पंचायती राज विभाग को पत्र लिखकर औद्योगिक इकाइयों के बारे में जानकारी देने को कहा था। यह सूचना उत्तर प्रदेश नियंत्रण बोर्ड की ईमेल आईडी cco4@uppcb.com पर भेजनी थी। मगर सहारनपुर द्वारा करीब तीन माह बाद भी सूचना नहीं भेजी गई है। मामले को लेकर एनजीटी में छह फरवरी को सुनवाई हुई। इसमें जिसमें प्रदेश सरकार के अधिकारियों से जवाब मांगा गया। पक्ष रखने के लिए शासन ने संबंधित विभागों को रिमाइंडर भेजकर जानकारी देने को कहा है। जवाब में नगर निगम सहारनपुर ने पत्र भेजा है, जिसमें अब भी यही कहा गया है कि अभी औद्योगिक इकाइयों को चिह्नित किया जा रहा है।
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ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के हिसाब से शहरी क्षेत्र में 10 हजार से अधिक औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं। प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों की सूची प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भेज दी जाती है, क्योंकि उनको एनओसी वहीं से मिलती है।
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- सिद्धार्थ यादव, उपायुक्त, उद्योग
रिहायशी इलाकों में संचालित औद्योगिक इकाइयों की जानकारी नगर निगम के पास होगी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है। रही बात प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों की, तो रिहायशी इलाकों में किसी भी ऐसी इकाई को एनओसी नहीं दी जाती है। जो भी इकाइयां हैं, वे पहले से चल रही होंगी। समय-समय पर कार्रवाई भी हमारे द्वारा की जाती है।

- एसआर मौर्य, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
रिहायशी इलाकों में कितनी औद्योगिक इकाइयां हैं, इसकी जानकारी नगर निगम को नहीं होती, क्योंकि नगर निगम औद्योगिक इकाइयों को लाइसेंस जारी नहीं करता है। जो भी इकाई होती है, नगर निगम उनसे केवल टैक्स वसूलता है।
- विनय कुमार शर्मा, कर अधीक्षक
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