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Saharanpur News: कोरोना के बहाने निकले, फिर लौटकर नहीं आए 10 कैदी

Wed, 15 Jul 2026 12:39 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Wed, 15 Jul 2026 12:39 AM IST
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10 prisoners who left citing the coronavirus did not return.
सहारनपुर। कोरोना तो कब का खत्म हो गया, लेकिन कोरोना काल में पैरोल पर निकले 10 कैदी आज तक जेल नहीं लौटे। पांच साल बीत गए, पुलिस की फाइलों में तलाश जारी है और कैदी लापता हैं। जेल प्रशासन पत्र पर पत्र भेजता रहा, पुलिस घरों तक पहुंची, लेकिन न कैदी मिले और न ही उनका कोई सुराग। सवाल यह है कि जब पैरोल की मियाद खत्म हो गई थी तो उन्हें वापस लाने की जिम्मेदारी आखिर किसकी थी। इतना समय बीतने के बाद भी कैदियों का अता-पता नहीं है।
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दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शासन ने कोरोना काल के दौरान जेल में भीड़ कम करने के लिए 45 कैदी और बंदियों को छोड़ा था। यह सभी 2021 में छोड़े गए थे। इनमें से 35 ऐसे बंदी-कैदी थे, जो कोर्ट की विधिक कार्रवाई के माध्यम से रिहा हुए थे, जबकि 10 कैदी पैरोल पर छोड़े गए थे। इनकी पैरोल अवधि आठ सप्ताह की थी, लेकिन बाद में कोरोना का प्रकोप को देखते हुए पैरोल बढ़ा दी गई। समय अवधि समाप्त होने के बाद सभी कैदियों को वापस आना था। तब से लेकर अब तक कैदी नहीं लौटे हैं।
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जेल प्रशासन ने संबंधित जिलों के जिलाधिकारी और एसएसपी को पत्र भेजकर मामले की सूचना दी गई। पुलिस अलर्ट हुई। संबंधित थाना क्षेत्र की पुलिस ने कैदी के गांव पहुंचकर घर पर तलाश की, लेकिन कोई भी कैदी घर पर नहीं मिला। परिवार के लोगों से उन्होंने कोई संपर्क नहीं किया। यह कैदी मेहनत मजदूरी कर रहे हैं या फिर किसी अपराध में शामिल हैं, इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिल रही है। यह सभी कैदी सात साल से कम सजा के अपराध में जेल में बंद थे। पुलिस के लिए भी सिरदर्द बने हुए हैं।
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-- इन क्षेत्रों के कैदी नहीं आए वापस
सहारनपुर में बेहट, मिर्जापुर, चिलकाना और रामपुर मनिहारान थाना क्षेत्र का एक-एक और जनकपुरी थाना क्षेत्र के दो कैदी शामिल हैं। इनके अलावा आजमगढ़ में अतरौली, फैजाबाद में मवई चौराहा, हरदोई में सलीमा चौराहा और शामली में झिंझाना थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं।


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कई बार संबंधित जिलों को पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन अभी तक कैदियों का कोई पता नहीं चल पाया है। इनमें सहारनपुर के अलावा चार अन्य जिलों के रहने वाले भी हैं।

- आलोक सिंह, जेल अधीक्षक
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